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धरना के जरिए लेखपालों ने निकाली भड़ास

Fri, 09 Sep 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला बस्ती
अमर उजाला बस्ती Updated Fri, 09 Sep 2016 11:06 PM IST
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He took it out through the picket Lekpalon
प्रदर्शन किया । - फोटो : अमर उजाला
 छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर शुक्रवार को धरने पर बैठे जिले भर के लेखपालों ने ने सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। तहसील अध्यक्ष भानपुर रणवीर सिंह और मंत्री बालकृष्ण उपाध्याय, रूधौली के विद्याधर द्विवेदी व मंत्री अंजनी नंदन शरण, सदर तहसील के अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि लेखपाल अपना हक हर हाल में लेकर रहेगा, जरूरत पड़ी तो इसके लिए जेल तक भी जाएंगे। कहा कि सरकार लेखपालों का आंदोलन लगाने के लिए अस्मा जैसा हथियार का प्रयोग करने पर तुली हुई है। मगर लेखपाल इससे डरने वाले नहीं है।  वक्ताओं ने यह भी कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं की परेशानियां का भी ख्याल नहीं कर रही है। कहा कि जरूरतमंद आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लिए परेशान है, मगर सकार को इसकी जरा भी चिंता नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामसुमेर और संचालन अजय कुमार श्रीवास्तव ने किया।  
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इस मौके पर सतीश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार वर्मा,, विजय पाल, श्याम लाल, गंगाप्रसाद श्रीवास्तव, नंद कुमार श्रीवास्तव, मनोज कुमार शुक्ल, रफीक अहमद, इंदजीत यादव, राजेश्वरी उपाध्याय, सुरेंद्र उपायध्या,  गंगा प्रसाद श्रीवास्तव, जुगुल किशोर वर्मा, मनोज शुक्ल, विजय कुमार श्रीवास्तव, नरेंद्र बहादुर उपाध्याय, रफीक अहमद, अयोध्या प्रसाद, दीनानाथ शुक्ल, मेहीलाल, जियालाल, शिवमूरत, महेंद्र सिंह, शिवनरायन, राम कल्प यादव, बाबूलाल, सुधाकर मिश्र, संजय, सोमन, हरिशंकर, विनोद गुप्त, पंकज श्रीवास्तव, दिनेश कुमार पांडेय, राम जियावन पांडेय, यूनुस खान और ओमप्रकाश भट्ट सहित अन्य मौजूद रहे।
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हड़ताल से 36 हजार जरूरतमंद परेशान 
लेखपालों के हड़ताल के चलते आमजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी नौकरी और छात्रवृत्ति के लिए लोग हो रहे हैं। जिले के चारों तहसीलों में आय, जाति व निवास के 36406 मामले हड़ताल के चलते लंबित हैं। लेखपालों के रिपोर्ट न लगने के कारण प्रकरण लंबित हैं। खतौनी के नकल न मिलने से कईयों की जमानतें नहीं हो पा रही हैं। जेल से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। तहसील और समाधान दिवस के हजारों मामलों का निस्तारण नहीं हो रहा है, जिसके चलते फरियादियों की संख्या कम हो गई। खेतों की पैमाईश न होने से आपसी विवाद बढ़ रहे हैं, जमीनों के बैनामे नहीं हो रहे है। राजस्व की भारी हानि हो रही है।
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जिले के आठ सौ अधिक लेखपाल पिछले 23 अगस्त से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते राजस्व से संबंधित सारे कामकाज ठप्प हो गएं हैं। राजस्व मुकदमों का निस्तारण तक नहीं हो रहा है। जिले भर के लेखपाल पिछले 18 दिन से जिला मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं। तहसीलें सूनी पड़ी हैं। लेखपालों में इससे पहले कभी भी आंदोलन को लेकर इतनी एकता नहीं देखी गई। कोई लेखपाल चोरी छिपे भी काम करने को तैयार नहीं हैं। आय और निवास प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के लिए परेशान कुदरहा के लालचंद्र ने बताया कि वह पिछले एक हफ्ते से रिपोर्ट लगाने के लिए परेशान हैं, उसे नौकरी के लिए प्रमाण पत्र लगाना है। बताया कि हमने लेखपाल को मुंह मांगी रकम देने की पेशकस की मगर लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने से इंकार कर दिया। इसी तरह के जरूरतमंद कई मिल जाएंगे। 

इन तहसीलों पर लंबित हैं मामले
तहसीलों से एकत्रित की गई रिपोर्ट के मुताबिक सदर, हर्रैया, भानपुर और रूधौली तहसील में आय, जाति व निवास के 36406 आवेदन निस्तारण के अभाव में लंबित है। इन सभी में लेखपाल की रिपोर्ट लगनी है। इसमें वे मामले शामिल नहीं है, जो तहसील दिव7स और समाधान दिवस में आएं हैं। बस्ती सदर तहसील में निवास के 3220, आय के 3533 व निवास व जाति के 3023, हर्रैया तहसील में निवास के 4189, आय के 3659 व जाति के 3442, भानपुर तहसील में निवास के 1289, आय के 1224 व जाति के 998 और रूधौली तहसील में निवास के 567, आय के 520 व जाति के 534 आवेदन लंबित है।
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