फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Footpaths missing; garbage and encroachments everywhere.

Basti News: फुटपाथ लापता, हर तरफ कचरा और अतिक्रमण

Fri, 03 Jul 2026 12:52 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
Footpaths missing; garbage and encroachments everywhere.
रौता और बैरियहवां चौराहा के बीचमुख्य सड़क के किनारे फुटपाथ पर फैली गंदगी। संवाद
बस्ती। शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए डेढ़ दशक के भीतर प्रमुख मार्गों का चौड़ीकरण तो हुआ मगर, अधिकांश जगहों पर सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ सुरक्षित करने का प्रबंध नहीं हुआ। तारकोल की सड़कें चौड़ी होने के साथ ऊंची भी हो गईं। मगर 9 इंच से लेकर एक फुट की गहराई में फुटपाथ जस की तस हाल में छोड़ दिए गए।
विज्ञापन

शहर के फुटपाथ कहीं कचरे के ढेर में लुप्त हैं तो, कहीं कचरा युक्त पानी में डूबे हुए हैं। इसकी उपयोगिता नहीं होने से कुछ जगहों पर घने अतिक्रमण में फुटपाथ गायब हो गया है। शहर प्रमुख मार्गों में शुमार मालवीय मार्ग, रोडवेज, जिला अस्पताल, स्टेशन रोड, गांधीनगर मार्ग के दोनों तरफ के फुटपाथ इंटरलॉकिंग और बैरिकेडिंग से सुसज्जित हो जाएं तो शहर चमकने लगेगा।
विज्ञापन

शहरवासियों के अनुसार इस तरह की पहल यहां होती ही नहीं है। शहर की सड़कों के चौड़ीकरण में बीडीए, नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी अक्सर भूमिका निभा रहा, मगर इनके पास फुटपाथ संवारने की योजना नहीं रहती है। 10 साल पहले मालवीय मार्ग और गांधीनगर में फुटपाथ को चमकाने की पहल नगर पालिका की ओर से की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांधीनगर बाजार क्षेत्र में कुछ हद तक यह सफल भी हुआ। किंतु मालवीय मार्ग पर यह योजना धड़ाम हो गई। सवा दो किमी लंबी इस सड़क के दोनों तरफ के फुटपाथ विलुप्त हो गए हैं। यहां पैदल चलना दुश्वार है। बैरियहवां के अमित पांडेय कहते हैं कि फुटपाथ सुरक्षित न होने से आवागमन का पूरा भार सड़क पर ही रहता है। पैदल और साइकिल सवार राहगीर भी मजबूरी में मुख्य सड़क पर चलते हैं। फुटपाथ पर मलबा, कचरा, पानी, अतिक्रमण होने से सुबह टहलने लायक भी नहीं रहता है। विवश होकर लोग मुख्य सड़क पर पैदल टहलते हैं।
वहीं रोडवेज पर नेहरू तिराहा से लेकर गायत्री मंदिर गेट तक का फुटपाथ कभी कार्य योजना में शामिल ही नहीं हुआ है। यहां नगर पालिका के नाला से सड़क के बीच तीन से चार मीटर चौड़ा फुटपाथ पैदल चलने लायक भी नहीं है। दुकानदार सुग्रीव कुमार कहते हैं कि दुकान के सामने फुटपाथ खराब होने से ग्राहक नहीं आते हैं। यहां कभी भी फुटपाथ इंटरलॉकिंग और पैच कार्य नहीं कराया गया है। बारिश में कीचड़ की वजह से दुकानदारी एकदम चौपट हो जाती हैं।

अतिक्रमण ने भी घेर लिया फुटपाथ : राह चलने में फुटपाथ की उपयोगिता नहीं होने के कारण खुदरा कारोबारी कहीं-कहीं इसे अपने आमदनी का जरिया बना लिए हैं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थान पर बदहाल फुटपाथ फास्ट फूड, चाट, चाय- जलपान की गुमटियां और ठेले लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ खाली जगहों पर गाड़ियां पार्क की जा रही है। जिससे फुटपाथ का अस्तित्व शहर के अधिकांश हिस्सों में खत्म हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed