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Basti News: गौर को जल्द मिल सकता है तहसील का दर्जा
Fri, 16 Feb 2024 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 16 Feb 2024 01:52 AM IST
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1996 में कांग्रेस के पूर्व विधायक अंबिका सिंह के नेतृत्व में राज्यपाल को भेजा गया था पहली बार ज्ञापन
विशेष सचिव ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। लंबे समय से हर्रैया तहसील के गौर ब्लॉक को तहसील बनाने की मांग चल रही थी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के अलावा स्थानीय लोगों ने समय-समय पर आवाज उठाई। लोगों की मांग को धार देते हुए गौर को तहसील बनाने की आवाज विधायक कविंद्र ने उठाई है। विधानसभा के विशेष सचिव ने विधायक के पत्र को मुख्यमंत्री को भेज कर दिया गया है।
छह फरवरी को विधानसभा में विधायक ने जिले के हर्रैया तहसील को विभाजित कर गौर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे संज्ञान में लेते हुए विशेष सचिव बृजभूषण दूबे ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए एक माह के अंदर भौगोलिक स्थिति का सत्यापन कर सभी बिंदुओं की सूचना विधानसभा सचिवालय के साथ विधानसभा सदस्य को अवगत कराने की बात कही है।
वर्ष 1996 में पहली बार गौर को तहसील बनाने की मांग को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी के पूर्व विधायक अंबिका सिंह के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी गौर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा था। बीच-बीच में तमाम जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय लोग भी गौर को तहसील बनाने की मांग करते रहे। वैसे हर्रैया तहसील क्षेत्रफल व जनसंख्या की दृष्टि से अन्य तहसीलों की अपेक्षा ज्यादा है। इसके चलते आज भी राजस्व संबंधी तमाम मुकदमे लंबित हैं। कप्तानगंज विधानसभा, हर्रैया तहसील व गौर ब्लॉक का बॉर्डर कहे जाने वाला माझा मानपुर, अइला काला, बलुआ चौबे, धधरिया जैसे गांव के लोगों को हर्रैया तहसील जाने में कई घंटे का सफर तय करना पड़ता है।
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गौर की स्थिति एक नजर में
गौर ब्लॉक की जनसंख्या लगभग पचास लाख के आसपास है। यहां ब्लॉक मुख्यालय के साथ थाना, पोस्ट ऑफिस, गन्ना समिति कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु अस्पताल, बाल विकास परियोजना कार्यालय, रेलवे स्टेशन, कृषि रक्षा इकाई भवन, दो राष्ट्रीयकृत बैंक, आईटीआई, पीजी कॉलेज, इंटर कॉलेज, बालिकाओं के लिए कन्या विद्यालय के अलावा कई अन्य सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं संचालित हो रहे हैं।
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विशेष सचिव ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। लंबे समय से हर्रैया तहसील के गौर ब्लॉक को तहसील बनाने की मांग चल रही थी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के अलावा स्थानीय लोगों ने समय-समय पर आवाज उठाई। लोगों की मांग को धार देते हुए गौर को तहसील बनाने की आवाज विधायक कविंद्र ने उठाई है। विधानसभा के विशेष सचिव ने विधायक के पत्र को मुख्यमंत्री को भेज कर दिया गया है।
छह फरवरी को विधानसभा में विधायक ने जिले के हर्रैया तहसील को विभाजित कर गौर को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे संज्ञान में लेते हुए विशेष सचिव बृजभूषण दूबे ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित करते हुए अग्रिम कार्रवाई के लिए एक माह के अंदर भौगोलिक स्थिति का सत्यापन कर सभी बिंदुओं की सूचना विधानसभा सचिवालय के साथ विधानसभा सदस्य को अवगत कराने की बात कही है।
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वर्ष 1996 में पहली बार गौर को तहसील बनाने की मांग को लेकर कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी के पूर्व विधायक अंबिका सिंह के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी गौर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा था। बीच-बीच में तमाम जनप्रतिनिधियों के साथ स्थानीय लोग भी गौर को तहसील बनाने की मांग करते रहे। वैसे हर्रैया तहसील क्षेत्रफल व जनसंख्या की दृष्टि से अन्य तहसीलों की अपेक्षा ज्यादा है। इसके चलते आज भी राजस्व संबंधी तमाम मुकदमे लंबित हैं। कप्तानगंज विधानसभा, हर्रैया तहसील व गौर ब्लॉक का बॉर्डर कहे जाने वाला माझा मानपुर, अइला काला, बलुआ चौबे, धधरिया जैसे गांव के लोगों को हर्रैया तहसील जाने में कई घंटे का सफर तय करना पड़ता है।
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गौर की स्थिति एक नजर में
गौर ब्लॉक की जनसंख्या लगभग पचास लाख के आसपास है। यहां ब्लॉक मुख्यालय के साथ थाना, पोस्ट ऑफिस, गन्ना समिति कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु अस्पताल, बाल विकास परियोजना कार्यालय, रेलवे स्टेशन, कृषि रक्षा इकाई भवन, दो राष्ट्रीयकृत बैंक, आईटीआई, पीजी कॉलेज, इंटर कॉलेज, बालिकाओं के लिए कन्या विद्यालय के अलावा कई अन्य सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं संचालित हो रहे हैं।