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Basti News: मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों की जांच के दौरान भी बनते रहे हैवी डीएल

Thu, 19 Oct 2023 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 19 Oct 2023 12:47 AM IST
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Heavy DL continued to be created even during investigation
- सात ट्रेनिंग सेंटरों में से कोई भी नहीं मिला मानक के अनुरूप
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- अभी तक नहीं भेजी गई जांच रिपोर्ट, 26 अक्तूबर का है इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में संचालित सात मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर मानक के विपरीत संचालित किए जा रहे हैं। शासन से अप्रैल में ही इन ट्रेनिंग सेंटरों की जांच के निर्देश दे दिए गए थे। मगर स्थानीय स्तर पर जांच पूरी नहीं की गई। अलबत्ता जांच अवधि में भी इन्हीं ट्रेनिंग सेंटरों से जारी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आधार पर भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत किए जा रहे, जबकि विभागीय जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि जिले में एक भी ट्रेनिंग सेंटर मानक के अनुरूप नहीं है।
प्रदेश में बढ़ रही मोटर दुर्घटनाओं को लेकर शासन ने अप्रैल में ही मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों का नया मानक निर्धारित कर दिया था। निर्देश दिए गए थे कि जिले स्तर पर इन स्कूलों का निरीक्षण मानक पूरा कराया जाए। मगर विभाग ने इस ओर रुचि नहीं ली। अलबत्ता इन्हीं स्कूलों की ओर से जारी किए जा रहे प्रशिक्षण प्रमाणपत्र पर हर माह हैवी ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत किए जाते रहे हैं। प्रति माह औसतन सौ हैवी ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग से बनाए जा रहे हैं।
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इधर अमर उजाला ने इन ट्रेनिंग सेंटरों की पड़ताल करती हुई रिपोर्ट प्रकाशित की। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। कमिश्नर ने इन ट्रेनिंग स्कूलों के जांच के निर्देश दिए। विभाग ने आनन-फानन में जांच शुरू कराई। आरआई की जांच में सभी ट्रेनिंग स्कूल मानक के विपरीत पाए गए हैं। मगर अभी यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित नहीं है।
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विभाग कर रहा 26 अक्तूबर का इंतजार
परिवहन विभाग मुख्यालय ने मोटर ट्रेनिंग स्कूलों को मानक पूरा करने के लिए 26 अक्तूबर का अंतिम समय दिया है। यदि तब तक मानक पूरा नहीं हुआ तो यह ट्रेनिंग स्कूल स्वत: निरस्त मान लिए जाएंगे। विभाग को इस अवधि का इंतजार है। तर्क दिया जा रहा है कि जिले में संचालित कोई भी ट्रेनिंग स्कूल मानक पूरा नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए 26 अक्तूबर को इनका अस्तित्व स्वत: समाप्त हो जाएगा।
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क्या होगा उनका जिन्हें निर्गत हो गया हैवी डीएल
मानक विहीन स्कूलों से जारी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आधार पर छह माह तक जारी किए गए हैवी डीएल भी एक तरह से संदेह के घेरे में आ गए हैं। विभाग इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। बड़ा सवाल है कि जब विभागीय जांच में खुद इन स्कूलों के मानक विहीन संचालित होने की पुष्टि हुई है, तो जारी हैवी डीएल में संलग्न प्रशिक्षण प्रमाणपत्र कैसे सही माने जाएंगे।
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कोई भी ट्रेनिंग स्कूल मानक के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। एक दो दिन में उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी जाएगी। 26 अक्तूबर तक यदि मानक के अनुरूप यह स्कूल तैयार नहीं किए गए तो इनका लाइसेंस निरस्त हो जाएगा।
-संजय कुमार, आरआई, परिवहन विभाग।
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शासन स्तर से ही ट्रेनिंग स्कूलों को 26 अक्तूबर तक मानक दुरूस्त करने की मोहलत मिली है। इसलिए उनके स्तर से जारी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र इस अवधि में स्वीकार किए गए हैं। जिनका मानक नहीं पूरा होगा उनका लाइसेंस इस अवधि के बाद स्वत: निरस्त माना जाएगा।

-पंकज सिंह, एआरटीओ, बस्ती।
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क्या है ट्रेनिंग स्कूल का मानक
मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल के संचालन के लिए 180 वर्ग फीट में इंटरनेट एवं कंप्यूटर प्रिंटर से सुसज्जित स्वागत एवं कार्यालय कक्ष, 300 वर्ग फीट में कम से कम 30 व्यक्तियों के लिए व्याख्यान कक्ष, इतने ही क्षेत्रफल में मॉडल चार्ट तथा उपकरण, सीमुलेटर कक्ष, पार्किंग, व्याख्यान कक्ष, शौचालय आदि की व्यवस्था अनिवार्य है। जिले में यह स्कूल घरों और दुकानों में चलाए जा रहे हैं।
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