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Basti News: दो दशक से स्टेडियम में नहीं बढ़ीं सुविधाएं
Fri, 30 Jun 2023 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 30 Jun 2023 12:50 AM IST
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बस्ती। सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तमाम कार्यक्रम आयोजित कर रही है। लेकिन खेल संसाधनों के विकास को लेकर काेई कदम नहीं उठा रही है। जिले में स्टेडियम के नाम पर चहारदीवारी से घिरा एक मैदान ही है। उस पर खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों का विकास होना समय की जरूरत माना जाता है। अभाव में अभ्यास कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक खेल चुके खिलाड़ी आधुनिक संसाधनों की मांग करते हैं। लेकिन, उनकी मांगों को कभी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता। स्टेडियम की स्थापना हुए पांच दशक से ऊपर हो गए। अभी भी इसमें गुजरे जमाने की ही सुविधाएं मौजूद हैं। क्रिकेट टर्फ विकेट, बैडमिंटन हॉल, हैंडबाल कोर्ट के अलावा अन्य खेलों के लिए कोई सुविधा नहीं है। जबकि यहां एथलेटिक्स, हॉकी, वालीबाल, हैंडबाल सहित पांच खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्रिकेट के लिए टर्फ विकेट के अलावा पवेलियन भी बना हुआ है। लेकिन, प्रशिक्षक न होने के कारण सब अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। तीन साल पहले खेल विभाग ने स्टेडियम के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव भी भेजा लेकिन, इस पर शासन ने सहमति नहीं दी।
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स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं के लैस करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसे लेकर लगातार खेल निदेशालय से वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि प्रस्ताव पास हो जाएगा। -संजय शर्मा, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।
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खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों का विकास होना समय की जरूरत माना जाता है। अभाव में अभ्यास कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता तक खेल चुके खिलाड़ी आधुनिक संसाधनों की मांग करते हैं। लेकिन, उनकी मांगों को कभी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता। स्टेडियम की स्थापना हुए पांच दशक से ऊपर हो गए। अभी भी इसमें गुजरे जमाने की ही सुविधाएं मौजूद हैं। क्रिकेट टर्फ विकेट, बैडमिंटन हॉल, हैंडबाल कोर्ट के अलावा अन्य खेलों के लिए कोई सुविधा नहीं है। जबकि यहां एथलेटिक्स, हॉकी, वालीबाल, हैंडबाल सहित पांच खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्रिकेट के लिए टर्फ विकेट के अलावा पवेलियन भी बना हुआ है। लेकिन, प्रशिक्षक न होने के कारण सब अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। तीन साल पहले खेल विभाग ने स्टेडियम के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्ताव भी भेजा लेकिन, इस पर शासन ने सहमति नहीं दी।
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स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं के लैस करने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसे लेकर लगातार खेल निदेशालय से वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि प्रस्ताव पास हो जाएगा। -संजय शर्मा, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी।
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