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Basti News: बढ़ रही फूलों की खेती, अच्छी कमाई कर रहे किसान
Thu, 26 Dec 2024 06:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 26 Dec 2024 06:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगर बाजार(बस्ती)। जैविक खेती के साथ साथ किसानों में फूलों की खेती तरफ रुझान बढ़ रहा है। कम लागत व मेहनत अच्छी आमदनी हो रही है। नगर पंचायत नगर बाजार के माली टोला निवासी सलामुद्दीन जैविक खेती के साथ फूलों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इनकी देखा देखी अन्य किसान भी गेंदा के फूलों की खेती कर रहे हैं।
सलामुद्दीन ने बताया कि एक बीघा गेंदा लगाने में नर्सरी से लेकर खाद तक में ढाई से तीन हजार रुपये की लागत आती है। उसी खेती में 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है।जिससे मौसमी खेती के साथ फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अन्य फसलों को तो जंगली व छुट्टा पशु बर्बाद कर देते हैं लेकिन गेंदे की फसल को नीलगाय व अन्य जानवर खराब नहीं करते, जिससे नुकसान होने का जोखिम भी कम रहता है। इस फूल की सबसे अच्छी खासियत यह कि ढाई तीन महीने में इसकी फसल तैयार हो जाती है। उन्होंने बताया कि मेहनत गेंदे की खेती में मेहनत भी कम लगता है और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इस समय बाजारों में गेंदा का फूल सौ से 120 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। शादियों व त्योहार के सीजन में इसकी डिमांड बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि गेंदा मुख्य रूप से ठंडी जलवायु वाली फसल है। ठंड के मौसम में गेंदे की वृद्धि और फूलों की गुणवत्ता अच्छी होती है। जलवायु परिस्थितियों के आधार पर गेंदे की खेती मानसून, सर्दी और गर्मी तीनों मौसमों में की जाती है। फरवरी के पहले सप्ताह के बाद और जुलाई के पहले सप्ताह से पहले गेंदा लगाने से उपज और फूलों की गुणवत्ता पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जुलाई के पहले सप्ताह से 15 दिनों के अंतराल पर बुवाई करने पर अक्टूबर से अप्रैल तक अच्छी उपज प्राप्त होती है. लेकिन सबसे ज्यादा पैदावार सितंबर में लगाए गए गेंदे से होती है। गांव निवासी इम्तियाज़ अली, जुमेराती,हुसैन अली भी गेंदा के फूलों की खेती कर रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि बनारस से गेंदा का पौधा लाते हैं। फूलों को बस्ती,फैजाबाद, संतकबीर नगर तक के खरीदार आते हैं।
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नगर बाजार(बस्ती)। जैविक खेती के साथ साथ किसानों में फूलों की खेती तरफ रुझान बढ़ रहा है। कम लागत व मेहनत अच्छी आमदनी हो रही है। नगर पंचायत नगर बाजार के माली टोला निवासी सलामुद्दीन जैविक खेती के साथ फूलों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इनकी देखा देखी अन्य किसान भी गेंदा के फूलों की खेती कर रहे हैं।
सलामुद्दीन ने बताया कि एक बीघा गेंदा लगाने में नर्सरी से लेकर खाद तक में ढाई से तीन हजार रुपये की लागत आती है। उसी खेती में 30 से 40 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है।जिससे मौसमी खेती के साथ फूलों की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अन्य फसलों को तो जंगली व छुट्टा पशु बर्बाद कर देते हैं लेकिन गेंदे की फसल को नीलगाय व अन्य जानवर खराब नहीं करते, जिससे नुकसान होने का जोखिम भी कम रहता है। इस फूल की सबसे अच्छी खासियत यह कि ढाई तीन महीने में इसकी फसल तैयार हो जाती है। उन्होंने बताया कि मेहनत गेंदे की खेती में मेहनत भी कम लगता है और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। इस समय बाजारों में गेंदा का फूल सौ से 120 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। शादियों व त्योहार के सीजन में इसकी डिमांड बढ़ जाती है।
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उन्होंने बताया कि गेंदा मुख्य रूप से ठंडी जलवायु वाली फसल है। ठंड के मौसम में गेंदे की वृद्धि और फूलों की गुणवत्ता अच्छी होती है। जलवायु परिस्थितियों के आधार पर गेंदे की खेती मानसून, सर्दी और गर्मी तीनों मौसमों में की जाती है। फरवरी के पहले सप्ताह के बाद और जुलाई के पहले सप्ताह से पहले गेंदा लगाने से उपज और फूलों की गुणवत्ता पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसलिए जुलाई के पहले सप्ताह से 15 दिनों के अंतराल पर बुवाई करने पर अक्टूबर से अप्रैल तक अच्छी उपज प्राप्त होती है. लेकिन सबसे ज्यादा पैदावार सितंबर में लगाए गए गेंदे से होती है। गांव निवासी इम्तियाज़ अली, जुमेराती,हुसैन अली भी गेंदा के फूलों की खेती कर रहे हैं। इन लोगों ने बताया कि बनारस से गेंदा का पौधा लाते हैं। फूलों को बस्ती,फैजाबाद, संतकबीर नगर तक के खरीदार आते हैं।

.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद

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