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काला फीता बांधकर डीआरडीए कर्मचारियों ने किया काम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 12:09 AM IST
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धरने में उपस्थित कर्मचारी।
- फोटो : रमेश मिश्र
बस्ती। सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को विकास भवन स्थित जिला ग्राम्य विकास विभाग के कर्मियों ने गेट मीटिंग की। इसमें डीआरडीए के इंजीनियर भी शामिल रहे। उसके बाद काला फीता बांधकर कार्य किया। यह आंदोलन उत्तर प्रदेश डीआरडीए इंपलाइज यूनियन के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर किया गया।
यूनियन की बस्ती शाखा के महामंत्री इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि डीआरडीए कर्मी पिछले 20 साल से सरकारी कर्मचारी घोषित करने और राजकीय कर्मियों की तरह अन्य सुविधा देने की मांग करते आ रहे हैं।
इसके लिए वर्ष 1999 में केंद्र ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि डीआरडीए कर्मियों को तीन से पांच साल के भीतर सरकारी विभागों में समायोजित कर दिया जाए। फिर भी राज्य सरकार ने कर्मियों का समायोजन नहीं किया। बस्ती शाखा के महामंत्री इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उसके बाद राज्य भर में धरना प्रदर्शन हुआ। इसे देखते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी का गठन हुआ। कमेटी ने राज्य सरकार को पेंशन छोड़कर अन्य सरकारी सुविधाएं देने और इन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की सिफारिश की।
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हाल ही में 23 अप्रैल को कमेटी ने पुन: सरकार को शीघ्र ही डीआरडीए कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की सिफारिश की। बस्ती शाखा के महामंत्री इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि छह मई तक काला फीता बांधकर कार्य किया जाएगा। सात को कार्य बहिष्कार किया जाएगा और 10 मई को सामूहिक अवकाश लेकर लखनऊ में सीएम के आवास तक रैली निकाली जाएगी। गेट मीटिंग में जिलाध्यक्ष लालबहादुर, ज्ञानेश श्रीवास्तव, आदित्य वर्मा, विनय शुक्ल, वीके श्रीवास्तव, मुक्तिनाथ, राममिलन, राम आसरे, गुरु प्रसाद एवं राम जियावन आदि मौजूद रहे।
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यूनियन की बस्ती शाखा के महामंत्री इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि डीआरडीए कर्मी पिछले 20 साल से सरकारी कर्मचारी घोषित करने और राजकीय कर्मियों की तरह अन्य सुविधा देने की मांग करते आ रहे हैं।
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इसके लिए वर्ष 1999 में केंद्र ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि डीआरडीए कर्मियों को तीन से पांच साल के भीतर सरकारी विभागों में समायोजित कर दिया जाए। फिर भी राज्य सरकार ने कर्मियों का समायोजन नहीं किया। बस्ती शाखा के महामंत्री इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उसके बाद राज्य भर में धरना प्रदर्शन हुआ। इसे देखते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी का गठन हुआ। कमेटी ने राज्य सरकार को पेंशन छोड़कर अन्य सरकारी सुविधाएं देने और इन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करने की सिफारिश की।
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हाल ही में 23 अप्रैल को कमेटी ने पुन: सरकार को शीघ्र ही डीआरडीए कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की सिफारिश की। बस्ती शाखा के महामंत्री इंजीनियर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि छह मई तक काला फीता बांधकर कार्य किया जाएगा। सात को कार्य बहिष्कार किया जाएगा और 10 मई को सामूहिक अवकाश लेकर लखनऊ में सीएम के आवास तक रैली निकाली जाएगी। गेट मीटिंग में जिलाध्यक्ष लालबहादुर, ज्ञानेश श्रीवास्तव, आदित्य वर्मा, विनय शुक्ल, वीके श्रीवास्तव, मुक्तिनाथ, राममिलन, राम आसरे, गुरु प्रसाद एवं राम जियावन आदि मौजूद रहे।