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अब हामिद पर टिकीं निगाहें
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शमशेर व सलमान सहित कई धंधेबाज भेजे जा चुके हैं जेल
अवैध रेलवे ई-टिकट के धंधे से करोड़ों कमाने और धन से टेरर फंडिंग का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अवैध रेलवे ई-टिकट के धंधे से करोड़ों कमाने और धन से टेरर फंडिंग में नाम आने के बाद बस्ती जिले के कप्तानगंज निवासी हामिद अशरफ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम और जांच एजेंसियाें लगी हुई हैं। गिरफ्तार शमशेर व सलमान से पूछताछ में जांच टीम को पता चला है कि गैंग का संचालन हामिद ही करता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूबे के अलावा बिहार, गुजरात, कोलकाता, मुंबई व कई अन्य महानगरों में नेटवर्क खड़ा कर सुपर सेलर के माध्यम से साफ्टवेयर बेचकर करोड़ों के वारे न्यारे किए जा रहे थे।
जिले में जुलाई 2018 में आरपीएफ ने जब मुंबई के दो यात्रियों के पास आईआरसीटीसी के तत्काल टिकट बरामद करने बाद टीम धंधेबाजों के पीछे लग गई। इसके बाद परत दर परत कलई खुलती गई। पूरे धंधे से टेरर फंडिंग में हामिद का नाम आने पर किरदारों की तलाश में आरपीएफ, पुलिस और विजिलेंस का संयुक्त अभियान लक्ष्य के नजदीक पहुंच चुका है। लगातार ध्वस्त हो रहे नेटवर्क और पूछताछ में कई नाम सामने आ चुके हैं।
आजमगढ़ से तीन गुर्गे पकड़े जाने पर मुहर लग गई कि पूरे नेटवर्क के संचालन का मुखिया बस्ती के कप्तानगंज निवासी हामिद अशरफ ही है। जांच टीम ने बिहार से लगी नेपाल सीमा पर कई दिनों तक नेटवर्क को खंगाला तो कई खाते ट्रेस हुए, जिनसे ई-टिकटिंग के माध्यम से करोड़ों का धंधा हुआ था।
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शुक्रवार को पुलिस ने कभी हामिद का खास रहे शमशेर को पकड़ा तो उसके 10 खातों से एक साल में पांच करोड़ से अधिक का वारा न्यारा होने की जानकारी हुई। शमशेर के पास छह लाख नकद मिले। इससे पहले हामिद ने मीडिया को एक आडियो भेजकर सफाई देकर खुद को इस धंधे से दूर बताते हुए शमशेर व सलमान पर ठीकरा फोड़ा था। सलमान व शमशेर भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पूछताछ में पता चला कि हामिद ने जांच टीम को भ्रमित करने के लिए आडियो जारी किया।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में शमशेर व सलमान सहित अन्य आरोपियों ने कई राज बताए हैं। अब पुलिस की नजर हामिद पर है। आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव ने बताया कि बहुत ही जल्द अच्छा रिजल्ट मिलेगा। टीम अपना काम कर रही है।
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अवैध रेलवे ई-टिकट के धंधे से करोड़ों कमाने और धन से टेरर फंडिंग का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अवैध रेलवे ई-टिकट के धंधे से करोड़ों कमाने और धन से टेरर फंडिंग में नाम आने के बाद बस्ती जिले के कप्तानगंज निवासी हामिद अशरफ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम और जांच एजेंसियाें लगी हुई हैं। गिरफ्तार शमशेर व सलमान से पूछताछ में जांच टीम को पता चला है कि गैंग का संचालन हामिद ही करता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूबे के अलावा बिहार, गुजरात, कोलकाता, मुंबई व कई अन्य महानगरों में नेटवर्क खड़ा कर सुपर सेलर के माध्यम से साफ्टवेयर बेचकर करोड़ों के वारे न्यारे किए जा रहे थे।
जिले में जुलाई 2018 में आरपीएफ ने जब मुंबई के दो यात्रियों के पास आईआरसीटीसी के तत्काल टिकट बरामद करने बाद टीम धंधेबाजों के पीछे लग गई। इसके बाद परत दर परत कलई खुलती गई। पूरे धंधे से टेरर फंडिंग में हामिद का नाम आने पर किरदारों की तलाश में आरपीएफ, पुलिस और विजिलेंस का संयुक्त अभियान लक्ष्य के नजदीक पहुंच चुका है। लगातार ध्वस्त हो रहे नेटवर्क और पूछताछ में कई नाम सामने आ चुके हैं।
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आजमगढ़ से तीन गुर्गे पकड़े जाने पर मुहर लग गई कि पूरे नेटवर्क के संचालन का मुखिया बस्ती के कप्तानगंज निवासी हामिद अशरफ ही है। जांच टीम ने बिहार से लगी नेपाल सीमा पर कई दिनों तक नेटवर्क को खंगाला तो कई खाते ट्रेस हुए, जिनसे ई-टिकटिंग के माध्यम से करोड़ों का धंधा हुआ था।
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शुक्रवार को पुलिस ने कभी हामिद का खास रहे शमशेर को पकड़ा तो उसके 10 खातों से एक साल में पांच करोड़ से अधिक का वारा न्यारा होने की जानकारी हुई। शमशेर के पास छह लाख नकद मिले। इससे पहले हामिद ने मीडिया को एक आडियो भेजकर सफाई देकर खुद को इस धंधे से दूर बताते हुए शमशेर व सलमान पर ठीकरा फोड़ा था। सलमान व शमशेर भी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पूछताछ में पता चला कि हामिद ने जांच टीम को भ्रमित करने के लिए आडियो जारी किया।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में शमशेर व सलमान सहित अन्य आरोपियों ने कई राज बताए हैं। अब पुलिस की नजर हामिद पर है। आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव ने बताया कि बहुत ही जल्द अच्छा रिजल्ट मिलेगा। टीम अपना काम कर रही है।