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हर दिल में गम, हर जुबां पर सिर्फ अटल

Sat, 18 Aug 2018 12:42 AM IST
basti
basti Updated Sat, 18 Aug 2018 12:42 AM IST
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every body remembered atalji
कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि। - फोटो : amar ujala
                   
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बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी नहीं रहे, यह सुनना ही हर किसी को अटपटा लग रहा था। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष के नेता अथवा जन सामान्य हर कोई गम में था। बात सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व और कृतित्व की हो रही थी। शोक संवेदनाओं के ज्वार में हर कोई बड़ी राजनैतिक क्षति करार दे रहा था। 
बृहस्पतिवार शाम साढ़े पांच बजे के मेडिकल बुलेटिन से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की पुष्टि के बाद जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को जिलेभर में शोक सभाएं आयोजित की गईं। शैक्षिक संस्थाएं बंद कर दी गईं तो सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज शोक में झुका दिया गया। कार्यालयों में अवकाश घोषित होने के साथ साथ जिला प्रशासन ने 17 अगस्त को निर्धारित पंचायत उपचुनाव को स्थगित कर दिया। भाजपा कार्यालय में पदाधिकारी पहुंचे। सभी ने गहरा दुख जताया। सांसद हरीश द्विवेदी ने कहा कि हमने मार्गदर्शक खो दिया है। वहीं, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप नारायण पांडेय ने कहा कि भारतीय राजनीति के युगपुरुष भारत रत्न, ओजस्वी वक्ता मार्गदर्शक, संवेदनाओं के महामानव रहे अटल जी को हमने खो दिया है। 
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समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह ने दुख व्यक्त किया। कहा कि राजनीति में उनकी जैसी शख्सियत के चले जाने से जो रिक्तता आई है उसकी भरपाई संभव नहीं है। बसपा के पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी, पद्मापुर पांडव नगर डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हरिओम श्रीवास्तव, सूर्य बक्स पाल डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजीत कुमार सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। हियुवा ने जिलाध्यक्ष अज्जू हिंदुस्थानी की अध्यक्षता में बैठक कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विनय सिंह, जय प्रकाश सिंह, राम दिनेश चौधरी, कन्हैया लाल, प्रकाश चौधरी, बबलू निषाद सहित तमाम लोग मौजूद रहे। इसी क्रम में सपा के  कैंप कार्यालय पर शोक सभा हुई, जिसमें जिलाध्यक्ष राजकपूर यादव, फूलचंद्र श्रीवास्तव, घनश्याम यादव, मुरली पांडेय, मधुवन यादव, शकील अहमद आदि मौजूद रहे। भाजपा युवा मोर्चा के नेता अभिनव उपाध्याय, पार्टी के नगर महामंत्री मनमोहन श्रीवास्तव काजू, सूरज गुप्ता, मोहित श्रीवास्तव, विकास तुली, अरुण श्रीवास्तव, प्रिंस पांडेय, रविन्द्र यादव, हर्षित श्रीवास्तव आदि ने शोक जताया। हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार भाजपा के नेता अनिल सिंह ने अटल जी के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार अटलजी के निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा जिला उपाध्यक्ष चतुर्गुन राजभर, भगवान बक्स सिंह, दिनेश पांडेय, सुनील सिंह,  शिव प्रसाद सिंह, राज्य महिला आयोग की सदस्य इन्द्रवास सिंह, श्रीराम सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि ने शोक संवेदना व्यक्त की। ग्राम प्रधान संघ ने शोक सभा की। इस मौके पर शिव कुमार मिश्रा, संतोष पाठक , शिवशंकर चौरसिया, पिन्टू सिंह, हीरा सिंह आदि मौजूद रहे।  
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अधिवक्ताओं ने शोक सभा में जताया दुख
जनपद बार और सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधान पर शोकसभा की। व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार जताते हुए एक बड़ी राजनैतिक राष्ट्रीय क्षति बताया। वक्ताओं ने कहा कि देश ने अपना अनमोल रत्न खो दिया है। जनपद बार के अध्यक्ष जवाहरलाल मिश्र, महामंत्री रविशरण सिंह, सिविल बार महामंत्री शशि प्रकाश शुक्ला, अयोध्या प्रसाद शुक्ल, अरविंद चौधरी, महेश कुमार श्रीवास्तव, श्यामजी पांडेय, राम नवल त्रिपाठी, ओम प्रकाश सिंह, रामसुमेर यादव आदि ने पुष्पांजलि दी।


डांटने के बाद समझाते भी थे पं. अटल
धापा में कब्जे से पूर्व प्रधानमंत्री तक कर दी थी शिकायत       
पं. बंगाल में कमेटी अध्यक्ष रहे पं. रामप्यारे को गहरा सदमा 
अरुण पाठक 
बस्ती। मानवीय संवेदनाओं के प्रतिमूर्ति रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कार्यकर्ताओं को परिवार का सदस्य मानते थे। गलती पर डांटते और बाद में समझाते भी थे। माकपा वालों ने धापा की जमीन पर कब्जा कर लोगों को भगा दिया। इसकी शिकायत उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तक कर डाली थी। 
यह संस्मरण सुनाते-सुनाते भावुक हो गए कलवारी क्षेत्र के गौसपुर निवासी पं. राम प्यारे पांडेय। बातचीत में उन्होंने कहा कि 80 के दशक में पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के शहर से सटे धापा एरिया में लोगों को उनकी जमीन पर कब्जा कर माओवादी भगा रहे थे। उन दिनों जनसंघ में शामिल हुआ। कोलकाता कारपोरेशन में नौकरी करता था। अटल जी के कहने पर कमेटी अध्यक्ष बन गया था। बताते हैं कि जब अटलजी विदेशमंत्री बनने के बाद कोलकाता पहुंचे तो एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं का हुजूम पहुंच गया। शालीन कार्यकर्ताओं से एयरपोर्ट के गार्डों ने अभद्रता कर दी। अटल जी के पहुंचने पर गार्ड ने गेट भी नहीं खोला। यह भेदभाव देखकर कार्यकर्ता गुस्सा गए और तोड़फोड़ कर दी। बाद में हमलोगों को एक हॉल में बैठाया गया और अटल जी ने खूब खरी-खोटी सुनाई। समझाया कि माकपा और जनसंघ में अब अंतर ही क्या बचा। ऐसा ही रहा तो आप लोगों से मिलने भी नहीं आऊंगा। सभी ने माफी मांगी तब पं. अटल का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं से समस्याएं पूछीं। सभी ने धापा की जमीन से माकपा के लोगों के जबरन कब्जे की बात कही। अटल जी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु से शिकायत करने के साथ ही साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से भी मामले की शिकायत की। दो दिन बाद ही सभी को फिर से बसाया गया। 

दिन में नौकरी, रात में लगाते थे पोस्टर 
पं. राम प्यारे बताते हैं कि अटल जी हर किसी से हालचाल पूछते थे। रुपये नहीं होने से एक बार उनके कार्यक्रम का पोस्टर हाथ से लिखकर लगाया गया था। नारे में विकास के स्लोगन लिखे थे। बहुत प्रभावित हुए। 24 परगना इलाके में डर के कारण कोई जनसंघ का झंडा भी नहीं उठाता था। फिर पोस्टर चिपकाने पर डर नहीं लगने की बात पूछने लगे। मैंने कहा कि पोस्टर ही नहीं कार्यक्रम के लिए चंदा भी मांगा है। यह मेरा थोड़ा सा सहयोग ही तो है। 

...और जनसंघ को तोड़ने के लिए 40 को दी नौकरी 
समिति अध्यक्ष रहे राम प्यारे पांडेय कहते हैं कि हम सब की संख्या बढ़ने लगी तो यह जानकारी माकपा के प्रदेश नेतृत्व को हुई। लोगों को अपनी तरफ मिलाने के लिए एक साथ 40 कार्यकर्ताओं को सरकारी नौकरी दे दी गई। यह बात तत्कालीन जनसंघ अध्यक्ष रहे हरिपाद भारती को बताई गई। उसी समय गुंडागर्दी के खिलाफ आंदोलन चलाया जाना था। तत्कालीन पं. बंगाल के गृह मंत्री सुब्रतो ने हम लोगों को हिरासत में लेने का आदेश दिया। हिरासत में लेने के बाद पुलिस कमिश्नर ने अपनी तरफ से सभी को मुचलके पर रिहा कर दिया।  

पं. दीनदयाल और अटल जी देश के हीरा थे 
लंबे समय तक जनसंघ के लिए काम करने वाले राम प्यारे पांडेय की तीन बेटियां और एक बेटा था। बेटियों की शादी कर दी जबकि बेटा की आकस्मिक मौत हो गई थी। फिर भी समाज हित में काम करते रहे। कहते हैं कि रिटायर होने के बाद गांव आ गया। लेकिन आज भी मैं कहूंगा कि देश के लिए पं. दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी हीरा थे। जो परिवार नहीं देश के लिए काम करते थे।


ग्रामीण इलाकों में शोक सभाओं का तांता
अमर उजाला ब्यूरो       
बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर ग्रामीण इलाकों में भी संगठनों, विद्यालयों व राजनीतिक दलों ने शोक सभाएं कीं। इस दौरान स्व. वाजपेयी के कार्यों को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया। 
गौर प्रतिनिधि के अनुसार गौर रेलवे स्टेशन से ब्लाक मुख्यालय तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस मौके पर अमर शुक्ल, राहुल सिंह, रंकज उपाध्याय, शंभू यादव, सौरभ यादव, नवाब, किशन कसौधन, प्रेमचंद, प्रांजल, राजन तिवारी, राहुल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के साधन सहकारी समिति परिसर में भाजपा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शोक सभा का आयोजन किया। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि राकेश शर्मा, जिला मंत्री रवि सिंह, सभासद गोपाल सिंह, विपिन पांडेय, विकास पांडेय, मंडल अध्यक्ष सुनील पांडेय आदि मौजूद रहे। धनघटा गांव में बालचंद शुक्ला के नेतृत्व में शोक सभा हुई। इस मौके पर राधेरमण शुक्ल, रासबिहारी शुक्ला, ऋषिराज शुक्ला, बाल मुकुंद शुक्ला, केदारनाथ शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला आदि मौजूद रहे। हिंदू वाहिनी भारत त्रिवेणी तहसील इकाई ने शोक सभा का आयोजन किया। इस मौके पर वरिष्ठ जिलाउपाध्यक्ष रजनीश सिंह, जिला संगठन महामंत्री रवि मोदनवाल, जिलामंत्री इंद्रमणि पांडेय, कुणाल सिंह, पंकज साहनी, सुरेंद्र तिवारी, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।  
गायघाट प्रतिनिधि के अनुसार बीडी ग्लोबल एकेडमी में शोक सभा कर आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इस मौके पर निदेशक श्याम लाल चौधरी, प्रधानाचार्य गौतम दास, सवेस्टिन मलिक, दुर्गेश गुप्ता, निड्यू तमांग, अजय मिश्रा, संदीप मल्ल, विकास त्रिपाठी, संगीता चौधरी आदि मौजूद रहे। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार गुलाबी देवी सेवा संस्थान महादेवा में डॉ. आरपी शुक्ल के नेतृत्व में शोक सभा आयोजित की गई। इस मौके पर जगदम्बा शुक्ला, परमात्मा प्रसाद पांडेय,  बिरेन्दर सिंह, कौशलेंद्र पाल, अनिल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार सल्टौआ मंडल अध्यक्ष इंद्रसेन उपाध्याय के नेतृत्व में कार्यकताओं ने स्व. वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर पूर्व जिला मंत्री चन्द्रभान गुप्ता, ओमप्रकाश शुक्ल, सूर्य किशोर शुक्ल, कृपा शंकर श्रीवास्तव, महामंत्री रामनेवास गिरि, राम जियावन दूबे आदि मौजूद रहे। भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व प्रधान मंत्री अटल विहारी बाजपेयी के निधन पर शुक्रवार को रामनगर ब्लॉक सभागार में शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल व प्रमुख रामनरेश चौधरी के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्चन के साथ श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर बलराम सिंह राहुल, विवेकानंद पांडेय, सुनील पांडेय, डॉ. विष्णु जायसवाल, श्यामनाथ चौधरी, राम फेर चौधरी, बब्लू पांडेय, गिरजेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।  टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार पं. जवाहरलाल नेहरू किसान कॉलेज आमा पर प्रधानाचार्य विनय सिंह,  एसडीएस विद्यालय पर सूर्यभान सिह व हिन्दू सेवक संघ के विनय मिश्र व जितेन्द्र अग्रहरि ने अटलजी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

पालिका परिसर में अटल पौधरोपण 
बस्ती। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर उनकी आत्मा की शांति के लिए हवन हुआ। आर्य समाज मन्दिर में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व प्रदेष अध्यक्ष अनुसूचित जाति राजेन्द्र प्रसाद गौड़ के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने विधि विधान से हवन कर अटलजी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसी क्रम में नगर पालिका परिषद परिसर में पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधि पुष्कर मिश्र ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की याद में पौधरोपण किया।  इस मौके पर अनिल तिवारी, अरुण भारती, रवि श्रीवास्तव, प्रभाकर मणि त्रिपाठी, महेंद्र शंकर, गुड्डू सिंह, चंद्रशेखर मुन्ना, सतीश सोनकर, पप्पू भइया, संजय उपाध्याय, चिन्टू मिश्रा, श्याम बिहारी गौड़, मनमोहन श्रीवास्तव काजू आदि मौजूद रहे।


बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे अटलजी
बस्ती। दीनदयाल उपाध्याय सेवा प्रतिष्ठान के तत्वावधान में मानस प्रभा भवन परिसर में देर शाम श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। प्रतिष्ठान के अध्यक्ष आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। बाल्यकाल से ही हर क्षेत्र में अपने कार्य व्यवहार से उन्होंने सबको प्रभावित किया। राजनीति में आने के पूर्व वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक सदस्य बने। अपनी प्रतिभा से संघ प्रमुख को प्रभावित किया, राजनीति में आने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके विचारों व आदर्शों पर चलना तथा उनका सपना साकार करना हमारा दायित्व है। इस मौके पर महेश शुक्ला, नरेंद्र नाथ शुक्ला, मयंक श्रीवास्तव, मनीष चन्द्र दूबे, डॉ. शैलेंद्र त्रिपाठी, देवेंद्र  श्रीवास्तव, विनय तिवारी, अभिषेक दुबे, अजय सिंह, विजयसेन, सूबेदार त्रिपाठी, राज कुमार श्रीवास्तव, रामगोपाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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