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Basti News: मालवीय मार्ग पर अतिक्रमण... सड़क भी खस्ताहाल

Thu, 18 Jan 2024 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Thu, 18 Jan 2024 01:30 AM IST
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Encroachment on Malviya Marg
गड्ढों में हिचकोले खाकर चल रहे राहगीर, चार साल पहले पटरियों पर हरियाली बिखेरने की थी योजना, भूल गई नगर पालिका
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चार साल पहले नगर पालिका की ओर से मालवीय मार्ग का उच्चीकरण कराया गया था। सड़की की दोनों तरफ पटरियों पर इंटरलॉकिंग का कार्य हुआ था। योजना थी कि इन पर हरियाली बिखेरी जाएगी। कुछ जगहों पर ब्रिक गार्ड बनाकर पौधारोपण भी कराया गया। मगर, इसके बाद नगर पालिका भूल गई। अब यहां हरियाली को कौन कहें, पटरियां भी नहीं बची हैं। दोनों तरफ अतिक्रमण का बोलबाला है।
सड़क की गिट्टियां उखड़ गई हैं। गड्ढों की भरमार है। राहगीरों की इस मार्ग पर दुर्दशा हो जा रही है। अतिक्रमण की वजह से परेशानी हो रही है तो कहीं जर्जर सड़क राह में रोड़ा बन रही है। आवागमन बढ़ने के दौरान अतिक्रमण के चलते जाम भी लग रहा है। यहां प्रशासनिक अभियान नाम मात्र का चलाया जाता है। कुछ दुकानदार तो नगर पालिका से सांठगांठ कर सड़क पर मोरंग, गिट्टी और सरिया डंप कर दिए हैं।
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इससे सड़क 55 फीट चौड़ी सड़क सिकुड़कर 35 से 40 फीट बची है। इस मार्ग पर रोडवेज बसों के अलावा शहरी आवागमन भी निर्भर है। अनुमानित छोटे-बड़े एक लाख वाहनों का आवागमन प्रतिदिन रहता है। मगर, क्षतिग्रस्त सड़क और अतिक्रमण राह नहीं चलने दे रही है। दिन में कई बार जाम लगता है। रौता चौराहा पर तो पुलिस मुस्तैद रहकर घंटों जाम हटाना पड़ता है।
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फव्वारा से बैरयिहवां तक अस्थायी कब्जा
फव्वारा से बैरियहवा तक मालवीय मार्ग की पटरियों पर अस्थाई कब्जा है। ठेले और रेहड़ी वाले यहां दिन में दस बजने के बाद अपनी दुकान सजाते हैं। तीन बजे के बाद इनकी भरमार हो जाती है। आवागमन के लिए केवल सात मीटर चौड़ी सड़क ही बचती है। बस, कार एवं ऑटो चालकों को बहुत संभलकर धीरे- धीरे चलना पड़ता है।
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रौता चौराहे पर सड़क पर ही दुकान
रौता चौराहे पर मुख्य सड़क के किनारे ही एक दुकान का अतिक्रमण है। पहले यह वाचनालय हुआ करता था। अब दुकान बन जाने से सड़क की पटरी ही गुम हो गई है। यहां चौराहा होने की वजह से आवागमन का दबाव ज्यादा रहता है। शाम के समय जब लोग सब्जी आदि लेने के लिए निकलते हैं तो यहां जाम की समस्या ला- इलाज बन जाती है।
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ब्राह्मण महासभा से रोडवेज तिराहे तक अतिक्रमण
इसी मार्ग पर रौता से आगे बढ़ने पर ब्राह्मण महासभा के पास से रोडवेज तिराहे तक अतिक्रमण का बोलबाला है। रंजीत चौराहे के आसपास आटो मोबाइल्स एवं गाड़ी धुलाई की दुकानों की भरमार है। इन दुकानों के सामने चार पहिया वाहन पूरे दिन खड़े रहते हैं। जिनकी रिपेयरिंग होती है। गाड़ी ठीक होने के बाद मुख्य सड़क पर ही दौड़ाकर चेकिंग की जाती है। यहां सड़क सिकुड़कर 55 फिट 35 से 40 फिट बचती है। ऐसे में रोडवेज बसों के गुजरने के दौरान जाम लगना स्वाभाविक है।
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यहां पटरियों पर गिट्टी मोरंग है डंप
रंजीत चौराहे से आगे बढ़ने पर बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानें है। इनके सामने पटरी और सड़क पर गिट्टी, मोरंग, बालू और सरिया डंप किया गया है। इसके बाद सड़क पर ट्रैक्टर ट्राली और भारी वाहन खड़ा कर लोडिंग अनलोडिंग की जाती है। इससे सड़क सिकुड़कर बमुश्किल 25 फिट बच रही है। यहां अक्सर जाम लगता है और दुर्घटना भी हो रही है।

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सड़क पर ही रह गए विद्युत पोल
सड़क के दोनों तरफ विद्युत पोल पटरियों पर ही छोड़ दिया गया है। रंजीत चौराहे पर लगा ट्रांसफार्मर बिल्कुल सड़क से सटा हुआ है। एचडीएफसी बैंक के पास लगाए गए विद्युत पोल पटरियों पर है। वहीं मंगला कालोनी मोड़ पर भी विद्युत पोल सड़क की जद में है। जिससे वाहनों को यहां संभलकर निकलना पड़ता है।
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कोट
अतिक्रमण को लेकर प्रशासन गंभीर है। अभियान की योजना तैयार कर ली गई है। एक भी अतिक्रमणकारी बख्शे नहीं जाएंगे। 22 जनवरी के बाद अभियान शुरू होगा।
सत्येंद्र सिंह, प्रभारी ईओ/एसडीएम।
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