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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में किसानों की रुचि नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Dec 2015 12:36 AM IST
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बस्ती। खेती बारी में किसानों की सहायता के लिए सरकार ने बीज सहित अन्य
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कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान की धनराशि को डीबीटी यानी डायरेक्ट
बेनफिट ट्रांसफर योजना के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा रही है।
ऑनलाइन पंजीकरण पिछले चार महीने से चल रहा है। मगर अभी तक मात्र 53,318 किसान ही पंजीकरण करा सके हैं। जबकि विभाग का लक्ष्य 70 हजार से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने का है। गेहूं के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2015 है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया 31 दिसंबर के बाद गेहूं को छोड़कर अन्य पर अनुदान के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जारी रहेगा। सभी किसानों को अनुदान का लाभ मिल सके इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है।
हालांकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने, बीज वितरण एवं किसानों के खाते में अनुदान की धनराशि ट्रांसफर कराने के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा किसान सम्मान दिवस के अवसर पर जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सतीशचंद्र पाठक को सम्मानित कर चुके हैं।
किसानों को शोषण और अन्य परेशानियों से बचाने के लिए आनलाइन पंजीकरण कराने की व्यवस्था सरकार की ओर से बनाई गई। यह व्यवस्था पहली सिंतबर 2015 से शुरू हुई। अब तक कुल 53318 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें दस हजार से अधिक किसान अनुदान वाला गेहूं का बीज ले जा चुके हैं। दो हजार रूपये प्रति कुंतल के दर से किसानों के खातें में अनुदान की धनराशि भेजी जा चुकी है।
डीओ ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए विक्रमजोत और गौर ब्लॉकों को छोड़कर अन्य 12 ब्लॉकों में आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था है। साथ ही मुख्यालय पर छह लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था की गई है।
बताया कि ऑनलाइन रात दिन किया जा रहा है, कोई भी किसान ब्लॉक या मुख्यालय आकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। बताया कि सभी किसानों को डीवीटी का लाभ मिल सके इसके लिए गांव-गांव किसानों से संपर्क कर उनका पंजीकरण कराया जा रहा है।
ऑनलाइन पंजीकरण पिछले चार महीने से चल रहा है। मगर अभी तक मात्र 53,318 किसान ही पंजीकरण करा सके हैं। जबकि विभाग का लक्ष्य 70 हजार से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने का है। गेहूं के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2015 है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया 31 दिसंबर के बाद गेहूं को छोड़कर अन्य पर अनुदान के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जारी रहेगा। सभी किसानों को अनुदान का लाभ मिल सके इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है।
हालांकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने, बीज वितरण एवं किसानों के खाते में अनुदान की धनराशि ट्रांसफर कराने के मामले में मुख्यमंत्री द्वारा किसान सम्मान दिवस के अवसर पर जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर सतीशचंद्र पाठक को सम्मानित कर चुके हैं।
किसानों को शोषण और अन्य परेशानियों से बचाने के लिए आनलाइन पंजीकरण कराने की व्यवस्था सरकार की ओर से बनाई गई। यह व्यवस्था पहली सिंतबर 2015 से शुरू हुई। अब तक कुल 53318 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें दस हजार से अधिक किसान अनुदान वाला गेहूं का बीज ले जा चुके हैं। दो हजार रूपये प्रति कुंतल के दर से किसानों के खातें में अनुदान की धनराशि भेजी जा चुकी है।
डीओ ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए विक्रमजोत और गौर ब्लॉकों को छोड़कर अन्य 12 ब्लॉकों में आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था है। साथ ही मुख्यालय पर छह लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था की गई है।
बताया कि ऑनलाइन रात दिन किया जा रहा है, कोई भी किसान ब्लॉक या मुख्यालय आकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है। बताया कि सभी किसानों को डीवीटी का लाभ मिल सके इसके लिए गांव-गांव किसानों से संपर्क कर उनका पंजीकरण कराया जा रहा है।