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गेहूं खरीद: 89 केंद्रों से 84 हजार एमटी के खरीद की तैयारी
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89 केंद्रों से 84 हजार एमटी गेहूं खरीद की तैयारी
बस्ती। इस बार बारिश की मार भले ही गेहूं पर हो, मगर शासन पहली अप्रैल से खरीद कराने की व्यवस्था को चाक चौबंद करने में जुटा है। इसके तहत डीएम आशुतोष निरंजन ने जिले में 89 केंद्रों के संचालन की सहमति दे दी है। इस बार करीब 84 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य मानकर संभागीय खाद्य विभाग तैयारी को अमली जामा पहनाने में जुटा है।
रबी विपणन वर्ष 2020-21 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ के 64 व एफसीआई के एक केंद्र का निर्धारण किया गया है। किसानों को गेहूं बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत कराना अनिवार्य है। यह पंजीकरण किसी भी सहज जन सेवा केंद्र अथवा साइबर कैफे या स्वयं किया जा सकता है। इस वर्ष ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके लिए किसान पंजीकरण के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं, जिससे एसएमएस से प्रेषित ओटीपी भरकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके। पंजीकरण के लिए कंप्यूटराइज्ड खतौनी के अलावा फोटायुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति व आधार कार्ड लाना अनिवार्य किया गया है। किसान कंप्यूटराइज्ड खतौनी का खाता संख्या पंजीकरण में दर्ज कर कुल रकबे व बोए गए गेहूं के रकबे को अंकित करेंगे। किसान को अपने हिस्सेदारी की घोषणा भी पंजीकरण में करना होगा। विभाग के मुताबिक किसान को अपना खाता सीबीएस बैंक में ही खुलवाना होगा। अपना आईएफएससी कोड भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। इससे पीएफएमएस के तहत भुगतान में दिक्कत न आए।
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। पंजीकृत किसानों से ही खरीद की जाएगी। ऐसे में किसान अपना पंजीकरण करा कर सही-सही जानकारी फीड कराएं, जिससे भुगतान में दिक्कत न आने पाए। कहा कि इस बार शासन करीब 84 हजार एमटी लक्ष्य तय करेगा।
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बस्ती। इस बार बारिश की मार भले ही गेहूं पर हो, मगर शासन पहली अप्रैल से खरीद कराने की व्यवस्था को चाक चौबंद करने में जुटा है। इसके तहत डीएम आशुतोष निरंजन ने जिले में 89 केंद्रों के संचालन की सहमति दे दी है। इस बार करीब 84 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य मानकर संभागीय खाद्य विभाग तैयारी को अमली जामा पहनाने में जुटा है।
रबी विपणन वर्ष 2020-21 में न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के 14, पीसीएफ के 64 व एफसीआई के एक केंद्र का निर्धारण किया गया है। किसानों को गेहूं बेचने के लिए खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत कराना अनिवार्य है। यह पंजीकरण किसी भी सहज जन सेवा केंद्र अथवा साइबर कैफे या स्वयं किया जा सकता है। इस वर्ष ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके लिए किसान पंजीकरण के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं, जिससे एसएमएस से प्रेषित ओटीपी भरकर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराई जा सके। पंजीकरण के लिए कंप्यूटराइज्ड खतौनी के अलावा फोटायुक्त पहचान पत्र, बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति व आधार कार्ड लाना अनिवार्य किया गया है। किसान कंप्यूटराइज्ड खतौनी का खाता संख्या पंजीकरण में दर्ज कर कुल रकबे व बोए गए गेहूं के रकबे को अंकित करेंगे। किसान को अपने हिस्सेदारी की घोषणा भी पंजीकरण में करना होगा। विभाग के मुताबिक किसान को अपना खाता सीबीएस बैंक में ही खुलवाना होगा। अपना आईएफएससी कोड भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। इससे पीएफएमएस के तहत भुगतान में दिक्कत न आए।
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डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। पंजीकृत किसानों से ही खरीद की जाएगी। ऐसे में किसान अपना पंजीकरण करा कर सही-सही जानकारी फीड कराएं, जिससे भुगतान में दिक्कत न आने पाए। कहा कि इस बार शासन करीब 84 हजार एमटी लक्ष्य तय करेगा।
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