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पिता और पुत्र समेत छह को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला बस्ती
Updated Sat, 17 Oct 2015 12:01 AM IST
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विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी ने हत्या के मामले में पिता-पुत्र समेत छह आरोपियों को उम्रकैद से दंडित किया है। साथ ही सभी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर साढ़े तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली के गजपुर निवासी रंजना सिंह ने तहरीर थी थी गांव के रामअजोर ने गाड़ी की बैटरी गायब होने की बात को लेकर 19 अप्रैल 2003 को मेरे भाई रामकुमार को गांव के महेंद्र आदि ने मारा पीटा।
जिसकी शिकायत मेरे भाई राम आशीष ने महेंद्र के परिवार वालों से की। इसी रंजिश को लेकर 20 अप्रैल को उसके भाई रामआशीष, रामगोविंद व भाई के दोस्त अजीत कुमार मिश्र निवासी बिसरापार, कमलेश सिंह निवासी कोनी और नौरंगिया गांव के राजेश चौधरी तामेश्वरनाथ स्थित दुकान से खाना खाने के लिए अपने घर गजपुर आ रहे थे।
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अपराह्न दो बजे गांव के विनोद के राइस मिल के तिराहे पर जब सभी लोग पहुंचे तो गांव के महेंद्र सिंह, उदय पाल, रामललित, राजेश, रामनरायन और एक अन्य शख्स व रामपुर रेवटी के यशोदा उर्फ सुबास वहां पहले से ही हथियारों के साथ घात लगाकर मौजूद थे।
इन्होंने रामआशीष को घेर लिया। रामललित ने ललकारते हुए कहा कि मारो बच कर जाने न पाए। इतने में उदयपाल ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से रामआशीष पर फायर कर दिया।
अजीत मिश्रा बचाने के लिए दौड़े तो यशोदा ने तमंचे से फायर कर दिया जो उनके दाहिने हाथ में लगा। अन्य लोगों ने लाठी-डंडे से वार किया। इससे घटनास्थल पर रामआशीष की मृत्यु हो गई।
रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल हुआ। घटना के समय एक शख्स नाबालिग था इस कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया गया। अभियोजन की ओर से वादी सहित नौ गवाहों का बयान कराया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता नित्यानंद यादव ने किया। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर जज ने सामान्य आशय से जानलेवा हमला व हत्या के आरोप में दोषी मानते हुए महेंद्र, उदयपाल, रामललित, राजेश, यशोदा, रामनरायन को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड की धनराशि में से पचीस हजार रुपये मृत के परिवार को और आठ हजार रुपये चोटहिल अजीत कुमार मिश्र को देने का आदेश दिया गया।
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अभियोजन के अनुसार संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली के गजपुर निवासी रंजना सिंह ने तहरीर थी थी गांव के रामअजोर ने गाड़ी की बैटरी गायब होने की बात को लेकर 19 अप्रैल 2003 को मेरे भाई रामकुमार को गांव के महेंद्र आदि ने मारा पीटा।
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जिसकी शिकायत मेरे भाई राम आशीष ने महेंद्र के परिवार वालों से की। इसी रंजिश को लेकर 20 अप्रैल को उसके भाई रामआशीष, रामगोविंद व भाई के दोस्त अजीत कुमार मिश्र निवासी बिसरापार, कमलेश सिंह निवासी कोनी और नौरंगिया गांव के राजेश चौधरी तामेश्वरनाथ स्थित दुकान से खाना खाने के लिए अपने घर गजपुर आ रहे थे।
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अपराह्न दो बजे गांव के विनोद के राइस मिल के तिराहे पर जब सभी लोग पहुंचे तो गांव के महेंद्र सिंह, उदय पाल, रामललित, राजेश, रामनरायन और एक अन्य शख्स व रामपुर रेवटी के यशोदा उर्फ सुबास वहां पहले से ही हथियारों के साथ घात लगाकर मौजूद थे।
इन्होंने रामआशीष को घेर लिया। रामललित ने ललकारते हुए कहा कि मारो बच कर जाने न पाए। इतने में उदयपाल ने अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक से रामआशीष पर फायर कर दिया।
अजीत मिश्रा बचाने के लिए दौड़े तो यशोदा ने तमंचे से फायर कर दिया जो उनके दाहिने हाथ में लगा। अन्य लोगों ने लाठी-डंडे से वार किया। इससे घटनास्थल पर रामआशीष की मृत्यु हो गई।
रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल हुआ। घटना के समय एक शख्स नाबालिग था इस कारण उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में भेज दिया गया। अभियोजन की ओर से वादी सहित नौ गवाहों का बयान कराया गया।
अभियोजन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता नित्यानंद यादव ने किया। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर जज ने सामान्य आशय से जानलेवा हमला व हत्या के आरोप में दोषी मानते हुए महेंद्र, उदयपाल, रामललित, राजेश, यशोदा, रामनरायन को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड की धनराशि में से पचीस हजार रुपये मृत के परिवार को और आठ हजार रुपये चोटहिल अजीत कुमार मिश्र को देने का आदेश दिया गया।