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फंदे से झूला छात्र, घर में कोहराम
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फंदे से झूला छात्र, घर में कोहराम
बाबा बोले : मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। टेमा निवासी विजय बहादुर का 13 वर्षीय बेटा करन चौहान ने शनिवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मानसिक रूप से बीमार था, उसका इलाज चल रहा था।
पिता विजय बहादुर मुंबई में मजदूरी करते हैं। घर पर पत्नी सीमा बड़े बेटे करन, नौ वर्षीय बेटा अर्जुन व सबसे छोटी बेटी 11 वर्षीय सौजन्या के साथ रहती हैं। परिजनों ने बताया कि एक साल से करन मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। कक्षा आठ में पढ़ने वाला करन शनिवार को विद्यालय गया और एक बजे घर आ गया। इसके बाद छत पर जाकर अन्य बच्चों के साथ बैठा रहा। परिवार के लोग खेती के काम में बाहर चले गए। शाम को लौटे तो करन को न देखकर ढूंढने लगे। देरशाम जब खाली पडे़ मकान में परिजन गए तो वहां छत की कुंडी से रस्सी के सहारे उसका शव लटका देखा। नगर थाना के एसआई चंद्रकांत पांडेय, कांस्टेबल अरुण शर्मा व अरविंद दुबे ने शव नीचे उतरवाया। बाबा राम शुभग ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि करन का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। इलाज पिछले वर्ष से चल रहा था। इसी बीच यह घटना हो गई।
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बाबा बोले : मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। टेमा निवासी विजय बहादुर का 13 वर्षीय बेटा करन चौहान ने शनिवार शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मानसिक रूप से बीमार था, उसका इलाज चल रहा था।
पिता विजय बहादुर मुंबई में मजदूरी करते हैं। घर पर पत्नी सीमा बड़े बेटे करन, नौ वर्षीय बेटा अर्जुन व सबसे छोटी बेटी 11 वर्षीय सौजन्या के साथ रहती हैं। परिजनों ने बताया कि एक साल से करन मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। कक्षा आठ में पढ़ने वाला करन शनिवार को विद्यालय गया और एक बजे घर आ गया। इसके बाद छत पर जाकर अन्य बच्चों के साथ बैठा रहा। परिवार के लोग खेती के काम में बाहर चले गए। शाम को लौटे तो करन को न देखकर ढूंढने लगे। देरशाम जब खाली पडे़ मकान में परिजन गए तो वहां छत की कुंडी से रस्सी के सहारे उसका शव लटका देखा। नगर थाना के एसआई चंद्रकांत पांडेय, कांस्टेबल अरुण शर्मा व अरविंद दुबे ने शव नीचे उतरवाया। बाबा राम शुभग ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि करन का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। इलाज पिछले वर्ष से चल रहा था। इसी बीच यह घटना हो गई।
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