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Basti News: दिव्यांगता पर भारी पड़ा हौसला, मुस्कान ने जेईई-मेन में हासिल की सफलता
Mon, 01 May 2023 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 01 May 2023 01:08 AM IST
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दिव्यांग मुस्कान ने जेईई-मेंस में हासिल की सफलता।
बस्ती। शहर से सटे सोनूपार निवासी मुस्कान दुबे ने जेईई-मेन में 90.33 परसेंटाइल प्राप्त किया। पैरों की दिव्यांगता उनके हौसले को डिगा नहीं पाई। पिछले साल इंटर की पढ़ाई के साथ जेईई की परीक्षा दी तब परसेंटाइल कम होने से उन्हें एनआईटी मिल रही थी, लेकिन आईआईटी में जाने का सपना लिए मुस्कान ने दाखिला नहीं लिया और तैयारी जारी रखी।
मुस्कान बताती हैं कि आईआईटी की कोचिंग की फीस काफी महंगी है। कई जगह पता किया कहीं 80 हजार तो कहीं एक लाख रुपये तक की मांग की जा रही थी। परिजन इतनी फीस वहन नहीं कर पा रहे थे। एक समय ऐसा लगा कि आईआईटी में जाने का सपना कहीं अधूरा न रह जाए, लेकिन परिजनों ने तैयारी जारी रखने का हौसला दिया और एक निजी कोचिंग की ऑनलाइन क्लास लगवा दी। दूसरे प्रयास में सफलता मिली। बताती हैं कि जेईई का पाठ्यक्रम काफी विस्तृत है। रूटीन बनाकर विषयों को पढ़ना चाहिए। छोटे-छोटे स्लैब बनाकर नियमित पढ़ाई से कम समय में तैयारी अच्छी हो जाती है। तैयारी के दौरान काफी जटिलताएं आती हैं, उनसे घबराना नहीं चाहिए। जो विषय समझ में न आए, उसे अलग-अलग भागों में तोड़कर पढ़ाई करें तो सब कुछ आसान हो जाता है। मुस्कान के पिता राजेश चंद्र दुबे किसान और माता संगीता दुबे गृहिणी हैं।
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मुस्कान बताती हैं कि आईआईटी की कोचिंग की फीस काफी महंगी है। कई जगह पता किया कहीं 80 हजार तो कहीं एक लाख रुपये तक की मांग की जा रही थी। परिजन इतनी फीस वहन नहीं कर पा रहे थे। एक समय ऐसा लगा कि आईआईटी में जाने का सपना कहीं अधूरा न रह जाए, लेकिन परिजनों ने तैयारी जारी रखने का हौसला दिया और एक निजी कोचिंग की ऑनलाइन क्लास लगवा दी। दूसरे प्रयास में सफलता मिली। बताती हैं कि जेईई का पाठ्यक्रम काफी विस्तृत है। रूटीन बनाकर विषयों को पढ़ना चाहिए। छोटे-छोटे स्लैब बनाकर नियमित पढ़ाई से कम समय में तैयारी अच्छी हो जाती है। तैयारी के दौरान काफी जटिलताएं आती हैं, उनसे घबराना नहीं चाहिए। जो विषय समझ में न आए, उसे अलग-अलग भागों में तोड़कर पढ़ाई करें तो सब कुछ आसान हो जाता है। मुस्कान के पिता राजेश चंद्र दुबे किसान और माता संगीता दुबे गृहिणी हैं।
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