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आमजन पर पड़ रही दोहरी मार
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:35 PM IST
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सुबह कोहरा होने के कारण लाइट जला कर जाते लोग।
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नोट किल्लत का दंश झेल रही पब्लिक पर दोहरी मार पड़ रही है। सारा काम छोड़कर बैंक खुलने से पहले लाइन में लगने के बाद भी गाढ़ी कमाई नहीं निकल पा रही ऊपर से शीतलहर की मार से दिक्कतें बढ़ गई हैं। बैंकों या एटीएम के पास किसी तरह के अलाव की व्यवस्था नहीं है।
पिछले एक हफ्ते से तापमान लुढ़क रहा है। सूरज नहीं निकलने और हवाओं के चलने से ठंड हाड़ कपा दे रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें मरीजों और बुजुर्गों को हो रही हैं। बड़े लोग भी रुपये के लिए सुबह सब काम छोड़कर बैंक और एटीएम की लाइन में पहुंच जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को लोग अपने अपने तरीके से ठंड से बचने की जुगाड़ करते नजर आए। कोई गरम कपड़ों में खुुद को लपेटे तो कुछ लोग कागज, लकड़ी जलाकर ठंडी भगाते दिखे। शहर और कस्बों में चाय की दुकानों पर खासी भीड़ हो रही है। प्रशासन और नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक बुजुर्गों व बच्चों की मुश्किलें बढ़ी हैं। बैंक, अस्पताल, गन्ना क्रय केद्रों, चौराहों समेत कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। लोग पूरे दिन ठिठुरते हुए जरूरी कार्यों को कर रहे हैं। हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक एक सप्ताह से पड़ रहे कोहरे व अचानक बढ़ी ठंड का असर बाजारों पर भी पड़ा है। देर रात तक खुलने वाली दुकानें शाम सात बजे तक बंद हो जा रही हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है जिन्हें घने कोहरे के बीच ही सुबह स्कूल जाना पड़ता है। दिसंबर के पहले ही हफ्ते से छाए कोहरे की मार से लोग पहले हलकान थे अब तीन दिन से अचानक बढ़ी ठंड नें दुश्वारियां बढ़ा दी है। प्राइवेट डॉक्टर और अस्पतालों में सर्दी जुकाम व कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे ज्यादा पहुंच रहे हैं। हर्रैया तहसील क्षेत्र में बस अड्डे से लेकर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इस बाबत ईओ ह्रदयानंद उपाध्याय ने कहा कि अचानक ठंड बढ़ गई है अलाव जलाने की तैयारी की जा रही है। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक तेज गलन और पछुआ हवा के कारण लोग ठिठुरते रहे।
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पिछले एक हफ्ते से तापमान लुढ़क रहा है। सूरज नहीं निकलने और हवाओं के चलने से ठंड हाड़ कपा दे रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें मरीजों और बुजुर्गों को हो रही हैं। बड़े लोग भी रुपये के लिए सुबह सब काम छोड़कर बैंक और एटीएम की लाइन में पहुंच जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को लोग अपने अपने तरीके से ठंड से बचने की जुगाड़ करते नजर आए। कोई गरम कपड़ों में खुुद को लपेटे तो कुछ लोग कागज, लकड़ी जलाकर ठंडी भगाते दिखे। शहर और कस्बों में चाय की दुकानों पर खासी भीड़ हो रही है। प्रशासन और नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
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बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक बुजुर्गों व बच्चों की मुश्किलें बढ़ी हैं। बैंक, अस्पताल, गन्ना क्रय केद्रों, चौराहों समेत कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। लोग पूरे दिन ठिठुरते हुए जरूरी कार्यों को कर रहे हैं। हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक एक सप्ताह से पड़ रहे कोहरे व अचानक बढ़ी ठंड का असर बाजारों पर भी पड़ा है। देर रात तक खुलने वाली दुकानें शाम सात बजे तक बंद हो जा रही हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है जिन्हें घने कोहरे के बीच ही सुबह स्कूल जाना पड़ता है। दिसंबर के पहले ही हफ्ते से छाए कोहरे की मार से लोग पहले हलकान थे अब तीन दिन से अचानक बढ़ी ठंड नें दुश्वारियां बढ़ा दी है। प्राइवेट डॉक्टर और अस्पतालों में सर्दी जुकाम व कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चे ज्यादा पहुंच रहे हैं। हर्रैया तहसील क्षेत्र में बस अड्डे से लेकर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इस बाबत ईओ ह्रदयानंद उपाध्याय ने कहा कि अचानक ठंड बढ़ गई है अलाव जलाने की तैयारी की जा रही है। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक तेज गलन और पछुआ हवा के कारण लोग ठिठुरते रहे।
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