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खास खबर.... होमगार्ड ड्यूटी घोटाला: मास्टर रोल में घालमेल
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होमगार्ड
- फोटो : BASTI
होमगार्ड ड्यूटी घोटाला: मास्टर रोल में घालमेल
ड्यूटी के लिए जुगाड़, रिश्वतखोरी का शक में सूबे भर में हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। होमगार्ड जवानों की फर्जी ड्यूटी घोटाले की जांच जल्द शुरू होगी। शासन के निर्देश पर ड्यूटी की फाइलें खंगाली जाएंगी। ताकि, यह पुख्ता किया जा सके कि असल में जितने
होमगार्डों की ड्यूटी रोजाना लगाई जाती है, वे वास्तव में ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं। मास्टर रोल में हस्ताक्षर एवं पर्यवेक्षण अधिकारी की काउंटर साइन भी चेक किया जाएगा। एसपी हेमराज मीणा के मुताबिक इसका विस्तृत दिशा निर्देश जारी होगा
जिले के 1460 होमगार्ड जवानों की ड्यूटी डिमांड के मुताबिक विभिन्न विभागों में लगाई जाती है। इसमें 120 गार्ड जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, 70 मंडलायुक्त कार्यालय के अलावा 35-40 गार्ड कोतवाली, इतने ही पुरानी बस्ती, 25 कारागार, 10 अग्निशमन विभाग में ड्यूटी करते रहे।
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जिसमें अक्तूबर महीने में 25 दिन की जगह कटौती करके 15 दिन की ड्यूटी का आदेश दे दिया गया। पहले से चल रही 1460 दिन में से 409 ड्यूटी दिन कम करना दैनिक आधार पर पारिश्रमिक पाकर परिवार पाल रहे होमगार्ड जवानों को बड़ा झटका लगा। जिसे लेकर जिलों से शासन तक खलबली मच गई थी। दबाव के बीच शासन को निर्णय वापस लेना पड़ा। इस विसंगति के दूर होने के बाद नया घालमेल सामने आ गया। जिसमें ड्यूटी के नाम पर फर्जी मास्टर रोल बनाने की बत सामने आ गई।
बराबरी का दर्जा देते ही आफत शुरू
पुलिस के सिपाही के बराबर होमगार्ड को वेतन देने के न्यायालय के निर्देश के बाद प्रदेश में होमगार्ड का एक दिन का भत्ता 500 रुपये से बढ़कर 672 रुपये कर दिया गया। जिसके बाद विसंगतियां शुरू हो गईं। पहले खजाना खाली होने की दलील देकर ड्यूटी कम करने की कवायद की गई। विरोध होने पर इस फैसले को वापस लिया गया।
थानों में बिना ड्यूटी भुगतान
गौतमबुद्ध नगर जिले में पकड़ी गई गड़बड़ी चौंकाने वाली है। जिसमें थानों पर लगाए गए होमगार्ड जवानों की फर्जी संख्या दिखाई गई। मसलन जिस थाने पर पांच होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई, उनमें केवल एक या दो ही ड्यूटी करते हैं। बाकी का वेतन/मानदेय फर्जी मास्टररोल पर गलत नाम देकर निकाल लिया जाता है। शक है कि सूबे के सभी जिलों में ऐसा ही होगा।
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ड्यूटी के लिए जुगाड़, रिश्वतखोरी का शक में सूबे भर में हो रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। होमगार्ड जवानों की फर्जी ड्यूटी घोटाले की जांच जल्द शुरू होगी। शासन के निर्देश पर ड्यूटी की फाइलें खंगाली जाएंगी। ताकि, यह पुख्ता किया जा सके कि असल में जितने
होमगार्डों की ड्यूटी रोजाना लगाई जाती है, वे वास्तव में ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं। मास्टर रोल में हस्ताक्षर एवं पर्यवेक्षण अधिकारी की काउंटर साइन भी चेक किया जाएगा। एसपी हेमराज मीणा के मुताबिक इसका विस्तृत दिशा निर्देश जारी होगा
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जिले के 1460 होमगार्ड जवानों की ड्यूटी डिमांड के मुताबिक विभिन्न विभागों में लगाई जाती है। इसमें 120 गार्ड जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, 70 मंडलायुक्त कार्यालय के अलावा 35-40 गार्ड कोतवाली, इतने ही पुरानी बस्ती, 25 कारागार, 10 अग्निशमन विभाग में ड्यूटी करते रहे।
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जिसमें अक्तूबर महीने में 25 दिन की जगह कटौती करके 15 दिन की ड्यूटी का आदेश दे दिया गया। पहले से चल रही 1460 दिन में से 409 ड्यूटी दिन कम करना दैनिक आधार पर पारिश्रमिक पाकर परिवार पाल रहे होमगार्ड जवानों को बड़ा झटका लगा। जिसे लेकर जिलों से शासन तक खलबली मच गई थी। दबाव के बीच शासन को निर्णय वापस लेना पड़ा। इस विसंगति के दूर होने के बाद नया घालमेल सामने आ गया। जिसमें ड्यूटी के नाम पर फर्जी मास्टर रोल बनाने की बत सामने आ गई।
बराबरी का दर्जा देते ही आफत शुरू
पुलिस के सिपाही के बराबर होमगार्ड को वेतन देने के न्यायालय के निर्देश के बाद प्रदेश में होमगार्ड का एक दिन का भत्ता 500 रुपये से बढ़कर 672 रुपये कर दिया गया। जिसके बाद विसंगतियां शुरू हो गईं। पहले खजाना खाली होने की दलील देकर ड्यूटी कम करने की कवायद की गई। विरोध होने पर इस फैसले को वापस लिया गया।
थानों में बिना ड्यूटी भुगतान
गौतमबुद्ध नगर जिले में पकड़ी गई गड़बड़ी चौंकाने वाली है। जिसमें थानों पर लगाए गए होमगार्ड जवानों की फर्जी संख्या दिखाई गई। मसलन जिस थाने पर पांच होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई, उनमें केवल एक या दो ही ड्यूटी करते हैं। बाकी का वेतन/मानदेय फर्जी मास्टररोल पर गलत नाम देकर निकाल लिया जाता है। शक है कि सूबे के सभी जिलों में ऐसा ही होगा।