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Basti News: फ्लाईओवर की फाइल अटकी... रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से जूझ रहा आधा शहर
Mon, 09 Sep 2024 03:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 09 Sep 2024 03:12 AM IST
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शुगर मिल के पास रेलवे क्रसिंग बाद होने पर लगा जाम।
रेलवे स्टेशन के पूर्वी केबिन पर फ्लाईओवर निर्माण का तैयार हुआ था प्रस्ताव
नौ महीने बाद भी नहीं मिली स्वीकृति, जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई रुचि
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आधा शहर रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहा है। पुरानी बस्ती क्षेत्र में रेलवे स्टेशन होने के नाते पांडेय बाजार और शुगर मिल गेट पर दो जगह रेलवे क्रॉसिंग हैं। इस क्षेत्र में 50 हजार आबादी रहती है। थोक कारोबार वाला पांडेय बाजार भी इसी क्षेत्र में है। सरहद पर गोरखपुर-लखनऊ हाईवे भी जुड़ा है। ऐसे में क्रॉसिंग पार करना सभी के लिए मजबूरी है। मगर, ट्रेनों का आवागमन अधिक होने के नाते अक्सर दोनों क्रॉसिंग पर एक साथ बंद रहते हैं। इससे जाम की समस्या ला-इलाज बन जाती है।
पुरानी बस्ती क्षेत्र के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए पांच साल से प्रयास हो रहे हैं। लेकिन, कोई न कोई अवरोध हर बार आ जाता है। पहले पांडेय बाजार में फ्लाईओवर बनाने की योजना बनी। इसके लिए रेलवे की निर्माण इकाई, सेतु निगम एवं पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सर्वे शुरू किया। इसका विरोध होने लगा।
सर्वे टीम ने भी सघन बस्ती होने के नाते मकान, दुकान को ज्यादा क्षति पहुंचने की रिपोर्ट अंकित करते हुए फ्लाईओवर को उपयुक्त नहीं बताया। इसके बाद यहां ओवरब्रिज के निर्माण की हलचल बंद हो गई। एक साल पहले शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने का दूसरा प्रयास शुरू हुआ। यहां सघन बस्ती नहीं है। रेलवे फाटक के दोनों तरफ रेलवे की खाली जमीन उपलब्ध है।
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प्रस्ताव तैयार करने के लिए सेतु निगम को जिम्मेदारी मिली। निगम ने फ्लाईओवर का प्रस्ताव तैयार कर शासन में फाइल प्रस्तुत कर दी। नौ महीने बीत गए अभी स्वीकृति नहीं मिली है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसके लिए प्रयास नहीं किया है।
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70 करोड़ रुपये का तैयार हुआ है प्रस्ताव
शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस लागत से 592 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनना है। सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर होगी और दोनों तरफ आधा-आधा मीटर चौड़ी फुट रेलिंग बनेगी। इसमें जमीन भी अधिग्रहित करनी होगी। यह प्रस्ताव अभी शासन स्तर पर लंबित है।
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रेलवे की तरफ से ओवरब्रिज बनाने की कवायद
रेलवे की तरफ से स्टेशन के पूर्वी केबिन पर शुगर मिल गेट के पास फ्लाईओवर बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। यहां रेल लाइन के ऊपर वाहन आवागमन के लिए ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है। लगभग 15 मीटर चौड़ाई में ब्रिज का निर्माण रेलवे स्वयं कराएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद के हिस्से फ्लाईओवर का निर्माण सेतु निगम को कराना है। ऐसे में प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो रेलवे का प्रस्तावित ब्रिज भी अधर में लटक जाएगा।
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रेलवे फाटक बंद होने के दौरान बढ़ जाती है दुश्वारी
पांडेय बाजार रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ थोक एवं फुटकर कारोबार की मंडी है। यहां आमजन की आवाजाही हर समय रहती है। इधर से उधर होने में रेलवे फाटक बड़ा अड़चन है। अक्सर यह बंद रहता है। दो व चार पहिया, ऑटो, ई-रिक्शा की लंबी लाइन लग जाती है। ठसाठस भीड़ जाम खुलने का इंतजार करती है। यहां पहुंचने वाले लोगों का क्रॉसिंग के जाम की वजह से समय बर्बाद हो रहा है। यदि शुगर मिल गेट से निकलने की कोशिश हुई तो यहां भी समस्या वही है। रेलवे फाटक यहां भी अक्सर बंद मिलता है। दोनों तरफ जाम की समस्या ला-इलाज है। करीब 50 हजार की आबादी इस समस्या से रोज जूझ रही है। इस रेल लाइन से 24 घंटे में 65 ट्रेनों का आवागमन है। लोग फाटक खुलने के इंतजार में खड़े रहते हैं और ट्रेन नजर के सामने से गुजर जाती है। तब तक दूसरी ट्रेन का भी सिगनल मिल जाता है। इस बीच स्कूली बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग, टैक्सी गाड़ियों में बैठे दूरदराज से आने वाले लोग जाम में फंसे रहते हैं।
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अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं
रेलवे क्रॉसिंग पर जाम में अक्सर दुर्घटनाएं भी होती है। दरअसल फाटक खुलने के दौरान इसे पार करने की होड़ मच जाती है। ऐसे में मोटर साइकिल एवं अन्य छोटे वाहन चालक बड़ीे वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। तीन साल पहले शहर के एक बड़े दवा व्यवसायी की सुगर मिल गेट के पास रेलवे फाटक पार करते समय बड़े वाहन के पहिए के नीचे आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा छिटपुट घटनाएं अक्सर हुआ करती है।
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कोट
शुगर मिल गेट पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जहां तक रेलवे की तरफ से ब्रिज बनाने की बात है तो वह अपने हिस्से में ही इसका निर्माण करेगी।
इं. राकेश कुमार, सहायक अभियंता, सेतु निगम
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नौ महीने बाद भी नहीं मिली स्वीकृति, जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिखाई रुचि
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। आधा शहर रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहा है। पुरानी बस्ती क्षेत्र में रेलवे स्टेशन होने के नाते पांडेय बाजार और शुगर मिल गेट पर दो जगह रेलवे क्रॉसिंग हैं। इस क्षेत्र में 50 हजार आबादी रहती है। थोक कारोबार वाला पांडेय बाजार भी इसी क्षेत्र में है। सरहद पर गोरखपुर-लखनऊ हाईवे भी जुड़ा है। ऐसे में क्रॉसिंग पार करना सभी के लिए मजबूरी है। मगर, ट्रेनों का आवागमन अधिक होने के नाते अक्सर दोनों क्रॉसिंग पर एक साथ बंद रहते हैं। इससे जाम की समस्या ला-इलाज बन जाती है।
पुरानी बस्ती क्षेत्र के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए पांच साल से प्रयास हो रहे हैं। लेकिन, कोई न कोई अवरोध हर बार आ जाता है। पहले पांडेय बाजार में फ्लाईओवर बनाने की योजना बनी। इसके लिए रेलवे की निर्माण इकाई, सेतु निगम एवं पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम ने सर्वे शुरू किया। इसका विरोध होने लगा।
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सर्वे टीम ने भी सघन बस्ती होने के नाते मकान, दुकान को ज्यादा क्षति पहुंचने की रिपोर्ट अंकित करते हुए फ्लाईओवर को उपयुक्त नहीं बताया। इसके बाद यहां ओवरब्रिज के निर्माण की हलचल बंद हो गई। एक साल पहले शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने का दूसरा प्रयास शुरू हुआ। यहां सघन बस्ती नहीं है। रेलवे फाटक के दोनों तरफ रेलवे की खाली जमीन उपलब्ध है।
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प्रस्ताव तैयार करने के लिए सेतु निगम को जिम्मेदारी मिली। निगम ने फ्लाईओवर का प्रस्ताव तैयार कर शासन में फाइल प्रस्तुत कर दी। नौ महीने बीत गए अभी स्वीकृति नहीं मिली है। जनप्रतिनिधियों ने भी इसके लिए प्रयास नहीं किया है।
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70 करोड़ रुपये का तैयार हुआ है प्रस्ताव
शुगर मिल गेट पर ओवरब्रिज बनाने के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस लागत से 592 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनना है। सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर होगी और दोनों तरफ आधा-आधा मीटर चौड़ी फुट रेलिंग बनेगी। इसमें जमीन भी अधिग्रहित करनी होगी। यह प्रस्ताव अभी शासन स्तर पर लंबित है।
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रेलवे की तरफ से ओवरब्रिज बनाने की कवायद
रेलवे की तरफ से स्टेशन के पूर्वी केबिन पर शुगर मिल गेट के पास फ्लाईओवर बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। यहां रेल लाइन के ऊपर वाहन आवागमन के लिए ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई है। लगभग 15 मीटर चौड़ाई में ब्रिज का निर्माण रेलवे स्वयं कराएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके बाद के हिस्से फ्लाईओवर का निर्माण सेतु निगम को कराना है। ऐसे में प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति नहीं मिली तो रेलवे का प्रस्तावित ब्रिज भी अधर में लटक जाएगा।
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रेलवे फाटक बंद होने के दौरान बढ़ जाती है दुश्वारी
पांडेय बाजार रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ थोक एवं फुटकर कारोबार की मंडी है। यहां आमजन की आवाजाही हर समय रहती है। इधर से उधर होने में रेलवे फाटक बड़ा अड़चन है। अक्सर यह बंद रहता है। दो व चार पहिया, ऑटो, ई-रिक्शा की लंबी लाइन लग जाती है। ठसाठस भीड़ जाम खुलने का इंतजार करती है। यहां पहुंचने वाले लोगों का क्रॉसिंग के जाम की वजह से समय बर्बाद हो रहा है। यदि शुगर मिल गेट से निकलने की कोशिश हुई तो यहां भी समस्या वही है। रेलवे फाटक यहां भी अक्सर बंद मिलता है। दोनों तरफ जाम की समस्या ला-इलाज है। करीब 50 हजार की आबादी इस समस्या से रोज जूझ रही है। इस रेल लाइन से 24 घंटे में 65 ट्रेनों का आवागमन है। लोग फाटक खुलने के इंतजार में खड़े रहते हैं और ट्रेन नजर के सामने से गुजर जाती है। तब तक दूसरी ट्रेन का भी सिगनल मिल जाता है। इस बीच स्कूली बच्चे, दफ्तर जाने वाले लोग, टैक्सी गाड़ियों में बैठे दूरदराज से आने वाले लोग जाम में फंसे रहते हैं।
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अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं
रेलवे क्रॉसिंग पर जाम में अक्सर दुर्घटनाएं भी होती है। दरअसल फाटक खुलने के दौरान इसे पार करने की होड़ मच जाती है। ऐसे में मोटर साइकिल एवं अन्य छोटे वाहन चालक बड़ीे वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। तीन साल पहले शहर के एक बड़े दवा व्यवसायी की सुगर मिल गेट के पास रेलवे फाटक पार करते समय बड़े वाहन के पहिए के नीचे आने से मौत हो गई थी। इसके अलावा छिटपुट घटनाएं अक्सर हुआ करती है।
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कोट
शुगर मिल गेट पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जहां तक रेलवे की तरफ से ब्रिज बनाने की बात है तो वह अपने हिस्से में ही इसका निर्माण करेगी।
इं. राकेश कुमार, सहायक अभियंता, सेतु निगम