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Basti News: शुरू हो गया कोहरे का सीजन.. चूके तो हो सकता है हादसा
Mon, 04 Nov 2024 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 04 Nov 2024 12:47 AM IST
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घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर फोरलेन से होकर गुजरते वाहन
सुबह 10 बजे तक 50 मीटर से भी कम रही दृश्यता, वाहनों के आवागमन में हुई परेशानी
मिट चुकीं सफेद पट्टियां, कटे डिवाइडर, झाड़ियों में छिपे संकेतक बढ़ा रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम ने रविवार को अचानक करवट ले लिया। कोहरे का सीजन शुरू हो गया है। सुबह 10 बजे तक दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। सड़क पर वाहन रेंगते हुए चल रहे थे। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। मगर, आने वाले दिनों में कोहरे को लेकर मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। ऐसे में अगर आप फोरलेन पर सफर कर रहे हैं तो जरा ध्यान से चलें। क्योंकि जरा भी चूके तो हादसे का शिकार हो सकते हैं।
जिले की सीमा में फोरलेन पर 43 अवैध कट बना लिए गए हैं। 25 ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित हैं, जो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कोहरे का सीजन शुरू होने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। कोहरे के सीजन में ब्लैक स्पॉट पर हादसों का खतरा ज्यादा रहता है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हर माह ब्लैक स्पॉट पर सुधार की चर्चा होती है। दो माह पहले हुई बैठक में डीएम ने ब्लैक स्पॉट पर नाइट विजन कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। मगर कैमरे नहीं लगे।
इस बार उम्मीद से पहले कोहरे और धुंध ने रात के सफर को जोखिम भरा बना दिया है। एक हफ्ते से आधी रात के बाद फोरलेन पर कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में रात और सुबह के वक्त फर्राटा भरना खतरे से खाली नहीं रहा। दृश्यता भी कम होने लगी है। इस वजह से रात व सुबह के वक्त होने वाले हादसों की तादात बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों में कम दृश्यता के चलते छोटे-बड़े पांच हादसे हो चुके हैं।
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कारण यह कि फोरलेन व अन्य हाईवे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सड़कों पर रिफ्लेक्टर, मोड़ संकेत, सफेद पट्टियां तक देखने को नहीं मिल रही हैं। सर्विस लेन पर भी संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। कोहरे में दृश्यता कम होने के कारण हादसों में बढ़ोत्तरी होने की आशंका रहती है। संकेतकों के सहारे कोहरे में इससे बचाव हो सकता है। पिछले तीन वर्ष के बीच कोहरे के दौरान फोरलेन पर 43 छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इसमें 29 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 46 लोग घायल हो गए थे।
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इन 25 ब्लैक स्पॉट पर सबसे ज्यादा जोखिम
हाईवे पर परसा हज्जाम, परसा जाफर चौराहा, गोटवा, कप्तानगंज चौराहा, भदावल, महूघाट, बबुरहवा चौराहा, रामजानकी तिराहा, पचवस चौराहा, विक्रमजोत, पटखापुर चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा के अलावा सबदेईया कला, चैनपुरवा ओवरब्रिज के पूर्वी छोर, पटेल चौराहा, संसारीपुर चौराहा, बडहर तिराहा, मझौआ चौराहा, अमहट पुल, हडिया ओवरब्रिज, बड़ेवन फ्लाईओवर पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
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हाईवे पर संकेतक की व्यवस्था नहीं
नेशनल हाईवे पर न तो संकेतक लगे हैं और न ही कहीं पर ओवर स्पीड को रोकने की व्यवस्था है। अंधे मोड़ पर रफ्तार से गाड़ियां दौड़ रहीं हैं और अचानक आने वाले अवरोधों से बचने में हादसे हो जा रहे हैं। यदि कहीं सरकारी निर्माण हो रहा है तो उसकी गिट्टी-मिट्टी भी सड़कों पर ही है।
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कोहरे में जोखिम भरा हो सकता है वाल्टरगंज-बभनान मार्ग से सफर
वाल्टरगंज-बभनान मार्ग करीब पांच साल पहले बनकर तैयार हुआ है। तब मार्ग पर रिफ्लेक्टर, सफेद पट्टी व साइन बोर्ड आदि लगाए गए थे। इसके बाद इस मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। तीन किमी लंबी इस सड़क पर बनाई गई सफेद पट्टियां काली पड़ चुकी हैं। सड़क सीमा में स्थित बिजली के खंभों व पेड़ों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बेतरतीब ढंग के बनाए गए दो दर्जन से अधिक ब्रेकरों पर भी रिफ्लेक्टर आदि नहीं लगे हैं।
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झाड़ियों में ढंकी हैं मूड़घाट-दुबौला मार्ग की सफेद पट्टियां
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बनकर तैयार हुई मूड़घाट-दुबौला सड़क अनियमितताओं से भरी पड़ी है। सड़क निर्माण के समय ही इसमें लापरवाही बरती गई थी। पटरियों का निर्माण नहीं कराया गया और चौड़ीकरण की जद में आए खंभों को अब तक हटाए नहीं गए। सामान्य मौसम में भी इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा साबित होता है। तमाम जगहों पर आधा मार्ग पर झाड़ियों की जद में है। संकेतकों की कमी के चलते मोड़ पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।
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कोहरे में वाहन चलाते समय बरतें सावधानी
- वाहन धीमी गति से चलाएं।
- कार की खिड़की के शीशे थोड़ा खुला रखें।
- कार के फ्रंट डिमिस्टर व रियर डिफॉगर का प्रयोग करें।
- फॉग लैंप व हेडलैंप को ऑन रखें।
- हेडलाइट को ‘लो बीम’ पर रखें।
- वाहन खड़ा करने पर हैजर्ड और पार्किंग लाइट का उपयोग करें।
- सामने चल रहे वाहनों से निश्चित दूरी बनाए रखें।
- एक ही लेन में चलें और ओवरटेक न करें।
- वाहन के पीछे लाल रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप जरूर लगवाएं।
- धुंध में वाहनों में रेडियम टेप और स्टीकर बहुत मददगार साबित होती है।
- सड़क पर बनी सफेद और पीली पट्टी के बीच ही वाहन चलाएं।
अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें
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मिट चुकीं सफेद पट्टियां, कटे डिवाइडर, झाड़ियों में छिपे संकेतक बढ़ा रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम ने रविवार को अचानक करवट ले लिया। कोहरे का सीजन शुरू हो गया है। सुबह 10 बजे तक दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। सड़क पर वाहन रेंगते हुए चल रहे थे। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। मगर, आने वाले दिनों में कोहरे को लेकर मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। ऐसे में अगर आप फोरलेन पर सफर कर रहे हैं तो जरा ध्यान से चलें। क्योंकि जरा भी चूके तो हादसे का शिकार हो सकते हैं।
जिले की सीमा में फोरलेन पर 43 अवैध कट बना लिए गए हैं। 25 ब्लैक स्पॉट भी चिह्नित हैं, जो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कोहरे का सीजन शुरू होने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। कोहरे के सीजन में ब्लैक स्पॉट पर हादसों का खतरा ज्यादा रहता है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हर माह ब्लैक स्पॉट पर सुधार की चर्चा होती है। दो माह पहले हुई बैठक में डीएम ने ब्लैक स्पॉट पर नाइट विजन कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे। मगर कैमरे नहीं लगे।
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इस बार उम्मीद से पहले कोहरे और धुंध ने रात के सफर को जोखिम भरा बना दिया है। एक हफ्ते से आधी रात के बाद फोरलेन पर कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में रात और सुबह के वक्त फर्राटा भरना खतरे से खाली नहीं रहा। दृश्यता भी कम होने लगी है। इस वजह से रात व सुबह के वक्त होने वाले हादसों की तादात बढ़ गई है। पिछले तीन दिनों में कम दृश्यता के चलते छोटे-बड़े पांच हादसे हो चुके हैं।
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कारण यह कि फोरलेन व अन्य हाईवे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सड़कों पर रिफ्लेक्टर, मोड़ संकेत, सफेद पट्टियां तक देखने को नहीं मिल रही हैं। सर्विस लेन पर भी संकेतक नजर नहीं आ रहे हैं। कोहरे में दृश्यता कम होने के कारण हादसों में बढ़ोत्तरी होने की आशंका रहती है। संकेतकों के सहारे कोहरे में इससे बचाव हो सकता है। पिछले तीन वर्ष के बीच कोहरे के दौरान फोरलेन पर 43 छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इसमें 29 लोगों की जान जा चुकी है। जबकि 46 लोग घायल हो गए थे।
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इन 25 ब्लैक स्पॉट पर सबसे ज्यादा जोखिम
हाईवे पर परसा हज्जाम, परसा जाफर चौराहा, गोटवा, कप्तानगंज चौराहा, भदावल, महूघाट, बबुरहवा चौराहा, रामजानकी तिराहा, पचवस चौराहा, विक्रमजोत, पटखापुर चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा के अलावा सबदेईया कला, चैनपुरवा ओवरब्रिज के पूर्वी छोर, पटेल चौराहा, संसारीपुर चौराहा, बडहर तिराहा, मझौआ चौराहा, अमहट पुल, हडिया ओवरब्रिज, बड़ेवन फ्लाईओवर पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
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हाईवे पर संकेतक की व्यवस्था नहीं
नेशनल हाईवे पर न तो संकेतक लगे हैं और न ही कहीं पर ओवर स्पीड को रोकने की व्यवस्था है। अंधे मोड़ पर रफ्तार से गाड़ियां दौड़ रहीं हैं और अचानक आने वाले अवरोधों से बचने में हादसे हो जा रहे हैं। यदि कहीं सरकारी निर्माण हो रहा है तो उसकी गिट्टी-मिट्टी भी सड़कों पर ही है।
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कोहरे में जोखिम भरा हो सकता है वाल्टरगंज-बभनान मार्ग से सफर
वाल्टरगंज-बभनान मार्ग करीब पांच साल पहले बनकर तैयार हुआ है। तब मार्ग पर रिफ्लेक्टर, सफेद पट्टी व साइन बोर्ड आदि लगाए गए थे। इसके बाद इस मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। तीन किमी लंबी इस सड़क पर बनाई गई सफेद पट्टियां काली पड़ चुकी हैं। सड़क सीमा में स्थित बिजली के खंभों व पेड़ों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। बेतरतीब ढंग के बनाए गए दो दर्जन से अधिक ब्रेकरों पर भी रिफ्लेक्टर आदि नहीं लगे हैं।
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झाड़ियों में ढंकी हैं मूड़घाट-दुबौला मार्ग की सफेद पट्टियां
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बनकर तैयार हुई मूड़घाट-दुबौला सड़क अनियमितताओं से भरी पड़ी है। सड़क निर्माण के समय ही इसमें लापरवाही बरती गई थी। पटरियों का निर्माण नहीं कराया गया और चौड़ीकरण की जद में आए खंभों को अब तक हटाए नहीं गए। सामान्य मौसम में भी इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा साबित होता है। तमाम जगहों पर आधा मार्ग पर झाड़ियों की जद में है। संकेतकों की कमी के चलते मोड़ पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।
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कोहरे में वाहन चलाते समय बरतें सावधानी
- वाहन धीमी गति से चलाएं।
- कार की खिड़की के शीशे थोड़ा खुला रखें।
- कार के फ्रंट डिमिस्टर व रियर डिफॉगर का प्रयोग करें।
- फॉग लैंप व हेडलैंप को ऑन रखें।
- हेडलाइट को ‘लो बीम’ पर रखें।
- वाहन खड़ा करने पर हैजर्ड और पार्किंग लाइट का उपयोग करें।
- सामने चल रहे वाहनों से निश्चित दूरी बनाए रखें।
- एक ही लेन में चलें और ओवरटेक न करें।
- वाहन के पीछे लाल रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप जरूर लगवाएं।
- धुंध में वाहनों में रेडियम टेप और स्टीकर बहुत मददगार साबित होती है।
- सड़क पर बनी सफेद और पीली पट्टी के बीच ही वाहन चलाएं।
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