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Basti News: अलनीनो हुआ सक्रिय, बारिश की संभावना
Wed, 06 Dec 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:24 AM IST
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बस्ती। सोमवार रात बूंदाबांदी के बाद मंगलवार को दिनभर सूरज भी बादलों में छिपा रहा। अधिकतम तापमान में पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने दो दिन हल्के घने बादल मडराने, अनुकूल माहौल बनने पर बारिश की संभावना जताई है। जबकि आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र का कहना है कि अलनीनो की सक्रियता से मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। इसके प्रभाव से बारिश की संभावना बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि पछुआ हवा के साथ बादल प्रवेश कर रहे हैं। सोमवार रात जिले में छिटपुट बारिश हुई है। मंगलवार सुबह से ही घने बादल छाए रहे। वातावरण में नमी बढ़ने से अधिकतम तापमान पांच डिग्री और न्यूनतम साढ़े चार डिग्री ज्यादा रहा। हवा में नमी का स्तर 90 प्रतिशत तक दर्ज किया गया। सोमवार रात में करीब पांच मिमी बारिश हुई है।
अगेती गेहूं, सब्जी का तेजी से होगा विकास
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकर ने बताया कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे खेतों में पानी की जरूरत कम होगी। फसलों को जरूरी खनिज मिलेंगे। गेहूं, सब्जी व मटर की फसल और फलों के उत्पादन में भी यह बारिश सहायक होगी। बीजों का अंकुरण तेजी से होगा। फसलों की लंबाई बढ़ेगी। यदि तेज बारिश हुई तो खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
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उन्होंने बताया कि पछुआ हवा के साथ बादल प्रवेश कर रहे हैं। सोमवार रात जिले में छिटपुट बारिश हुई है। मंगलवार सुबह से ही घने बादल छाए रहे। वातावरण में नमी बढ़ने से अधिकतम तापमान पांच डिग्री और न्यूनतम साढ़े चार डिग्री ज्यादा रहा। हवा में नमी का स्तर 90 प्रतिशत तक दर्ज किया गया। सोमवार रात में करीब पांच मिमी बारिश हुई है।
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अगेती गेहूं, सब्जी का तेजी से होगा विकास
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकर ने बताया कि हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है। इससे खेतों में पानी की जरूरत कम होगी। फसलों को जरूरी खनिज मिलेंगे। गेहूं, सब्जी व मटर की फसल और फलों के उत्पादन में भी यह बारिश सहायक होगी। बीजों का अंकुरण तेजी से होगा। फसलों की लंबाई बढ़ेगी। यदि तेज बारिश हुई तो खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
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