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Basti News: आम खाकर नल का हैंडल पकड़ लेने को लेकर मारपीट, पांच घायल
Mon, 19 Jun 2023 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 19 Jun 2023 01:26 AM IST
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बस्ती। आम खाकर नल की हैंडिल पकड़ लेने को लेकर छावनी थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में विवाद हो गया। रविवार को इसे लेकर जमकर मारपीट हुई। दो महिलाओं समेत पांच लोग घायल हो गए। सभी को विक्रमजोत सीएचसी पर भर्ती कराया गया, जिनमें तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है।
शंभूपुर गांव के बाहर काली मंदिर व उसके आसपास आम के पेड़ों की घनी छाया है। जहां भीषण गर्मी और धूप से बचने लिए तमाम लोग जुटते हैं। शुक्रवार को गांव का संदीप माली पुत्र राम बहाल पेड़ से गिरा आम खाकर मंदिर के पास मौजूद नल पर हाथ धोने चले गये। वहां मौजूद गांव के कुछ लोगों ने टोका कि हैंडिल जूठी हो गई। उसी से जल भरकर लोग पूजा करते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गयी। इसी खुन्नस में दूसरे दिन शनिवार को विक्रमजोत से इलाज करा कर लौट रहे संदीप के बड़े भाई प्रदीप व उनकी पत्नी रिंका को शंभूपुर और लकड़ी दूबे गांव के कुछ लोगों ने शंकरपुर नहर के पुल पर मार-पीट दिया। जिसकी तत्काल शिकायत प्रदीप और उनकी पत्नी रिंका ने छावनी थाने पर जाकर की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने दूसरे दिन दोनों पक्षों को थाने पर बुलाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। रविवार को सुबह लगभग 10 बजे प्रदीप माली अपने पिता रामबहाल के साथ थाने पर जाने वाला था, तभी लाठी डंडा लेकर 10-12 लोग उसके घर पर पहुंच गए और पूरे परिवार को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। दरवाजे पर खड़ी कार तोड़ दी। 65 वर्षीय राम बहाल, उनकी पत्नी अकाला देवी, बेटा संदीप, प्रदीप और बहू रिंका देवी घायल हो गईं। मारपीट की घटना का कुछ ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जानकारी मिलते ही गांव में पहुंची छावनी पुलिस को देख मारपीट करने वाले भाग निकले। थाने पर पहुंचे घायल राम बहाल ने गांव के शिव नाथ दूबे, सूबेदार दूबे, लकड़ी दूबे निवासी रमन सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। एसओ दुर्गेश पांडेय का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस की चूक से हुई मारपीट
- गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस की चूक से रविवार को मारपीट की घटना हुई। शनिवार को विक्रमजोत बाजार से लौटते समय मारपीट की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से लिया गया होता तो रविवार को मारपीट की नौबत नहीं आती। तहरीर मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने से आरोपियों काे मौका मिल गया।
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शंभूपुर गांव के बाहर काली मंदिर व उसके आसपास आम के पेड़ों की घनी छाया है। जहां भीषण गर्मी और धूप से बचने लिए तमाम लोग जुटते हैं। शुक्रवार को गांव का संदीप माली पुत्र राम बहाल पेड़ से गिरा आम खाकर मंदिर के पास मौजूद नल पर हाथ धोने चले गये। वहां मौजूद गांव के कुछ लोगों ने टोका कि हैंडिल जूठी हो गई। उसी से जल भरकर लोग पूजा करते हैं। इसके बाद दोनों पक्षों में कहा सुनी हो गयी। इसी खुन्नस में दूसरे दिन शनिवार को विक्रमजोत से इलाज करा कर लौट रहे संदीप के बड़े भाई प्रदीप व उनकी पत्नी रिंका को शंभूपुर और लकड़ी दूबे गांव के कुछ लोगों ने शंकरपुर नहर के पुल पर मार-पीट दिया। जिसकी तत्काल शिकायत प्रदीप और उनकी पत्नी रिंका ने छावनी थाने पर जाकर की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने दूसरे दिन दोनों पक्षों को थाने पर बुलाने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। रविवार को सुबह लगभग 10 बजे प्रदीप माली अपने पिता रामबहाल के साथ थाने पर जाने वाला था, तभी लाठी डंडा लेकर 10-12 लोग उसके घर पर पहुंच गए और पूरे परिवार को मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। दरवाजे पर खड़ी कार तोड़ दी। 65 वर्षीय राम बहाल, उनकी पत्नी अकाला देवी, बेटा संदीप, प्रदीप और बहू रिंका देवी घायल हो गईं। मारपीट की घटना का कुछ ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जानकारी मिलते ही गांव में पहुंची छावनी पुलिस को देख मारपीट करने वाले भाग निकले। थाने पर पहुंचे घायल राम बहाल ने गांव के शिव नाथ दूबे, सूबेदार दूबे, लकड़ी दूबे निवासी रमन सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। एसओ दुर्गेश पांडेय का कहना है कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस की चूक से हुई मारपीट
- गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस की चूक से रविवार को मारपीट की घटना हुई। शनिवार को विक्रमजोत बाजार से लौटते समय मारपीट की शिकायत को पुलिस ने गंभीरता से लिया गया होता तो रविवार को मारपीट की नौबत नहीं आती। तहरीर मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं करने से आरोपियों काे मौका मिल गया।
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