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Basti News: कहीं डॉक्टर गायब, तो कहीं दवा की रही कमी
Mon, 13 Mar 2023 04:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 13 Mar 2023 04:56 PM IST
सार
प्रभारी सीएमओ डॉ. फख्रेयार हुसैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर भरपूर दवाएं भेजी गई हैं। यदि किसी केंद्र पर दवा नहीं है तो प्रभारी चिकित्साधिकारी को डिमांड भेज कर मंगानी चाहिए। यदि बनकटी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ी है, तो यह अनुचित है। संबंधित की जांच कराई जाएगी।
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बनकटी पीएचसी पर लगे मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में डा कुमकुम पांडेय ने मरीज देखा।
विस्तार
बस्ती जिले के 42 उपकेंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में केवल औपचारिकता निभाई गई। आरोग्य मेले में कहीं चिकित्सक नहीं पहुंचे, तो कहीं दवाओं की कमी रही। अमर उजाला टीम ने पीएचसी हरदी व बनकटी की स्थिति को कैमरे की नजर से देखा।
उपकेंद्र हरदी का ताला 10.30 बजे खुला, उसके बाद चिकित्सक पहुंचे, वह भी अकेले। दूसरी तरफ चिकित्सक मेले में मरीजों के इलाज के लिए 1.30 बजे अस्पताल पहुंची। इसी प्रकार बनकटी पीएचसी पर चिकित्सक तो आए, मगर यहां दवा की कमी के चलते मरीजों को केवल सुझाव दिए गए। उन्हें बाहर की दवा लिखी गई।
दुबौला प्रतिनिधि के अनुसार, टीम सुबह 10 बजे पीएचसी हरदी पहुंची, तो यहां ताला लटक रहा था। करीब 10.30 बजे आयुष चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार मिश्र पहुंचे। तभी इसका ताला खोला गया। इसके बाद मरीजों को देखा गया। सबसे पहले साइटिका की मरीज को चिकित्सक ने जांचा। इस केंद्र पर दोपहर 1.00 बजे दूसरी चिकित्सक डॉ. पूनम भारती पहुंचीं, लेकिन तब तक अधिकांश मरीज जा चुके थे।
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केंद्र पर जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मरीजों की जांच के लिए सुझाव दे दिया गया। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में चिकित्सक तो समय पर पहुंचे, मगर यहां दवाओं का अभाव रहा। यहां सर्वाधिक महिलाएं इलाज के लिए पहुंची थीं। क्षेत्र के दौलतपुर के श्रेयांश (4) ने कीटनाशक पी लिया था। जब उन्हें लेकर अस्पताल पर परिजन पहुंचे, तो महिला चिकित्सक डॉ. कुमकुम पांडेय ने जांच पड़ताल के बाद दवा की अनुपलब्धता बताते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
इसी प्रकार खोरिया की 13 वर्षीय बालिका सोनम को भी जहरीले कीड़े ने काट लिया था, उसे भी रेफर कर चिकित्सक ने औपचारिकता निभा दी। यहां पहुंचे मरीज के तीमारदार राजन ने बताया कि सर्दी, जुकाम, खांसी बुखार ग्रस्त बच्चे की दवा कराने आए थे, लेकिन एंटीबायोटिक व सर्दी बुखार की सीरप नहीं मिली। बीमार का इलाज कराना ही है। ऐसे में बाहर से लेना पड़ा।
क्षेत्र के अजय चोटिल होकर पहुंचे थे। उन्हें पट्टी करानी थी, मगर लोशन न मिलने के कारण बाहर से खरीदा गया। चिकित्सक ने उन्हें दवा भी बाहर से लेने के लिए पर्ची थमा दी। इसके अलावा यहां इलाज कराने पहुंचीं फातिमा, सलमान, शर्मिला, प्रियंका, शिखा, शशिकला आदि को भी चिकित्सक ने बाहर से ही दवा लिख दी।
प्रभारी सीएमओ डॉ. फख्रेयार हुसैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर भरपूर दवाएं भेजी गई हैं। यदि किसी केंद्र पर दवा नहीं है तो प्रभारी चिकित्साधिकारी को डिमांड भेज कर मंगानी चाहिए। यदि बनकटी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ी है, तो यह अनुचित है। संबंधित की जांच कराई जाएगी। हरदी उपकेंद्र पर चिकित्सक देरी से पहुंचे हैं तो उन्हें नोटिस दी जाएगी।
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उपकेंद्र हरदी का ताला 10.30 बजे खुला, उसके बाद चिकित्सक पहुंचे, वह भी अकेले। दूसरी तरफ चिकित्सक मेले में मरीजों के इलाज के लिए 1.30 बजे अस्पताल पहुंची। इसी प्रकार बनकटी पीएचसी पर चिकित्सक तो आए, मगर यहां दवा की कमी के चलते मरीजों को केवल सुझाव दिए गए। उन्हें बाहर की दवा लिखी गई।
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दुबौला प्रतिनिधि के अनुसार, टीम सुबह 10 बजे पीएचसी हरदी पहुंची, तो यहां ताला लटक रहा था। करीब 10.30 बजे आयुष चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार मिश्र पहुंचे। तभी इसका ताला खोला गया। इसके बाद मरीजों को देखा गया। सबसे पहले साइटिका की मरीज को चिकित्सक ने जांचा। इस केंद्र पर दोपहर 1.00 बजे दूसरी चिकित्सक डॉ. पूनम भारती पहुंचीं, लेकिन तब तक अधिकांश मरीज जा चुके थे।
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केंद्र पर जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मरीजों की जांच के लिए सुझाव दे दिया गया। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में चिकित्सक तो समय पर पहुंचे, मगर यहां दवाओं का अभाव रहा। यहां सर्वाधिक महिलाएं इलाज के लिए पहुंची थीं। क्षेत्र के दौलतपुर के श्रेयांश (4) ने कीटनाशक पी लिया था। जब उन्हें लेकर अस्पताल पर परिजन पहुंचे, तो महिला चिकित्सक डॉ. कुमकुम पांडेय ने जांच पड़ताल के बाद दवा की अनुपलब्धता बताते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
इसी प्रकार खोरिया की 13 वर्षीय बालिका सोनम को भी जहरीले कीड़े ने काट लिया था, उसे भी रेफर कर चिकित्सक ने औपचारिकता निभा दी। यहां पहुंचे मरीज के तीमारदार राजन ने बताया कि सर्दी, जुकाम, खांसी बुखार ग्रस्त बच्चे की दवा कराने आए थे, लेकिन एंटीबायोटिक व सर्दी बुखार की सीरप नहीं मिली। बीमार का इलाज कराना ही है। ऐसे में बाहर से लेना पड़ा।
क्षेत्र के अजय चोटिल होकर पहुंचे थे। उन्हें पट्टी करानी थी, मगर लोशन न मिलने के कारण बाहर से खरीदा गया। चिकित्सक ने उन्हें दवा भी बाहर से लेने के लिए पर्ची थमा दी। इसके अलावा यहां इलाज कराने पहुंचीं फातिमा, सलमान, शर्मिला, प्रियंका, शिखा, शशिकला आदि को भी चिकित्सक ने बाहर से ही दवा लिख दी।
प्रभारी सीएमओ डॉ. फख्रेयार हुसैन ने कहा कि सभी केंद्रों पर भरपूर दवाएं भेजी गई हैं। यदि किसी केंद्र पर दवा नहीं है तो प्रभारी चिकित्साधिकारी को डिमांड भेज कर मंगानी चाहिए। यदि बनकटी में मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ी है, तो यह अनुचित है। संबंधित की जांच कराई जाएगी। हरदी उपकेंद्र पर चिकित्सक देरी से पहुंचे हैं तो उन्हें नोटिस दी जाएगी।