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कोरोना : ब्रिटेन से आए लोग जांच में मिले निगेटिव
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कोरोना : ब्रिटेन से आए लोग जांच में मिले निगेटिव
नोडल अधिकारी बोले, उपचार व्यवस्था में बदलाव की कोई जरूरत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए यूरोपीय देशों से आने वाले संक्रमितों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। खासकर ब्रिटेन से आने वालों की। यहां से अब तक बीस से अधिक लोगों की इस लिहाज से जांच की जा चुकी है। इसमें नए स्ट्रेन से संक्रमित कोई मरीज यहां नहीं मिला है।
आईडीएसपी के नोडल ऑफिसर डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) ने ब्रिट्रेन में वायरस के नए रूप की जांच को लेकर बैठक की। डॉ. कन्नौजिया ने बताया कि एनटीएफ ने निष्कर्ष निकाला कि इस स्ट्रेन में परिवर्तन को देखते हुए वर्तमान उपचार व्यवस्था में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है। चूंकि आईसीएमआर ने सार्स-सीओवी-2 के परीक्षण के लिए दो या ज्यादा जीन जांचों की बात होती रही है। ऐेसे में परीक्षण की वर्तमान रणनीति का इस्तेमाल करने से संक्रमित लोगों के बच निकलने की संभावना कम ही है।
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नोडल अधिकारी बोले, उपचार व्यवस्था में बदलाव की कोई जरूरत नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए यूरोपीय देशों से आने वाले संक्रमितों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। खासकर ब्रिटेन से आने वालों की। यहां से अब तक बीस से अधिक लोगों की इस लिहाज से जांच की जा चुकी है। इसमें नए स्ट्रेन से संक्रमित कोई मरीज यहां नहीं मिला है।
आईडीएसपी के नोडल ऑफिसर डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि राष्ट्रीय कार्य बल (एनटीएफ) ने ब्रिट्रेन में वायरस के नए रूप की जांच को लेकर बैठक की। डॉ. कन्नौजिया ने बताया कि एनटीएफ ने निष्कर्ष निकाला कि इस स्ट्रेन में परिवर्तन को देखते हुए वर्तमान उपचार व्यवस्था में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है। चूंकि आईसीएमआर ने सार्स-सीओवी-2 के परीक्षण के लिए दो या ज्यादा जीन जांचों की बात होती रही है। ऐेसे में परीक्षण की वर्तमान रणनीति का इस्तेमाल करने से संक्रमित लोगों के बच निकलने की संभावना कम ही है।
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