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जलमग्न हो रहे गांव, फसलें डूबीं
basti
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:42 PM IST
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चारों ओर से पानी से घिरा दिलासापुर।
- फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत/दुबौलिया। सरयू नदी कोहराम मचाने के कगार पर पहुंच चुकी है। विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्रों के दर्जनभर से अधिक गांवों में पानी घुस गया। फसलें डूब गई हैं। संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है।
विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के बांधविहीन क्षेत्रों में बसे कल्यानपुर, भरथापुर और सहजौरा पाठक बाढ़ के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। इन गांवों से बाहर निकालने के सारे मार्गों पर पानी भर गया है। किसी भी आवश्यकता के लिए जान-जोखिम में डालकर बहते पानी से आना जाना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को सरयू का जलस्तर 93.210 पहुंच गया जो लाल निशान से 48 सेंटीमीटर अधिक है। रानीपुर, केशवपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांनपुर, सहजौरा और संदलपुर गांवों में पानी भर गया है। ग्रामीणों की दैनिक क्रियाओं में समस्या उत्पन्न हो गई है। रानीपुर गांव में पानी सड़क तक पहुंच गया है। घघौवा पुल से हाईवे पार कर मांचा के रास्ते हैदराबाद, सिकन्दरपुर के सीवान तक की फसलें डूब गई हैं। केशवपुर गांव में पानी भरने से ग्रामीणों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। बाघानाला गांव में नदी का पानी फूलडीह के रास्ते पटखापुर के भट्ठे में पहुंच गया है। कल्याणपुर, सहजौरा जलमग्न हो गया है। सहजौरा के मांझालाल, माता प्रसाद, किनही, धनीराम, जग्गी तथा केशवपुर के संजय यादव, मंगल प्रसाद, हेमन्त पाण्डेय, राजबहादुर शर्मा, सुशील यादव, जितेंद्र सिंह का कहना है कि बांध के नहीं होने से गांव को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। चारों ओर पानी भर गया और फसलें डूबी गई हैं। गांव के कुछ झोपड़ियों में पानी पहुंच रहा है। गांव का हाल बेहाल है ।
नदी और तटबंध के बीच के गांव घिरे
दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में तटबंध व नदी के बीच बसे दर्जनों गांव पानी से घिरने लगे हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध के दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी तेजी से दबाव बना रही है। कटरिया गांव के पास बने ठोकर नंबर एक, चांदपुर के पास बने ठोकर नंबर पांच पर सरयू नदी का दबाव बढ़ा है, जिससे ठोकर नंबर पांच का नोज लगातार बैठ रहा है। बोल्डर डाल कर मरम्मत की जा रही है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के पास दर्जनों कटर पर नदी का दबाव है। मोजपुर, किशुनपुर, रिंग बांध पर भी जलस्तर बढऩे के कारण खतरा मंडराने लगा है। इससे रिंग बांध व वीडी तटबंध के बीच बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा आ पड़ा है। टकटवा गांव की सुरक्षा के लिए बनाया गया रिंग बांध दबाव में है। देवारागंगबरार, दिलासपुरा गांव पानी से पूरी तरह से घिर गया है। सतहा, भूअरिया, भलूईया टेढ़वा तीन तरफ से पानी से घिर गए हैं। सबसे अधिक समस्या सूबिखा बाबू की है। जलमग्न होने से ग्रामीण अपनी-अपनी नाव से आ-जा रहे हैं।
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विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के बांधविहीन क्षेत्रों में बसे कल्यानपुर, भरथापुर और सहजौरा पाठक बाढ़ के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। इन गांवों से बाहर निकालने के सारे मार्गों पर पानी भर गया है। किसी भी आवश्यकता के लिए जान-जोखिम में डालकर बहते पानी से आना जाना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय अयोध्या की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को सरयू का जलस्तर 93.210 पहुंच गया जो लाल निशान से 48 सेंटीमीटर अधिक है। रानीपुर, केशवपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांनपुर, सहजौरा और संदलपुर गांवों में पानी भर गया है। ग्रामीणों की दैनिक क्रियाओं में समस्या उत्पन्न हो गई है। रानीपुर गांव में पानी सड़क तक पहुंच गया है। घघौवा पुल से हाईवे पार कर मांचा के रास्ते हैदराबाद, सिकन्दरपुर के सीवान तक की फसलें डूब गई हैं। केशवपुर गांव में पानी भरने से ग्रामीणों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। बाघानाला गांव में नदी का पानी फूलडीह के रास्ते पटखापुर के भट्ठे में पहुंच गया है। कल्याणपुर, सहजौरा जलमग्न हो गया है। सहजौरा के मांझालाल, माता प्रसाद, किनही, धनीराम, जग्गी तथा केशवपुर के संजय यादव, मंगल प्रसाद, हेमन्त पाण्डेय, राजबहादुर शर्मा, सुशील यादव, जितेंद्र सिंह का कहना है कि बांध के नहीं होने से गांव को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। चारों ओर पानी भर गया और फसलें डूबी गई हैं। गांव के कुछ झोपड़ियों में पानी पहुंच रहा है। गांव का हाल बेहाल है ।
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नदी और तटबंध के बीच के गांव घिरे
दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में तटबंध व नदी के बीच बसे दर्जनों गांव पानी से घिरने लगे हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध के दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी तेजी से दबाव बना रही है। कटरिया गांव के पास बने ठोकर नंबर एक, चांदपुर के पास बने ठोकर नंबर पांच पर सरयू नदी का दबाव बढ़ा है, जिससे ठोकर नंबर पांच का नोज लगातार बैठ रहा है। बोल्डर डाल कर मरम्मत की जा रही है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव के पास दर्जनों कटर पर नदी का दबाव है। मोजपुर, किशुनपुर, रिंग बांध पर भी जलस्तर बढऩे के कारण खतरा मंडराने लगा है। इससे रिंग बांध व वीडी तटबंध के बीच बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा आ पड़ा है। टकटवा गांव की सुरक्षा के लिए बनाया गया रिंग बांध दबाव में है। देवारागंगबरार, दिलासपुरा गांव पानी से पूरी तरह से घिर गया है। सतहा, भूअरिया, भलूईया टेढ़वा तीन तरफ से पानी से घिर गए हैं। सबसे अधिक समस्या सूबिखा बाबू की है। जलमग्न होने से ग्रामीण अपनी-अपनी नाव से आ-जा रहे हैं।
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