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बच्चों की बौद्धिक क्षमता जांचने को परीक्षा शुरू
Thu, 07 Mar 2019 12:30 AM IST
राकेश पांडेय
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 07 Mar 2019 12:30 AM IST
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बच्चों की बौद्धिक क्षमता जांचने को परीक्षा शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बच्चों की बौदि्धक क्षमता का स्तर जानने के लिए ग्रेडिंग लर्निंग परीक्षा बुधवार को शुरू हुई। यह परीक्षा 8 मार्च तक चलेगी। बुधवार को जिले के कई विद्यालयों में परीक्षा हुई। लेकिन प्रश्नपत्र की जगह ब्लैक बोर्ड पर ही प्रश्न लिखकर परीक्षा संपन्न कराने की कोशिश की गई।
कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का बौदि्धक स्तर कैसा है, इसका पता करने के लिए परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा छह से आठ मार्च तक चलनी है। जिसकी जिम्मेदारी सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है। यह परीक्षा ओएमआर सीट पर हो रही है। जिससे विद्यालय की ग्रेडिंग ए, बी और सी श्रेणी में होगी। जिन विद्यालयों का शिक्षा का स्तर खराब है, वहां सुधार के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। परीक्षा हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण, सामाजिक अध्ययन, विज्ञान के प्रश्न पर आधरित है। कक्षा एक और दो के बच्चों को 50 मिनट और तीन, चार और पांच के 90 तथा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को 120 मिनट में सवाल हल करने हैं। प्राथमिक विद्यालय पिकौरा बक्स और प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में प्रश्न पत्र न होने के कारण ब्लैक बोर्ड पर लिख कर परीक्षा कराई जा रही थी। जूनियर हाई स्कूल गांधीनगर में 35 बच्चों का नामाकंन है जिनके लिए पांच अध्यापक हैं। परीक्षा के दिन केवल 15 बच्चे ही उपस्थित थे वहां भी पेपर नहीं था। शिक्षक ब्लैक बोर्ड पर लिख कर परीक्षा करा रही थीं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने कहा बच्चों की बौदि्धक क्षमता का स्तर कैसा है इसे जांचने के लिए ग्रेडिंग परीक्षा कराई जा रही है। जिन विद्यालयों के बच्चों के बौदि्धक स्तर मे कमी मिलेगी, वहां सुधार के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। किसी विद्यालय मेेेें प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे हंै तो जांच कराई जाएगी। बताया कि इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है।
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कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का बौदि्धक स्तर कैसा है, इसका पता करने के लिए परीक्षा कराई जा रही है। परीक्षा छह से आठ मार्च तक चलनी है। जिसकी जिम्मेदारी सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है। यह परीक्षा ओएमआर सीट पर हो रही है। जिससे विद्यालय की ग्रेडिंग ए, बी और सी श्रेणी में होगी। जिन विद्यालयों का शिक्षा का स्तर खराब है, वहां सुधार के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। परीक्षा हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण, सामाजिक अध्ययन, विज्ञान के प्रश्न पर आधरित है। कक्षा एक और दो के बच्चों को 50 मिनट और तीन, चार और पांच के 90 तथा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं को 120 मिनट में सवाल हल करने हैं। प्राथमिक विद्यालय पिकौरा बक्स और प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर में प्रश्न पत्र न होने के कारण ब्लैक बोर्ड पर लिख कर परीक्षा कराई जा रही थी। जूनियर हाई स्कूल गांधीनगर में 35 बच्चों का नामाकंन है जिनके लिए पांच अध्यापक हैं। परीक्षा के दिन केवल 15 बच्चे ही उपस्थित थे वहां भी पेपर नहीं था। शिक्षक ब्लैक बोर्ड पर लिख कर परीक्षा करा रही थीं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने कहा बच्चों की बौदि्धक क्षमता का स्तर कैसा है इसे जांचने के लिए ग्रेडिंग परीक्षा कराई जा रही है। जिन विद्यालयों के बच्चों के बौदि्धक स्तर मे कमी मिलेगी, वहां सुधार के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। किसी विद्यालय मेेेें प्रश्नपत्र नहीं पहुंचे हंै तो जांच कराई जाएगी। बताया कि इसकी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है।
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