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Basti News: पांचवीं कक्षा तक का शिक्षा स्तर सुधरेगा, तय किए नए मानक
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बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के सीखने के स्तर को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक मानक निर्धारित किए हैं। इन मानकों के आधार पर अब विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों की नियमित निगरानी की जाएगी।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करना है, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर तरीके से सीख सकें। बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों पर आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। अब अब हिंदी, अंग्रेजी, गणित व ईवीएस पर विशेष निगरानी होगी।
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हिंदी, अंग्रेजी, गणित को बेहतर ढंग से पढ़ाया जाएगा
बीएसए ने बताया कि अब इस पहल का विस्तार करते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। इन लक्ष्यों के माध्यम से बच्चों की बुनियादी समझ और शैक्षणिक नींव को मजबूत किया जाएगा।
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शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण
नए शैक्षणिक मानकों के तहत शिक्षकों की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कार्य देना होगा, उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना होगा तथा सीखने में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा निपुण 2.0 की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे बच्चों के अधिगम स्तर को और प्रभावी बनाया जा सके।
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शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करना है, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर तरीके से सीख सकें। बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों पर आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था। अब अब हिंदी, अंग्रेजी, गणित व ईवीएस पर विशेष निगरानी होगी।
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हिंदी, अंग्रेजी, गणित को बेहतर ढंग से पढ़ाया जाएगा
बीएसए ने बताया कि अब इस पहल का विस्तार करते हुए कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के लिए नए अधिगम लक्ष्य और दक्षताएं निर्धारित की जा रही हैं। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (ईवीएस) जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। इन लक्ष्यों के माध्यम से बच्चों की बुनियादी समझ और शैक्षणिक नींव को मजबूत किया जाएगा।
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शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण
नए शैक्षणिक मानकों के तहत शिक्षकों की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास कार्य देना होगा, उनकी प्रगति का मूल्यांकन करना होगा तथा सीखने में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना होगा। इसी उद्देश्य से शिक्षा विभाग द्वारा निपुण 2.0 की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे बच्चों के अधिगम स्तर को और प्रभावी बनाया जा सके।