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किसान मित्र भी आंदोलन करेंगे
अमर उजाला बस्ती
Updated Sat, 17 Sep 2016 12:05 AM IST
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प्रदर्शन किया ।
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि विभाग की ओर से पूर्व में तैनात किसान मित्रों ने समायोजन की हुंकार भरी है। निर्णय लिया गया कि शिक्षामित्रों की तरह यदि समायोजन नहीं किया गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शुक्रवार को गौर ब्लॉक के कृषि विद्यालय में किसान मित्रों की बैठक ब्लाक अध्यक्ष जीतेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई। अध्यक्ष ने कहा कि जिले के किसान मित्र समायोजन को लेकर व्यापक आंदोलन की तैयारी में है। कृषि विभाग की योजनाओं को गांव के किसानों तक पहुंचाने एवं प्रचार प्रसार के साथ कम लागत में अधिक पैदावार तथा वैज्ञानिक ढंग से खेती के गुर सिखाने की जिम्मेदारी किसान मित्र निभाते हैं। प्रदेश में वर्ष 2007 में किसान मित्रों की नियुक्ति की गई थी। मानदेय के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह बैंक खाते से मिलना भी चालू हुआ। लेकिन सरकार ने मार्च 2009 से इनका मानदेय ही बंद कर दिया। 25 दिसम्बर 2007 में कृषि विभाग ने जिले में कुल 1044 किसान मित्रों की तैनाती की। किसानों में मिनी किट, मृदा परीक्षण, कंपोस्ट विधि से खाद तैयार करना, कृषि यंत्र, बखारी का वितरण, उन्नतशील बीजों का प्रचार प्रसार और जैविक खेती के बारे में किसानों को जानकारी देने का काम कराया गया ।उसके बाद विभाग और सरकार इन्हें सेवा में नहीं रखना चाहते है। जबकि ब्लाक वार इनका प्रशिक्षण भी कराया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षा मित्रों के समान हम लोगों का भी समायोजन किया जाए ।यदि ऐसा नहीं हुआ तो जिले के किसान मित्र व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन की रूप रेखा बाद में तैयार की जाएगी। बैठक का संचालन शैलेश यादव ने की। रतन, महेश चन्द्र,सजय वर्मा, आलोक सिंह, दुर्गेश सिंह, जैसराम, संजय सिंह, मनीष सिंह, सफीक अहमद, अजय सिंह आदि रहे।
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शुक्रवार को गौर ब्लॉक के कृषि विद्यालय में किसान मित्रों की बैठक ब्लाक अध्यक्ष जीतेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई। अध्यक्ष ने कहा कि जिले के किसान मित्र समायोजन को लेकर व्यापक आंदोलन की तैयारी में है। कृषि विभाग की योजनाओं को गांव के किसानों तक पहुंचाने एवं प्रचार प्रसार के साथ कम लागत में अधिक पैदावार तथा वैज्ञानिक ढंग से खेती के गुर सिखाने की जिम्मेदारी किसान मित्र निभाते हैं। प्रदेश में वर्ष 2007 में किसान मित्रों की नियुक्ति की गई थी। मानदेय के रूप में एक हजार रुपये प्रतिमाह बैंक खाते से मिलना भी चालू हुआ। लेकिन सरकार ने मार्च 2009 से इनका मानदेय ही बंद कर दिया। 25 दिसम्बर 2007 में कृषि विभाग ने जिले में कुल 1044 किसान मित्रों की तैनाती की। किसानों में मिनी किट, मृदा परीक्षण, कंपोस्ट विधि से खाद तैयार करना, कृषि यंत्र, बखारी का वितरण, उन्नतशील बीजों का प्रचार प्रसार और जैविक खेती के बारे में किसानों को जानकारी देने का काम कराया गया ।उसके बाद विभाग और सरकार इन्हें सेवा में नहीं रखना चाहते है। जबकि ब्लाक वार इनका प्रशिक्षण भी कराया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षा मित्रों के समान हम लोगों का भी समायोजन किया जाए ।यदि ऐसा नहीं हुआ तो जिले के किसान मित्र व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन की रूप रेखा बाद में तैयार की जाएगी। बैठक का संचालन शैलेश यादव ने की। रतन, महेश चन्द्र,सजय वर्मा, आलोक सिंह, दुर्गेश सिंह, जैसराम, संजय सिंह, मनीष सिंह, सफीक अहमद, अजय सिंह आदि रहे।
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