{"_id":"6182d123e220c601f02449f0","slug":"firecracker-smoke-can-increase-the-problem-of-post-covid-patients-basti-news-gkp4152912150","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोस्ट कोविड मरीजों की समस्या बढ़ा सकता पटाखे का धुआं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोस्ट कोविड मरीजों की समस्या बढ़ा सकता पटाखे का धुआं
विज्ञापन
जीआईसी में पटाखों की खरीदारी करते लोग।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोस्ट कोविड मरीजों की समस्या बढ़ा सकता पटाखे का धुआं
आधे घंटे तक लगातार धुएं में रहने से शुरू हो सकती है सांस फूलने की समस्या
बस्ती। इस दीपावली कोविड पॉजिटिव रह चुके जिले के 11718 लोगों को पटाखा फोड़ने से परहेज करना होगा। कोविड के मरीज रह चुके लोगों (पोस्ट कोविड मरीजों) के लिए पटाखे का धुआं उनकी समस्या को बढ़ा सकता है। लगातार आधे घंटे तक धुएं में रहने से कोविड पॉजिटिव रह चुके मरीजों को दोबारा सांस फूलने की गंभीर समस्या झेलनी पड़ सकती है।
यह कहना है मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार का। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर में ज्यादा मामले सिंटोमेटिक थे तथा उसमें बड़ी संख्या गंभीर मरीजों की रही। जिले में 11 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हुए तथा इसमें से कई ऐसे हैं, जो गंभीर हालत से गुजरते हुए कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। इसमें कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना का प्रभाव सबसे ज्यादा फेफड़ों पर पड़ता है। कोविड पॉजिटिव रहे काफी लोग ऐसे हैं, जिनका फेफड़ा पूर्व की तरह न होकर कमजोर है। ऐसे में धुआं उनके लिए जहर हो सकता है। दोबारा सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर उन्हें अस्पताल तक में भर्ती होना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना के पूर्व मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए इस साल पटाखा न फोड़े। लोगों को चाहिए कि परिवार के लोगों को पटाखा फोड़ने से मना करें तथा पड़ोसियों को भी ऐसा न करने की अपील करें।
विज्ञापन
‘मास्क पहनें और धुएं से दूर रहें’
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजीशियन डॉ. प्रवीण गौतम का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक बड़ी संख्या में लोग कोविड पॉजिटिव तो हुए, लेकिन जांच नहीं कराई। दुकान से दवा लेकर ठीक हो गए। कोविड से अलग-अलग स्तर तक लोगों का फेफड़ा प्रभावित हुआ है। सभी के लिए धुआं नुकसानदेह है। जिन लोगों का सीटी स्कोर 22 से 25 प्रतिशत तक है, उनके लिए धुआं गंभीर खतरा है। कोविड प्रभावित रहे लोगों को चाहिए कि नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें और धुएं से दूर रहें।
विज्ञापन
आधे घंटे तक लगातार धुएं में रहने से शुरू हो सकती है सांस फूलने की समस्या
बस्ती। इस दीपावली कोविड पॉजिटिव रह चुके जिले के 11718 लोगों को पटाखा फोड़ने से परहेज करना होगा। कोविड के मरीज रह चुके लोगों (पोस्ट कोविड मरीजों) के लिए पटाखे का धुआं उनकी समस्या को बढ़ा सकता है। लगातार आधे घंटे तक धुएं में रहने से कोविड पॉजिटिव रह चुके मरीजों को दोबारा सांस फूलने की गंभीर समस्या झेलनी पड़ सकती है।
यह कहना है मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार का। उन्होंने बताया कि कोविड की दूसरी लहर में ज्यादा मामले सिंटोमेटिक थे तथा उसमें बड़ी संख्या गंभीर मरीजों की रही। जिले में 11 हजार से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हुए तथा इसमें से कई ऐसे हैं, जो गंभीर हालत से गुजरते हुए कोरोना से स्वस्थ हो चुके हैं। इसमें कम उम्र के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कोरोना का प्रभाव सबसे ज्यादा फेफड़ों पर पड़ता है। कोविड पॉजिटिव रहे काफी लोग ऐसे हैं, जिनका फेफड़ा पूर्व की तरह न होकर कमजोर है। ऐसे में धुआं उनके लिए जहर हो सकता है। दोबारा सांस फूलने की समस्या बढ़ने पर उन्हें अस्पताल तक में भर्ती होना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना के पूर्व मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए इस साल पटाखा न फोड़े। लोगों को चाहिए कि परिवार के लोगों को पटाखा फोड़ने से मना करें तथा पड़ोसियों को भी ऐसा न करने की अपील करें।
विज्ञापन
‘मास्क पहनें और धुएं से दूर रहें’
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट फिजीशियन डॉ. प्रवीण गौतम का कहना है कि शहर से लेकर गांव तक बड़ी संख्या में लोग कोविड पॉजिटिव तो हुए, लेकिन जांच नहीं कराई। दुकान से दवा लेकर ठीक हो गए। कोविड से अलग-अलग स्तर तक लोगों का फेफड़ा प्रभावित हुआ है। सभी के लिए धुआं नुकसानदेह है। जिन लोगों का सीटी स्कोर 22 से 25 प्रतिशत तक है, उनके लिए धुआं गंभीर खतरा है। कोविड प्रभावित रहे लोगों को चाहिए कि नियमित रूप से मास्क का प्रयोग करें और धुएं से दूर रहें।