{"_id":"6255bb7c78e819792e0a969e","slug":"illegale-transformer-stablish-in-haweliya-khas-basti-news-gkp4331535120","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोता रहा विद्युत निगम, हवेलिया खास में तैयार हो गई 27 खंभों की अवैध लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोता रहा विद्युत निगम, हवेलिया खास में तैयार हो गई 27 खंभों की अवैध लाइन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोता रहा विद्युत निगम, हवेलिया खास में तैयार हो गई 27 खंभों की अवैध लाइन
बस्ती। विद्युत वितरण निगम में अवैध लाइन निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर से लगे हवेलिया खास में एक आवासीय प्लाट पर करीब 27 खंभे की अवैध बिजली लाइन का निर्माण करा दिया गया और विद्युत निगम सोता रहा। मामले को खुले हुए करीब साल भर हो गया। लेकिन, विद्युत निगम अभी तक इसकी जांच नहीं करा पाया। वहीं, विद्युत वितरण खंड प्रथम इसे खंड तृतीय का बताकर मामले से पल्ला झाड़ चुका है।
गौरतलब है कि हवेलिया खास स्थित एक निजी स्कूल के पीछे अवैध लाइन का निर्माण कराया गया है। स्कूल को बिजली कनेक्शन विद्युत वितरण खंड प्रथम के उपखंड अमहट ने जारी किया है। स्कूल के ठीक पीछे निजी जमीन पर आवासीय प्लाट विकसित किए गए हैं। जहां करीब आठ खंभों को 11 हजार लाइन और 19 खंभों की एलटी लाइन का निर्माण कराकर 100 केवी का ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित कर दिया गया है। लाइन की अनुमानित कीमत 10 लाख से ऊपर बताई जा रही है। इसे स्कूल की 11 हजार लाइन से चार्ज करने के लिए खंभा और जंफर भी बना दिया गया है। लेकिन, अमहट एसडीओ की सक्रियता के कारण लाइन चार्ज नहीं किया जा सका।
रुटीन जांच में एसडीओ ने पकड़ा था मामला
अमहट उपखंड अधिकारी मनोज कुमार यादव बताते हैं कि करीब साल भर पहले क्षेत्र में लाइनों और उपभोक्ताओं की रुटीन जांच में हवेलिया खास की ओर गए। जहां एक निजी स्कूल के पीछे आवासीय प्लाट में नवनिर्मित लाइन दिखी जिसके खंभों पर पीछे रंग की पुताई की गई थी। यह लाइन हमारे उपखंड के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इसकी जानकारी तुरंत अधिशासी अभियंता को दी गई। विद्युत वितरण खंड प्रथम अधिशासी अभियंता संतोष कुमार बताते हैं कि यह लाइन जहां स्थित है वह क्षेत्र वितरण खंड तृतीय में आता है। जिसकी जानकारी खंड तृतीय को पत्र लिखकर उपलब्ध करा दी गई है। विद्युत वितरण खंड तृतीय अधिशासी अभियंता व जिले के सौभाग्य योजना के नोडल अधिकारी हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि जिस प्लाट पर अवैध लाइन का निर्माण कराया गया है। वह हमारे खंड के क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। इसलिए जांच कराना हमारे लिए संभव नहीं है। इस लाइन का निर्माण सौभाग्य योजना के तहत भी नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
दोनों वितरण खंडों से मांगी जा रही है रिपोर्ट
मुख्य अभियंता एमके अग्रवाल ने बताया कि यह गंभीर मामला है। इस पर दोनों वितरण खंडों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। जल्द टीम गठित करके हर पहलू पर जांच कराई जाएगी। जांच में दो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बस्ती। विद्युत वितरण निगम में अवैध लाइन निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर से लगे हवेलिया खास में एक आवासीय प्लाट पर करीब 27 खंभे की अवैध बिजली लाइन का निर्माण करा दिया गया और विद्युत निगम सोता रहा। मामले को खुले हुए करीब साल भर हो गया। लेकिन, विद्युत निगम अभी तक इसकी जांच नहीं करा पाया। वहीं, विद्युत वितरण खंड प्रथम इसे खंड तृतीय का बताकर मामले से पल्ला झाड़ चुका है।
गौरतलब है कि हवेलिया खास स्थित एक निजी स्कूल के पीछे अवैध लाइन का निर्माण कराया गया है। स्कूल को बिजली कनेक्शन विद्युत वितरण खंड प्रथम के उपखंड अमहट ने जारी किया है। स्कूल के ठीक पीछे निजी जमीन पर आवासीय प्लाट विकसित किए गए हैं। जहां करीब आठ खंभों को 11 हजार लाइन और 19 खंभों की एलटी लाइन का निर्माण कराकर 100 केवी का ट्रांसफॉर्मर भी स्थापित कर दिया गया है। लाइन की अनुमानित कीमत 10 लाख से ऊपर बताई जा रही है। इसे स्कूल की 11 हजार लाइन से चार्ज करने के लिए खंभा और जंफर भी बना दिया गया है। लेकिन, अमहट एसडीओ की सक्रियता के कारण लाइन चार्ज नहीं किया जा सका।
विज्ञापन
रुटीन जांच में एसडीओ ने पकड़ा था मामला
अमहट उपखंड अधिकारी मनोज कुमार यादव बताते हैं कि करीब साल भर पहले क्षेत्र में लाइनों और उपभोक्ताओं की रुटीन जांच में हवेलिया खास की ओर गए। जहां एक निजी स्कूल के पीछे आवासीय प्लाट में नवनिर्मित लाइन दिखी जिसके खंभों पर पीछे रंग की पुताई की गई थी। यह लाइन हमारे उपखंड के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इसकी जानकारी तुरंत अधिशासी अभियंता को दी गई। विद्युत वितरण खंड प्रथम अधिशासी अभियंता संतोष कुमार बताते हैं कि यह लाइन जहां स्थित है वह क्षेत्र वितरण खंड तृतीय में आता है। जिसकी जानकारी खंड तृतीय को पत्र लिखकर उपलब्ध करा दी गई है। विद्युत वितरण खंड तृतीय अधिशासी अभियंता व जिले के सौभाग्य योजना के नोडल अधिकारी हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि जिस प्लाट पर अवैध लाइन का निर्माण कराया गया है। वह हमारे खंड के क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। इसलिए जांच कराना हमारे लिए संभव नहीं है। इस लाइन का निर्माण सौभाग्य योजना के तहत भी नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
दोनों वितरण खंडों से मांगी जा रही है रिपोर्ट
मुख्य अभियंता एमके अग्रवाल ने बताया कि यह गंभीर मामला है। इस पर दोनों वितरण खंडों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। जल्द टीम गठित करके हर पहलू पर जांच कराई जाएगी। जांच में दो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।