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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में चार छात्राएं फिर बीमार
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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की बीमार छात्रा।
- फोटो : BASTI
कस्तूरबा में फिर चार छात्राएं बीमार
विक्रमजोत (बस्ती)। कस्तूरबा गांधी आवासीय विधालय छावनी की चार छात्राएं सोमवार को बीमार पड़ गईं। चारों को तेज बुखार, सिर, गले एवं पेट में दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ते देख वार्डेन विनीता पांडेय ने छात्राओं को पीएचसी छावनी पहुंचाया। चिकित्सक डॉ. आसिफ फारुखी ने आंचल और वंदना को प्राथमिक उपचार के बाद जाने दिया, जबकि अर्पिता एवं पुष्पा की हालत ज्यादा खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कर लिया है।
डॉ. फारुखी ने बताया कि भर्ती पुष्पा को तेज सिर दर्द, बेचैनी व शुगर का स्तर बिगड़ने के कारण जबकि अर्पिता को तेज बुखार व सिरदर्द के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है। छात्राओं को वायरल फीवर है। उधर, बीएसए अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालय की चार नहीं दो बच्चियां बीमारी हैं। दोनों को वायरल फीवर हुआ है। एक तो ठीक है, जबकि दूसरी को तेज बुखार है। डॉक्टर दोनों को वायरल फीवर बता रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। इन स्थितियों के लिए जो भी जिम्मेदार होगा कार्रवाई होगी।
स्कूल में बाहरी के आने-जाने पर वार्डेन ने लगाई रोक
विक्रमजोत। 28 अगस्त को छह छात्राओं की अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें पीएचसी पर ले जाया गया था। चिकित्सक टीम ने खानपान की कमी और गंदगी के चलते बीमार होने की रिपोर्ट दी थी। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई। सड़ी सब्जियों और गंदे शौचालय परिसर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर देख सतर्क हुए कई अभिभावकों ने बच्चों को वापस बुला लिया। आरोप के घेरे में आईं वार्डेन ने स्कूल में आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सोमवार को 11 बजे खानकला के स्थानीय प्रधान अजित सोनी विद्यालय मीनू लिस्ट देखने पहुंचे तो चपरासी जगन्नाथ सोनी ने वार्डेन के निर्देश पर गेट पर ही रोक दिया। इसकी शिकायत उन्होंने एसडीआई श्याम सुंदर से फोन पर की।
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विद्यालय में आपसी खींचतान
विद्यालय में खराब खाना, दूध की कम मात्रा और समय से सही भोजन न मिलने की सूचना लीक करने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। वार्डेन विनीता पांडेय दबी जुबान कहती हैं कि जिस सड़ी लौकी (सब्जी) फेंकने के लिए रसोईया को कहा गया था वह उसे फेंकने बजाए सबको दिखा दिया। रसोईया और अन्य स्टाफ का कहना है कि यहां सब कुछ वार्डेन के कहने पर होता है।
लामबंद ग्रामीणों ने डीएम को दिया ज्ञापन
छावनी क्षेत्र के बभनगावां निवासी जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश सिंह दोपहर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे। विद्यालय की अव्यवस्था और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर डीएम माला श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। आरोप लगाया है कि विद्यालय में रसोईया और वार्डेन की लापरवाही के चलते छात्राओं का स्वास्थ्य और पढ़ाई प्रभावित हो रहा है। भरपेट खाना नहीं मिल रहा है। छात्राओं ड्रेस गंदे और फटे रहते हैं। लोग अपने बच्चों को यहां भेजने से डरने लगे हैं। यहां के कर्मी स्कूल में न रहकर बाहर रहते है। अधिकांश छात्राएं का दाखिला के बावजूद स्कूल नहीं आतीं, जबकि उनके नाम पर व्यय दिखाया जा रहा है। इस मौके पर रमेशचंद्र, मनीष कुमार, राजू, अजय कुमार, रविन्द्र सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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विक्रमजोत (बस्ती)। कस्तूरबा गांधी आवासीय विधालय छावनी की चार छात्राएं सोमवार को बीमार पड़ गईं। चारों को तेज बुखार, सिर, गले एवं पेट में दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ते देख वार्डेन विनीता पांडेय ने छात्राओं को पीएचसी छावनी पहुंचाया। चिकित्सक डॉ. आसिफ फारुखी ने आंचल और वंदना को प्राथमिक उपचार के बाद जाने दिया, जबकि अर्पिता एवं पुष्पा की हालत ज्यादा खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कर लिया है।
डॉ. फारुखी ने बताया कि भर्ती पुष्पा को तेज सिर दर्द, बेचैनी व शुगर का स्तर बिगड़ने के कारण जबकि अर्पिता को तेज बुखार व सिरदर्द के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया है। छात्राओं को वायरल फीवर है। उधर, बीएसए अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालय की चार नहीं दो बच्चियां बीमारी हैं। दोनों को वायरल फीवर हुआ है। एक तो ठीक है, जबकि दूसरी को तेज बुखार है। डॉक्टर दोनों को वायरल फीवर बता रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। इन स्थितियों के लिए जो भी जिम्मेदार होगा कार्रवाई होगी।
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स्कूल में बाहरी के आने-जाने पर वार्डेन ने लगाई रोक
विक्रमजोत। 28 अगस्त को छह छात्राओं की अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें पीएचसी पर ले जाया गया था। चिकित्सक टीम ने खानपान की कमी और गंदगी के चलते बीमार होने की रिपोर्ट दी थी। इस मामले को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से उठाया था। सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई। सड़ी सब्जियों और गंदे शौचालय परिसर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर देख सतर्क हुए कई अभिभावकों ने बच्चों को वापस बुला लिया। आरोप के घेरे में आईं वार्डेन ने स्कूल में आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सोमवार को 11 बजे खानकला के स्थानीय प्रधान अजित सोनी विद्यालय मीनू लिस्ट देखने पहुंचे तो चपरासी जगन्नाथ सोनी ने वार्डेन के निर्देश पर गेट पर ही रोक दिया। इसकी शिकायत उन्होंने एसडीआई श्याम सुंदर से फोन पर की।
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विद्यालय में आपसी खींचतान
विद्यालय में खराब खाना, दूध की कम मात्रा और समय से सही भोजन न मिलने की सूचना लीक करने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया है। वार्डेन विनीता पांडेय दबी जुबान कहती हैं कि जिस सड़ी लौकी (सब्जी) फेंकने के लिए रसोईया को कहा गया था वह उसे फेंकने बजाए सबको दिखा दिया। रसोईया और अन्य स्टाफ का कहना है कि यहां सब कुछ वार्डेन के कहने पर होता है।
लामबंद ग्रामीणों ने डीएम को दिया ज्ञापन
छावनी क्षेत्र के बभनगावां निवासी जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश सिंह दोपहर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे। विद्यालय की अव्यवस्था और लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर डीएम माला श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। आरोप लगाया है कि विद्यालय में रसोईया और वार्डेन की लापरवाही के चलते छात्राओं का स्वास्थ्य और पढ़ाई प्रभावित हो रहा है। भरपेट खाना नहीं मिल रहा है। छात्राओं ड्रेस गंदे और फटे रहते हैं। लोग अपने बच्चों को यहां भेजने से डरने लगे हैं। यहां के कर्मी स्कूल में न रहकर बाहर रहते है। अधिकांश छात्राएं का दाखिला के बावजूद स्कूल नहीं आतीं, जबकि उनके नाम पर व्यय दिखाया जा रहा है। इस मौके पर रमेशचंद्र, मनीष कुमार, राजू, अजय कुमार, रविन्द्र सिंह सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।