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Basti News: विनिमय का खेल में हड़प रहे सरकारी जमीन

Thu, 22 May 2025 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 22 May 2025 12:12 AM IST
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Government land is being usurped in the game of exchange
बस्ती। भू-माफियाओं को लेकर शासन सख्त हुआ तो सरकारी और नजूल की जमीन हथियाने के लिए नया तरीका ढूंढ़ लिया है। विभागीय मिलीभगत से सरकारी जमीनों को विनिमय की कार्रवाई कर हड़प लिया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज मार्ग पर स्थित सदर तहसील के जखनी गांव में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां विनिमय प्रक्रिया से मार्ग के किनारे स्थित बेशकीमती उस जमीन को हथिया लिया गया, जिस पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी।
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तत्कालीन हल्का लेखपाल अपनी जांच में अवैध कब्जेदारों को चिह्नित करके कार्रवाई की संस्तुति भी कर चुके हैं। लेकिन, इस मामले में कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने इस मामले में डीएम से शिकायत की है।
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जानकारों की मानें तो विनिमय का मतलब जमीन का तबादला होता है। इसके तहत बेशकीमती सरकारी जमीन कागज में व्यक्ति विशेष के नाम निजी संपत्ति के तौर पर दर्ज हो जाती है और इसके बदले संबंधित व्यक्ति के नाम की जमीन सरकारी भूमि बन जाती है। लेकिन, यह सब कागज में होता है।
धरातल पर सरकारी जमीन के बदले दूसरी जमीन भी नहीं मिलती है। जखनी गांव में मामला सामने आने के बाद वहां के दिलीप कुमार श्रीवास्तव, गुड़िया चौरसिया समेत तमाम नागरिकाें ने इस मामले को लेकर फिर से विरोध करना शुरू कर दिया है।
डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि मुख्य मार्ग के किनारे स्थित गड़ही की जमीन और उसी के बगल स्थित बंजर भूमि को हड़पने की साजिश कई वर्षों से चल रही थी। मिट्टी की पटाई करके गड़ही की जमीन पहले ही कब्जा कर ली गई है। लेकिन, जमीन का कागज न होने की वजह से कब्जेदारों को कार्रवाई का अंदेशा रहता है।

इधर, नई साजिश रचकर पंचायत और राजस्व विभाग की मिलीभगत से संबंधित बंजर भूमि का विनिमय करा दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कार्रवाई गोपनीय ढंग से हुई है। इसके लिए उच्चाधिकारियों का अनुमोदन और डुग्गी- मुरादी अनिवार्य है। शिकायकर्ताओं का कहना है कि तबादले में जिस निजी भूमि को बंजर भूमि के बदले स्थानांतरित किया गया है, वह दूसरों के कब्जे में है। ग्रामीणों ने डीएम ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर इसमें संलिप्त राजस्व कर्मचारी और ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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