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Basti News: संस्कृत शिक्षक ठान लें तो छात्रों की संख्या में हो सकता है इजाफा
Tue, 12 Sep 2023 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 12 Sep 2023 01:55 AM IST
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बोले जेडी, छात्रों की संख्या बढ़ने पर ही होगा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार
संस्कृत विद्यालयों को लेकर प्रेस क्लब में हुई मंडलीय गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडल में संस्कृत विद्यालयों की स्थिति बेहतर बनाने को लेकर सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में मंडलीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि संस्कृत के शिक्षक ठान लें तो विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ने के साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आ जाएगा। गुरुकुल परंपरा से लेकर वर्तमान शिक्षण पद्धति पर चर्चा करते हुए डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि संस्कृत भाषाओं की जननी है।
समूचे विश्व में ज्ञान विज्ञान के लिए वैज्ञानिक भी संस्कृत का गहन अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य है कि उत्तर प्रदेश में संस्कृत पाठशालाओं के प्रति अभिभावकों का विश्वास मजबूत नहीं हो पा रहा है। यह सोच को बदलने के लिए संस्कृत के शिक्षकों को आगे आना होगा। डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि संस्कृत सबसे प्राचीन और समृद्ध भाषा है। इसी से ही अन्य भाषाएं विकसित हुई हैं। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं काे प्राथमिकता से निराकरण कराया जाएगा। उप निरीक्षक संस्कृत पाठशाला सत्येंद्र कुमार पांडेय, संतकबीर नगर के जिला विद्यालय निरीक्षक संदीप चौधरी आदि ने गोष्ठी को संबोधित किया। संचालन शिक्षक मानवी सिंह ने किया। मौके पर आलोक कुमार दुबे, वेद नरायन पयासी, विक्रांत राम त्रिपाठी, नंद कुमार पाठक, श्रवण मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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संस्कृत विद्यालयों को लेकर प्रेस क्लब में हुई मंडलीय गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडल में संस्कृत विद्यालयों की स्थिति बेहतर बनाने को लेकर सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में मंडलीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि संस्कृत के शिक्षक ठान लें तो विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ने के साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार आ जाएगा। गुरुकुल परंपरा से लेकर वर्तमान शिक्षण पद्धति पर चर्चा करते हुए डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि संस्कृत भाषाओं की जननी है।
समूचे विश्व में ज्ञान विज्ञान के लिए वैज्ञानिक भी संस्कृत का गहन अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य है कि उत्तर प्रदेश में संस्कृत पाठशालाओं के प्रति अभिभावकों का विश्वास मजबूत नहीं हो पा रहा है। यह सोच को बदलने के लिए संस्कृत के शिक्षकों को आगे आना होगा। डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि संस्कृत सबसे प्राचीन और समृद्ध भाषा है। इसी से ही अन्य भाषाएं विकसित हुई हैं। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि संस्कृत विद्यालयों की समस्याओं काे प्राथमिकता से निराकरण कराया जाएगा। उप निरीक्षक संस्कृत पाठशाला सत्येंद्र कुमार पांडेय, संतकबीर नगर के जिला विद्यालय निरीक्षक संदीप चौधरी आदि ने गोष्ठी को संबोधित किया। संचालन शिक्षक मानवी सिंह ने किया। मौके पर आलोक कुमार दुबे, वेद नरायन पयासी, विक्रांत राम त्रिपाठी, नंद कुमार पाठक, श्रवण मणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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