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Basti News: भटकते रह गए किसान...विभाग ने खरीद लिया लक्ष्य से अधिक धान
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बस्ती। मंडल में धान की खरीदारी इस बार लक्ष्य से अधिक 118 प्रतिशत तक हुई है। यह अलग बात हैं कि पूरे अभियान में केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। किसान अपनी उपज बेचने के लिए मारे-मारे फिर रहे थे। किसान संगठनों को धान खरीद न होने के दौरान कई बार आंदोलन तक करना पड़ा।
मगर विभागीय दस्तावेज में खरीद का ग्राफ आखिरी दौर में इस कदर बढ़ा कि लक्ष्य पार हो गया। अब सीएमआर चावल के रिकवरी की जद्दोजहद हो रही है। अभी राइस मिलों से 5443 एमटी चावल की रिकवरी बची हुई है। जबकि 8676 एमटी धान केंद्रों पर अभी शेष बचा है।
गेहूं खरीद का समय आने वाला है और विभाग अभी धान खरीद अभियान में ही उलझा हुआ है। जानकारों के अनुसार शुरूआत के दो महीने में जब धान की फसल तैयार हुई थी तो खरीद का ग्राफ बढ़ नहीं पाया था।
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किसान बिचौलियों के जरिये औने-पौने में धान बेचने को मजबूर हुए। लेकिन, सरकारी एजेंसियों ने न जाने कौन सा तिकड़म अपनाया कि आखिरी दो महीने में धान खरीद का ग्राफ लक्ष्य से काफी अधिक 118 प्रतिशत पहुंच गया।
हालांकि धान खरीद के सापेक्ष विभाग ने सरकारी चावल की रिकवरी भी अधिकतम कर लिया है। मगर अभी तक 5443 एमटी चावल की रिकवरी राइस मिलों से नहीं हो पाई है।
राइस मिलों से प्रेषित धान के सापेक्ष 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी होती है। अभी तक 1,23,670 एमटी चावल की देनदारी राइस मिलों पर बनी है। इसके सापेक्ष केवल 1,18,226 एमटी चावल ही भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में प्रेषित हो पाया है। शेष चावल की देनदारी राइस मिलों पर बकाया है।
वहीं क्रय केंद्रों पर 8676 एमटी धान अभी भी पड़े हैं। इसे कुटाई के लिए राइस मिलों में अभी तक प्रेषित नहीं किया गया है। चावल की रिकवरी के लिए केंद्र प्रभारियों पर विभागीय उच्चाधिकारी लगातार दबाव बना रहे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि गेहूं खरीद शुरू होने से पहले शतप्रतिशत सीएमआर चावल की रिकवरी सुनिश्चित कर ली जाए।
457.32 करोड़ रुपये से हुई धान की खरीद : इस बार खरीफ अभियान में बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले में 457.32 करोड़ रुपये की धान की खरीदारी की गई है। कुल 27,642 किसानों से धान खरीदा गया है।
अभी तक 454.41 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया गया है। कुल 291.71 करोड़ रुपये किसानों का अभी बकाया है।
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मगर विभागीय दस्तावेज में खरीद का ग्राफ आखिरी दौर में इस कदर बढ़ा कि लक्ष्य पार हो गया। अब सीएमआर चावल के रिकवरी की जद्दोजहद हो रही है। अभी राइस मिलों से 5443 एमटी चावल की रिकवरी बची हुई है। जबकि 8676 एमटी धान केंद्रों पर अभी शेष बचा है।
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गेहूं खरीद का समय आने वाला है और विभाग अभी धान खरीद अभियान में ही उलझा हुआ है। जानकारों के अनुसार शुरूआत के दो महीने में जब धान की फसल तैयार हुई थी तो खरीद का ग्राफ बढ़ नहीं पाया था।
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किसान बिचौलियों के जरिये औने-पौने में धान बेचने को मजबूर हुए। लेकिन, सरकारी एजेंसियों ने न जाने कौन सा तिकड़म अपनाया कि आखिरी दो महीने में धान खरीद का ग्राफ लक्ष्य से काफी अधिक 118 प्रतिशत पहुंच गया।
हालांकि धान खरीद के सापेक्ष विभाग ने सरकारी चावल की रिकवरी भी अधिकतम कर लिया है। मगर अभी तक 5443 एमटी चावल की रिकवरी राइस मिलों से नहीं हो पाई है।
राइस मिलों से प्रेषित धान के सापेक्ष 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी होती है। अभी तक 1,23,670 एमटी चावल की देनदारी राइस मिलों पर बनी है। इसके सापेक्ष केवल 1,18,226 एमटी चावल ही भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में प्रेषित हो पाया है। शेष चावल की देनदारी राइस मिलों पर बकाया है।
वहीं क्रय केंद्रों पर 8676 एमटी धान अभी भी पड़े हैं। इसे कुटाई के लिए राइस मिलों में अभी तक प्रेषित नहीं किया गया है। चावल की रिकवरी के लिए केंद्र प्रभारियों पर विभागीय उच्चाधिकारी लगातार दबाव बना रहे हैं। जिम्मेदारों का कहना है कि गेहूं खरीद शुरू होने से पहले शतप्रतिशत सीएमआर चावल की रिकवरी सुनिश्चित कर ली जाए।
457.32 करोड़ रुपये से हुई धान की खरीद : इस बार खरीफ अभियान में बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले में 457.32 करोड़ रुपये की धान की खरीदारी की गई है। कुल 27,642 किसानों से धान खरीदा गया है।
अभी तक 454.41 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान किया गया है। कुल 291.71 करोड़ रुपये किसानों का अभी बकाया है।