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Basti News: निरीक्षण में चार पंचायत के सचिव अनुपस्थित मिले
Thu, 08 Aug 2024 04:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 08 Aug 2024 04:15 AM IST
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बस्ती। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भौसिंहपुर, श्रीपालपुर, कटरा बुजुर्ग व सियरापार का अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण कुमार, स्वच्छ भारत मिशन के जिला सलाहकार राजा शेर सिंह और खंड प्रेरक मारकंडेय सिंह ने बुधवार को निरीक्षण किया। चारों पंचायतों में तमाम वित्तीय अनियमितता मिली है। जांच में ग्रामीणों ने बताया कि पंचायतों में खुली बैठक नहीं होती है। सचिव व प्रधान मनमाने ढंग से ई- ग्राम स्वराज पोर्टल से वित्तीय भुगतान कर रहे हैं। एडीपीआरओ ने बताया कि निरीक्षण के समय पूर्व सूचना के बाद भी चारों पंचायतों के सचिव अनुपस्थित रहे। उन पर विभागीय कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को पत्र भेजा गया है।
निरीक्षण के समय ग्राम पंचायत भौसिंहपुर में पंचायत भवन बंद मिला। ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट प्रबंधन के तहत निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन मिला। पंचायत को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने के लिए आवंटित क्रेडिट लिमिट 7 लाख 99 हजार 442 के सापेक्ष 7 लाख 65 हजार 548 रुपये का व्यय किया गया है। लेकिन, आहरित धनराशि के सापेक्ष कार्य न कराकर गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है। पंचायत में खुली बैठक नहीं बुलाई जाती है और न ही विकास कार्यों की चर्चा पंचायत में होती है।
ई- ग्राम स्वराज पोर्टल पर मनमाने ढंग से फर्जी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति संख्या, तिथि दर्ज का शासकीय धनराशि का दुर्विनियोग किया जा रहा है। बिना टेंडर व कोटेशन के नियम विरुद्ध मनमाने ढंग से फर्मों का धनराशि भुगतान करने का मामला भी सामने आया है। 20 हैंडपंपों को रीबोर कराने के नाम पर 6 लाख 5 हजार 225 रुपये का आहरित किया गया है जबकि काम नहीं कराया गया है। ग्राम पंचायत चमरोहा सियरापार में ई- ग्राम स्वराज पोर्टल से मनमाने तरीके से धनराशि का भुगतान करने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कटरा बुजुर्ग में अभी तक ओडीएफ प्लस के तहत प्राप्त हुई धनराशि को खर्च नहीं किया गया है। पंचायत में अंत्योष्टि स्थल निर्माण के लिए 24 लाख 36 हजार रुपये शासन से मिला था। इसके सापेक्ष 16 लाख 29 हजार 313 रुपये आहरित कर लिए गए हैं। आहरित धनराशि के सापेक्ष कार्य नहीं कराया गया है और जो कार्य कराया गया है वह गुणवत्ताविहीन मिला। ग्राम पंचायत श्रीपालपुर में ठोस व द्रव अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में तमाम अनियमिताएं पाई गईं। पंचायत के पिचरोड से बसंत चौधरी के खेत तक खड़जा मरम्मत कार्य के लिए पहले 2 लाख 50 हजार रुपये का इस्टीमेट तैयार कराया गया। जिसे बाद में सचिव व प्रधान ने मनमाने ढंग से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता अमर चौधरी से 3 लाख 50 हजार रुपये का बनवाकर भुगतान कर दिया। जांच में करीब 1 लाख रुपये की शासकीय धनराशि का दुर्विनियोग मिला। एडीपीआरओ ने बताया कि जांच आख्या कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को भेजी गई है।
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निरीक्षण के समय ग्राम पंचायत भौसिंहपुर में पंचायत भवन बंद मिला। ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट प्रबंधन के तहत निर्माण कार्य गुणवत्ताविहीन मिला। पंचायत को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने के लिए आवंटित क्रेडिट लिमिट 7 लाख 99 हजार 442 के सापेक्ष 7 लाख 65 हजार 548 रुपये का व्यय किया गया है। लेकिन, आहरित धनराशि के सापेक्ष कार्य न कराकर गंभीर वित्तीय अनियमितता की गई है। पंचायत में खुली बैठक नहीं बुलाई जाती है और न ही विकास कार्यों की चर्चा पंचायत में होती है।
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ई- ग्राम स्वराज पोर्टल पर मनमाने ढंग से फर्जी वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति संख्या, तिथि दर्ज का शासकीय धनराशि का दुर्विनियोग किया जा रहा है। बिना टेंडर व कोटेशन के नियम विरुद्ध मनमाने ढंग से फर्मों का धनराशि भुगतान करने का मामला भी सामने आया है। 20 हैंडपंपों को रीबोर कराने के नाम पर 6 लाख 5 हजार 225 रुपये का आहरित किया गया है जबकि काम नहीं कराया गया है। ग्राम पंचायत चमरोहा सियरापार में ई- ग्राम स्वराज पोर्टल से मनमाने तरीके से धनराशि का भुगतान करने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कटरा बुजुर्ग में अभी तक ओडीएफ प्लस के तहत प्राप्त हुई धनराशि को खर्च नहीं किया गया है। पंचायत में अंत्योष्टि स्थल निर्माण के लिए 24 लाख 36 हजार रुपये शासन से मिला था। इसके सापेक्ष 16 लाख 29 हजार 313 रुपये आहरित कर लिए गए हैं। आहरित धनराशि के सापेक्ष कार्य नहीं कराया गया है और जो कार्य कराया गया है वह गुणवत्ताविहीन मिला। ग्राम पंचायत श्रीपालपुर में ठोस व द्रव अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में तमाम अनियमिताएं पाई गईं। पंचायत के पिचरोड से बसंत चौधरी के खेत तक खड़जा मरम्मत कार्य के लिए पहले 2 लाख 50 हजार रुपये का इस्टीमेट तैयार कराया गया। जिसे बाद में सचिव व प्रधान ने मनमाने ढंग से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता अमर चौधरी से 3 लाख 50 हजार रुपये का बनवाकर भुगतान कर दिया। जांच में करीब 1 लाख रुपये की शासकीय धनराशि का दुर्विनियोग मिला। एडीपीआरओ ने बताया कि जांच आख्या कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को भेजी गई है।
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