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घाघरा एक बार फिर उफान पर
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Mon, 08 Aug 2016 11:35 PM IST
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विक्रमज जोत के कल्याणपुर के पास कटान के कारण कटा ठोकर ।
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दो दिन में 26 सेमी. घटने के बाद सोमवार को घाघरा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा। सोमवार दोपहर तीन बजे तक नदी दो सेमी बढ़कर 92.075 मीटर पर थी। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय ने देर रात तक जलस्तर 12 सेमी. और बढ़ने की संभावना जताई है। तटबंधों से सटे गांवों में कटान जारी है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक घाघरा अब और खतरनाक हो गई है। दो दिन में जलस्तर 92:630 मीटर पर पहुंच गया था। सोमवार की शाम पांच बजे जलस्तर खतरे के निशान से ढाई सेमी ऊपर 92:755 सेमी. पर पहुंच गया। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता दयाशंकर सिंह का कहना है कि बार-बार बढ़ने घटने से कटान का दायरा बढ़ गया है। बांध से सटे गांव मुंडेरीपुर, गौरियानैन, बाघा
नाला, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, संदलपुर, छतौना, भदोई, केशवपुर, रानीपुर, कठवनिया, रामनगर, चांदपुर में कटान जारी है। कल्याणपुर, भरथापुर में हर दिन रोज कुछ न कुछ हिस्सा कटता है। यहां के तीन ठोकरों का मरम्मत कार्य भी कई दिनों से बंद है जिससे लोग दहशत में हैं। बाढ़ खंड के खिलाफ नाराजगी भी है।
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ठोकर एक में बीते 24 घंटे में इसे काफी नुकसान हुआ है। इसका नोज पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। तल से नीचे की मिट्टी काट कर पूरे स्पर को कमजोर कर चुकी धारा कभी भी इसे नेस्ताबूत कर सकती है। स्थिति भांपकर अधिकारियों ने इसे बचाने में पूरी ताकत झोंक दी है। घाघरा के सप्ताह भर में कई बार घटने बढ़ने से तटीय गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन धारा में समा चुकी है। शनिवार को कुछ ग्रामीणों को टार्च बाटी गई थी। इसके अलावा प्रशासन से कोई मदद नहीं पहुंची है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के धरमूपुर एहतमाली व देवरागंग बरार गांव के पास घाघरा नदी कटान कर रही है। राशन लेने के लिए लोग नाव से कस्बे में आ रहे हैं। वहीं चांदपुर व पारा गांव के पास नदी वीडी बांध के बगल धारा बहने होने से बांध संवेदनशील बना हुआ है।
गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक नदी का जल स्तर घटते ही पिपरपाती बंधे का स्पर नं. पांच पर नदी का दबाव बना है। लगभग तीन से चार मीटर नोज बैठ गया है। कटान पर कंट्रोल नहीं होने से मटियरिया गांव पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन कटान रोकने में विफल है। इनके पास बोल्डर मुहैया नहीं हो पा रहा है।
बाढ़ खंड के अवर अभियंता खलीक अहमद ने बताया कि बोल्डर की सप्लाई नहीं आ रही है लेकिन पड़ोस से मंगाया जा रहा है खतरे की कोई बात नहीं है।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक घाघरा अब और खतरनाक हो गई है। दो दिन में जलस्तर 92:630 मीटर पर पहुंच गया था। सोमवार की शाम पांच बजे जलस्तर खतरे के निशान से ढाई सेमी ऊपर 92:755 सेमी. पर पहुंच गया। बाढ़ कार्य खंड के सहायक अभियंता दयाशंकर सिंह का कहना है कि बार-बार बढ़ने घटने से कटान का दायरा बढ़ गया है। बांध से सटे गांव मुंडेरीपुर, गौरियानैन, बाघा
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नाला, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, संदलपुर, छतौना, भदोई, केशवपुर, रानीपुर, कठवनिया, रामनगर, चांदपुर में कटान जारी है। कल्याणपुर, भरथापुर में हर दिन रोज कुछ न कुछ हिस्सा कटता है। यहां के तीन ठोकरों का मरम्मत कार्य भी कई दिनों से बंद है जिससे लोग दहशत में हैं। बाढ़ खंड के खिलाफ नाराजगी भी है।
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ठोकर एक में बीते 24 घंटे में इसे काफी नुकसान हुआ है। इसका नोज पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। तल से नीचे की मिट्टी काट कर पूरे स्पर को कमजोर कर चुकी धारा कभी भी इसे नेस्ताबूत कर सकती है। स्थिति भांपकर अधिकारियों ने इसे बचाने में पूरी ताकत झोंक दी है। घाघरा के सप्ताह भर में कई बार घटने बढ़ने से तटीय गांवों की सैकड़ों बीघा जमीन धारा में समा चुकी है। शनिवार को कुछ ग्रामीणों को टार्च बाटी गई थी। इसके अलावा प्रशासन से कोई मदद नहीं पहुंची है।
दुबौलिया प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के धरमूपुर एहतमाली व देवरागंग बरार गांव के पास घाघरा नदी कटान कर रही है। राशन लेने के लिए लोग नाव से कस्बे में आ रहे हैं। वहीं चांदपुर व पारा गांव के पास नदी वीडी बांध के बगल धारा बहने होने से बांध संवेदनशील बना हुआ है।
गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक नदी का जल स्तर घटते ही पिपरपाती बंधे का स्पर नं. पांच पर नदी का दबाव बना है। लगभग तीन से चार मीटर नोज बैठ गया है। कटान पर कंट्रोल नहीं होने से मटियरिया गांव पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन कटान रोकने में विफल है। इनके पास बोल्डर मुहैया नहीं हो पा रहा है।
बाढ़ खंड के अवर अभियंता खलीक अहमद ने बताया कि बोल्डर की सप्लाई नहीं आ रही है लेकिन पड़ोस से मंगाया जा रहा है खतरे की कोई बात नहीं है।