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Basti News: स्कूल कॉलेज परिसर के 100 मीटर के भीतर नहीं रहेगी पान की दुकान
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बस्ती। सभी स्कूल एवं काॅलेज परिसर के 100 मीटर के भीतर पान, बीड़ी, सिगरेट की दुकान बंद करवाया जाए। युवा पीढी को नशे से मुक्त कराने के लिए सक्रिय होना होगा। प्रत्येक स्कूल एवं काॅलेज में एक शिक्षक की अध्यक्षता में आधा दर्जन छात्र-छात्राओं का प्रहरी क्लब गठित किया जाएगा। जो माॅनीटरिंग करेगा कि कालेज का कोई छात्र-छात्रा नशा न करता हो। प्रत्येक पखवाड़े क्लब बैठक करके इसकी समीक्षा भी करेगा। प्रहरी क्लब के अध्यक्ष एवं सदस्य का मोबाइल नंबर विद्यालय में सूचना पट्ट पर प्रदर्शित किया जाए।
यह निर्देश अध्यक्ष, (राज्यमंत्री स्तर), उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने अधिकारियों को दिया है। वह सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। निर्देश दिया कि मेडिकल की दुकान पर नारकोटिक्स की कोई दवा नाबालिग को न दी जाए। इसी प्रकार 21 वर्ष से कम आयु के किसी को शराब न दी जाय, इसकी निगरानी के लिए सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि नशामुक्ति के नारे के साथ दीवार पर ‘एक युद्ध नशा के विरूद्ध‘ अवश्य लिखवाएं और नीचे बाल अधिकारी संरक्षण आयोग तथा पुलिस का हेल्पलाइन नम्बर-112 भी लिखवाएं।
निर्देश दिया कि विद्यालय एवं आगनबाड़ी केंद्रों पर जनसहयोग के माध्यम से फर्नीचर एवं खेल-कूद की सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराई जाए। विद्यालयों की छत मरम्मत पहले कराई जाए। सभी पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों को विवरण पोर्टल पर अवश्य दर्ज कराया जाय। उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देशित किया कि ईंट भट्ठों एवं दुकानों पर जिला टास्क फोर्स के साथ नियमित जांच करके बाल श्रमिकों को मुक्त कराएं। ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के सम्मुख अवश्य प्रस्तुत करें।
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एडीएम कमलेश चन्द्र ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर सीएमओ डाॅ. आर.पी. मिश्रा, एसआईसी डाॅ. एस.के. कौशल, सीओ आलोक प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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यह निर्देश अध्यक्ष, (राज्यमंत्री स्तर), उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग डॉ. देवेन्द्र शर्मा ने अधिकारियों को दिया है। वह सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। निर्देश दिया कि मेडिकल की दुकान पर नारकोटिक्स की कोई दवा नाबालिग को न दी जाए। इसी प्रकार 21 वर्ष से कम आयु के किसी को शराब न दी जाय, इसकी निगरानी के लिए सभी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि नशामुक्ति के नारे के साथ दीवार पर ‘एक युद्ध नशा के विरूद्ध‘ अवश्य लिखवाएं और नीचे बाल अधिकारी संरक्षण आयोग तथा पुलिस का हेल्पलाइन नम्बर-112 भी लिखवाएं।
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निर्देश दिया कि विद्यालय एवं आगनबाड़ी केंद्रों पर जनसहयोग के माध्यम से फर्नीचर एवं खेल-कूद की सामग्री बच्चों को उपलब्ध कराई जाए। विद्यालयों की छत मरम्मत पहले कराई जाए। सभी पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों को विवरण पोर्टल पर अवश्य दर्ज कराया जाय। उन्होंने श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निर्देशित किया कि ईंट भट्ठों एवं दुकानों पर जिला टास्क फोर्स के साथ नियमित जांच करके बाल श्रमिकों को मुक्त कराएं। ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के सम्मुख अवश्य प्रस्तुत करें।
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एडीएम कमलेश चन्द्र ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर सीएमओ डाॅ. आर.पी. मिश्रा, एसआईसी डाॅ. एस.के. कौशल, सीओ आलोक प्रसाद आदि मौजूद रहे।