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बूंदाबांदी के बाद हुई झमाझम बारिश

Mon, 02 Jul 2018 11:43 PM IST
basti
basti Updated Mon, 02 Jul 2018 11:43 PM IST
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heavy rain in city00
कलेक्ट्रेट परिसर में भरा पानी। - फोटो : amar ujala
बस्ती। दो दिन से सक्रिय मानसून का असर शहर में सोमवार की दोपहर में दिखा। बूंदाबांदी के बाद झमाझम हुई बारिश से नालियों के सफाई अभियान का सच सबके सामने आ गया। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर पहुंचा तो गलियों में भी नालियां संपर्क मार्गों पर बहती रहीं। 
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बारिश में बीमारियों को खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में नाले और नालियों की सफाई के लिए पालिका परिषद की ओर से सफाई अभियान का रोस्टर जारी किया गया। लेकिन यह सफाई किस स्तर तक हुई इसका पता सोमवार को 11 बजे हुई जबरदस्त बरसात से पता चला। एसपी कार्यालय हो या कलेक्ट्रेट अथवा विकास भवन क्षेत्र हर जहां पानी सड़कों पर ही बहा। नालियां पटी होने से हालत और बदतर हो गए हैं। कटरा, आवास विकास कॉलोनी, तुर्कहिया, पुरानी बस्ती के क्षेत्र हर जगह नालियां ओवरफ्लो ही दिखीं। 
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 दूसरी ओर ग्रामीणांचल में इस बरसात को लोग अनाज की बारिश मान रहे हैं। विक्रमजोत, छावनी, परशुरामपुर, बभनान, हर्रैया, कप्तानगंज, गौर,  भानपुर, रुधौली, मुंडेरवा, बनकटी आदि क्षेत्रों के किसान धान रोपाई में जुटे हैं। क्योंकि बिजली के झटके, सूखे नहर तथा खराब पड़े सरकारी ट्यूवबेल के चलते खेती किसानी की हालत खराब गई थी। मानसूनी बारिश शुरू होते ही लोग धान रोपाई में जुट गए हैं।  
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पारा लुढ़का तो गर्मी से मिली निजात 
अमूमन 40 डिग्री पर बना रहने वाला तापमान अब 30 से 33 डिग्री तक लुढ़क गया है जिससे गर्मी से राहत मिली है। बारिश होने के कारण बिजली पर भी लोड कम हुआ है। जिसके कारण लो-वोल्टेज में भी कमी आई है। मौसम विज्ञानी डॉ. पद्यमाकर त्रिपाठी के मुताबिक अभी ऐसा ही मौसम रहेगा। बारिश भी होगी। जबकि मौसम विभाग की ओर से तीन दिन जबरदस्त बारिश की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी है। दिनभर बूंदाबांदी के चलते बाजारों में सन्नाटा जरूर पसरा है।



भगवान भरोसे तटबंध के लोग, डूबने लगा बेस
दुबौलिया। बरसात शुरू है। घाघरा का जलस्तर भी बढ़ रहा है। लेकिन बारिश के चलते तटबंध का कार्य दो दिन से प्रभावित है। कटरिया-चांदपुर तटबंध के ग्रामीणों की नींद उड़ गई है।  
 रविवार से शुरू हुई रिमझिम बारिश सोमवार को झमाझम में बदल गई। जिसके चलते कटरिया-चांदपुर तटबंध पर फिसलन अधिक होने से मरम्मत कार्य प्रभावित है। नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ रहा है।पिछले 48 घंटे में डेढ मीटर जलस्तर बढ़ने के कारण तटबंध के किनारे बन रहा बेस अब डूबने लगा है। अभी तक एक भी ट्रक बोल्डर नहीं पहुंच सका है। ऐसे में नदी के कटान करने पर बाढ़ खंड विभाग के पास मिट्टी से भरी बोरियों के अलावा कुछ भी नहीं है। बाढ खंड के अधिकारी का कहना है अभी बोल्डर आने मे कम से कम एक सप्ताह लगेगा।  दो दिन से हो रही रुक-रुक कर बरसात के कारण तटबंध पर फिसलन आ गई है। ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी नहीं पहुंच पा रही है जिस के कारण तटबंध के किनारे बोरियों में मिट्टी भर कर बेस बनाने का काम प्रभावित है। तटबंध के किनारे बसे अरून, रामपाल, राम संवारे, छोटे लाल, रामसुमेर, प्रेमधर आदि ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति रही तो बांध कटने से कोई नहीं बचा पाएगा। जो काम मानसून आने से पहले हो जाना चाहिए था वो अब शुरू हो रहा है। तटबंध को भगवान ही बचाएं। इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि बरसात होने से काम में बाधा आ रही है। लोकल एरिया में बारिश होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा है। ऊपर अभी बरसात नहीं हो रही है ऐसे में चिन्ता की कोई बात नहीं है। बोरियों में रोड़ा भरने का काम चल रहा है ।


रुधौली की समस्याएं बारिश में आईं सामने

रुधौली। नगर पंचायत की मुख्य समस्या क्या है इसे जानने के लिए सिर्फ कस्बे में घुस जाएं। दो दिन की बारिश में नालियां ओवरफ्लो कर रहीं। गलियां कीचड़ में सन गईं। विकास के हकीकत को लेकर सोशल मीडिया पर भी आरोप तेज हो गए हैं।
महज दिनों के बरसात में नगर के लगभग सभी संपर्क मार्ग बद से बदतर हो गए। कस्बे के लोग समस्याओं को सोशल मीडिया पर उठाने एवं उस पर बहस करने उतर आए हैं। रविवार भोर से ही जब मानसूनी बारिश ने रंग दिखाना शुरू किया तो रुधौली कस्बा गांव जैसे हालात में दिखा। शिवगुलाम सिंह नगर वार्ड के राहुल सिंह श्रीनेत ने फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर समस्याओं के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए पोस्ट किया है। जिसके बाद कई लोगों के बीच बहस शुरू हो गई। 

किसी प्रकार का बजट नहीं है: अध्यक्ष 
नगर पंचायत के अध्यक्ष धीरसेन निषाद का समस्याओं के बाबत कहना है कि नगर पंचायत में बीते छह माह के कार्यकाल में विकास के लिए सरकार ने किसी प्रकार का कोई बजट ही नहीं दिया है। केंद्र सरकार से एक योजना के तहत करोड़ धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें 50 लाख अवमुक्त हुई है, लेकिन उसे भी अग्रिम आदेश तक प्रयोग में लाने से सख्त मना किया गया है। राज्य वित्त आयोग से मिलने वाले 29 लाख से नगर पंचायत में तैनात संविदा सफाई कर्मियों एवं अन्य संविदा कर्मियों का मानदेय, कार्यालय खर्च एवं कुछ छोटे-छोटे लंबित बकाया भुगतान निपटाए जा रहे हैं।

 
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