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20 लाख खर्च कर मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष 12 लाख कमाएंगी शिल्पी
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20 लाख खर्च कर मत्स्य पालन से प्रतिवर्ष 12 लाख कमाएंगी शिल्पी
रामनगर के बड़डीहा में मत्स्य विभाग तैयार करवा रहा पंगेशियस मछली का उत्पादन केंद्र
छह महीने में लाभ देने लगेगा अब तक का सबसे महंगा 50 लाख का अनुदानित तालाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के रामनगर ब्लॉक के बड़डीहा-अमारीडीहा की शिल्पी सूर्यवंशी पाल सिर्फ एक बार 20 लाख रुपये लगाकर हर साल बैकरी मछली बिक्री कर 12 लाख रुपये की कमाई करेंगी। 20 लाख के अलावा पूरी लागत 50 लाख का 60 प्रतिशत यानि कि 30 लाख रुपये सरकार अनुदान के रूप में मदद करेगी।
साधारण गृहिणी से जिले के बड़े मत्स्य कारोबारियों में शामिल होने की राह पर बढ़ रही शिल्पी सूर्यवंशी ने साल भर पहले मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप वर्मा को सिर्फ एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराकर मत्स्य पालन की इच्छा जताई थी। विभाग ने उनकी जमीन को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत चयनित किया और 50 लाख रुपये की वृहद सर्कुलेटरी एल्वा कल्चर सिस्टम की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार कर धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है इसी अक्टूबर में यह तैयार हो जाएगा और हर साल शिल्पी तकरीबन 12 लाख रुपये की शुद्ध लाभ अर्जित करने लगेंगी।
इस तरह हो रहा तालाब का निर्माण
मत्स्य विभाग के अनुसार, तालाब में आठ टैंक का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। हर टैंक 90 घन मीटर का होगा। यहां मछलियों की सुविधा के लिए ऑक्सीजन मशीन, फिल्टर मशीन व तापमान को नियंत्रित करने के लिए ब्लोअर लगाया जाएगा। जेनरेटर व लाइट का भी प्रबंध रहेगा। गोदाम व कार्यालय का भी निर्माण किया जाएगा। हर टैंक में पंगेशियस मछली के आठ हजार बच्चे विकसित होकर तकरीबन 40 क्विंटल के होंगे। इस तरह आठों टैंक से तकरीबन 320 तकरीबन पंगेशियस (बैकरी) मछली का उत्पादन होगा। चूंकि साल में दो बार लाभ मिलेगा इसलिए साल में तकरीबन 11 लाख 82 हजार रुपये का शुद्ध लाभ शिल्पी को मिलेगा।
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रामनगर के बड़डीहा-अमारीडीहा में प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत वृहद सर्कुलेटरी एल्वा कल्चर सिस्टम की स्थापना की जा रही है। यह अब तक की जिले में सबसे बड़ी मत्स्य परियोजना है। इससे पालक को प्रतिवर्ष करीब 11 लाख 82 हजार रुपये का लाभ होगा।
- संदीप कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, बस्ती
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रामनगर के बड़डीहा में मत्स्य विभाग तैयार करवा रहा पंगेशियस मछली का उत्पादन केंद्र
छह महीने में लाभ देने लगेगा अब तक का सबसे महंगा 50 लाख का अनुदानित तालाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के रामनगर ब्लॉक के बड़डीहा-अमारीडीहा की शिल्पी सूर्यवंशी पाल सिर्फ एक बार 20 लाख रुपये लगाकर हर साल बैकरी मछली बिक्री कर 12 लाख रुपये की कमाई करेंगी। 20 लाख के अलावा पूरी लागत 50 लाख का 60 प्रतिशत यानि कि 30 लाख रुपये सरकार अनुदान के रूप में मदद करेगी।
साधारण गृहिणी से जिले के बड़े मत्स्य कारोबारियों में शामिल होने की राह पर बढ़ रही शिल्पी सूर्यवंशी ने साल भर पहले मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप वर्मा को सिर्फ एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराकर मत्स्य पालन की इच्छा जताई थी। विभाग ने उनकी जमीन को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत चयनित किया और 50 लाख रुपये की वृहद सर्कुलेटरी एल्वा कल्चर सिस्टम की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार कर धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है इसी अक्टूबर में यह तैयार हो जाएगा और हर साल शिल्पी तकरीबन 12 लाख रुपये की शुद्ध लाभ अर्जित करने लगेंगी।
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इस तरह हो रहा तालाब का निर्माण
मत्स्य विभाग के अनुसार, तालाब में आठ टैंक का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है। हर टैंक 90 घन मीटर का होगा। यहां मछलियों की सुविधा के लिए ऑक्सीजन मशीन, फिल्टर मशीन व तापमान को नियंत्रित करने के लिए ब्लोअर लगाया जाएगा। जेनरेटर व लाइट का भी प्रबंध रहेगा। गोदाम व कार्यालय का भी निर्माण किया जाएगा। हर टैंक में पंगेशियस मछली के आठ हजार बच्चे विकसित होकर तकरीबन 40 क्विंटल के होंगे। इस तरह आठों टैंक से तकरीबन 320 तकरीबन पंगेशियस (बैकरी) मछली का उत्पादन होगा। चूंकि साल में दो बार लाभ मिलेगा इसलिए साल में तकरीबन 11 लाख 82 हजार रुपये का शुद्ध लाभ शिल्पी को मिलेगा।
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रामनगर के बड़डीहा-अमारीडीहा में प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत वृहद सर्कुलेटरी एल्वा कल्चर सिस्टम की स्थापना की जा रही है। यह अब तक की जिले में सबसे बड़ी मत्स्य परियोजना है। इससे पालक को प्रतिवर्ष करीब 11 लाख 82 हजार रुपये का लाभ होगा।
- संदीप कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, बस्ती