फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   If the system of surgery and ultrasound is improved, then there will be patient mafia.

Basti News: सर्जरी, अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था सुधरे तो मरीज माफिया को लग सकता है झटका

Fri, 26 Jul 2024 02:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 26 Jul 2024 02:25 AM IST
विज्ञापन
If the system of surgery and ultrasound is improved, then there will be patient mafia.
जिला अस्पताल : दो साल से नहीं हो पा रहा डिजिटल एक्सरे, अस्पताल प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
विज्ञापन

15 दिन से अधिक हो गए, नहीं बन पाई ओटी में स्थापित सीआर्म और ऑटो क्लेब मशीन
संवाद न्यूज एजेेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में मरीज माफिया की फिर तूती बोलने लगी है। यहां जांच, इलाज और ऑपरेशन की व्यवस्था ठप है। केवल सामान्य मरीजों का इलाज हो पा रहा है। यदि जांच और ऑपरेशन की व्यवस्था में सुधार हो जाए तो मरीज माफिया काे तगड़ा झटका लग सकता है। मगर, अस्पताल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को बरगला कर मरीज माफिया निजी नर्सिंग होम पहुंचा रहे हैं।
जिला अस्पताल में इन दिनों सर्जरी केस वाले मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। ऑपरेशन थियेटर की मशीन खराब होने से चिकित्सक सर्जरी केस संभालने से हाथ खड़े कर दे रहे हैं। खासकर हड्डी टूटने पर मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। अस्पताल से अल्ट्रासाउंड जांच और डिजिटल एक्सरे की सुविधा छिन गई है। इससे गंभीर मरीजों को जांच के लिए बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
विज्ञापन

अस्पताल की इन कमियों का लाभ मरीज माफिया उठा रहे हैं। वह ऐसे मरीजों को मदद के बहाने निजी नर्सिंग होम चलने की सलाह देते हैं। त्वरित इलाज की आस में मरीज और तीमारदार उनके झांसे आ रहे हैं। जिला अस्पताल में यह खेल लंबे समय से चल रहा है। जिम्मेदार यह सब जानते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अस्पताल की ओटी में एक साथ दो मरीजों की सर्जरी की व्यवस्था है। मगर, यहां 15 दिन से अधिक समय बीत गया सर्जरी नहीं हो पा रही है। ओटी में लगी सी-आर्म मशीन खराब चल रही है। जबकि इसी मशीन के जरिये आर्थों सर्जरी संभव हो पाती है। ऐसे में चिकित्सक लाचार है। वह सर्जरी के मरीजों को मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दे रहे हैं।
आर्थों विभाग में केवल प्लास्टर एवं ड्रेसिंग का कार्य हो पा रहा है। एक सप्ताह पहले मशीन दुरुस्त करने के लिए बाहर से इंजीनियर बुलाए गए थे, लेकिन ठीक नहीं हो सकी। ओटी कक्ष के बाहर ड्रेसिंग रूम में रखी गई आटो क्लेव मशीन भी खराब हो चुकी है। इससे ड्रेसिंग एवं सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, काटन आदि का शुद्धीकरण (स्ट्रालाइजेशन) नहीं हो पा रहा है। इससे सामान्य सर्जरी में भी कठिनाई आ रही है। ऑपरेशन थियेटर लगभग 20 दिनों से बंद चल रहा है।
...
रेडियोलॉजिस्ट नहीं, कैसे हो अल्ट्रासाउंड जांच
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था एक दशक पहले बनी थी। कुछ सालों तक मरीजों काे इसका लाभ मिलता रहा। मगर, बीच-बीच में यह व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। साल भर से अल्ट्रासाउंड जांच फिर नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में यहां रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इससे अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा हुआ है। पेट से संबंधित रोगियों का मुकम्मल इलाज इस जांच के अभाव में नहीं हो पा रहा है। ऐसे मरीजों को चिकित्सक बाहर से अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह देते हैं।
...
डिजिटल एक्स-रे की भी सुविधा नहीं
जिला अस्पताल की ओपीडी में आठ साल पहले डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित कराई गई थी। मगर, इसका संचालन कुछ दिनों के बाद ठप हो गया। जबकि आर्थों एवं चेस्ट से संबंधित मरीजों के इलाज में डिजिटल एक्स-रे एडवांस जांच है। इससे हड्डी टूटने एवं चेस्ट में संक्रमण के दौरान स्पष्ट जानकारी मिलती है। इसके आधार पर चिकित्सक सटीक उपचार करते हैं। सामान्य एक्स-रे से ही मरीजों का इलाज हो पा रहा है। जरूरत पड़ने पर डिजिटल एक्स-रे के लिए मरीजों को बाहर भेज दिया जा रहा है।
...
प्रतिदिन 800 से एक हजार मरीजों की आवक
जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ओपीडी में मिलाकर प्रतिदिन 800 से 1000 मरीज पहुंचते हैं। 300 शैय्या के इस अस्पताल में बमुश्किल 200 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। आजकल सर्जिकल वार्ड में मरीज नहीं भर्ती हो पा रहे हैं। ऑपरेशन न हा पाने से मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है। प्रतिदिन ऑपरेशन के लिए आने वाले 5 से 6 मरीज रेफर किए जा रहे हैं।
...
कोट
आर्थों सर्जरी में सी-आर्म मशीन की अहम भूमिका होती है। इसके बगैर हड्डी का ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है। कृत्रिम उपकरण का उपयोग करने में इस मशीन की मदद लेनी पड़ती है। इसलिए गंभीर मरीजों की आर्थो सर्जरी नहीं हो पा रही है। मशीन ठीक कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।

-डॉ. आलोक पांडेय, आर्थो सर्जन
...
ओटी के लिए सी-आर्म मशीन की डिमांड शासन से की गई है। संबंधित आपूर्ति कंपनी के इंजीनियरों को बुलाया गया था। मगर, मशीन को ठीक करने में वह सफल नहीं हो पाए। अल्ट्रासाउंड जांच एवं डिजिटल एक्स-रे जांच के लिए भी पत्राचार किया गया है।
-डॉ. वीके साेनकर, एसआईसी, जिला अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed