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छह माह से निष्क्रिय आशाएं हटाई जाएंगी
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छह माह से निष्क्रिय आशाएं हटाई जाएंगी
बस्ती। जिले में छह माह से निष्क्रिय आशाओं को हटाने के निर्देश डीएम प्रियंका निरंजन ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि अक्तूबर में नौ निष्क्रिय आशाओं को चिह्नित किया गया था। उन पर नोटिस के अलावा अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम ने सभी पीएचसी/सीएचसी के एमओआईसी को निर्देश दिए हैं कि इन आशाओं पर सख्ती की जाएं, अन्यथा उन्हें कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में डीएम ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रविवार को आयोजित होने वाले आरोग्य मेले को गति प्रदान की जाए। इसके लिए आमजन को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए नियमित शिविर लगाया जाए। डेंगू के इलाज के लिए सभी सीएचसी पर अलग से वार्ड तैयार किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित शिविर लगाए। डीएम ने कहा कि जिले में 374 उपकेंद्र हैं, जिन पर 477 एएनएम की तैनाती है। इसके बावजूद 49 उपकेंद्रों पर इनका पद रिक्त चल रहा है।
सीएमओ को निर्देश दिया है कि केवल डिलीवरी प्वाइंट वाले 59 उपकेंद्रों पर ही एक अतिरिक्त एएनएम की तैनाती की जाएगी। सभी संबद्ध एएनएम को रिक्त उपकेंद्रों पर तत्काल भेजा जाए। उन्होंने सभी एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ, जो सीएचसी, पीएचसी के प्रभारी हैं, को निर्देश दिए कि चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दें।
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मरीजों या तीमारदारों को किसी प्रकार की समस्या न होने दी जाए। एसीएमओ को निर्देश दिए कि परिवार नियोजन में तेजी लाने के लिए अगले तीन माह की कार्य योजना जल्द प्रस्तुत करें। बैठक का संचालन डीपीएम राकेश पांडेय ने किया। बैठक में सीएसओ डॉ. आरपी मिश्रा, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. आलोक वर्मा, एसीएमओ डॉ. जय सिंह, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डीआईओएस डीएस यादव, डीपीआरओ नमिता शरण आदि मौजूद रहीं।
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बस्ती। जिले में छह माह से निष्क्रिय आशाओं को हटाने के निर्देश डीएम प्रियंका निरंजन ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि अक्तूबर में नौ निष्क्रिय आशाओं को चिह्नित किया गया था। उन पर नोटिस के अलावा अन्य कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम ने सभी पीएचसी/सीएचसी के एमओआईसी को निर्देश दिए हैं कि इन आशाओं पर सख्ती की जाएं, अन्यथा उन्हें कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में डीएम ने ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रविवार को आयोजित होने वाले आरोग्य मेले को गति प्रदान की जाए। इसके लिए आमजन को व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए नियमित शिविर लगाया जाए। डेंगू के इलाज के लिए सभी सीएचसी पर अलग से वार्ड तैयार किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित शिविर लगाए। डीएम ने कहा कि जिले में 374 उपकेंद्र हैं, जिन पर 477 एएनएम की तैनाती है। इसके बावजूद 49 उपकेंद्रों पर इनका पद रिक्त चल रहा है।
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सीएमओ को निर्देश दिया है कि केवल डिलीवरी प्वाइंट वाले 59 उपकेंद्रों पर ही एक अतिरिक्त एएनएम की तैनाती की जाएगी। सभी संबद्ध एएनएम को रिक्त उपकेंद्रों पर तत्काल भेजा जाए। उन्होंने सभी एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ, जो सीएचसी, पीएचसी के प्रभारी हैं, को निर्देश दिए कि चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दें।
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मरीजों या तीमारदारों को किसी प्रकार की समस्या न होने दी जाए। एसीएमओ को निर्देश दिए कि परिवार नियोजन में तेजी लाने के लिए अगले तीन माह की कार्य योजना जल्द प्रस्तुत करें। बैठक का संचालन डीपीएम राकेश पांडेय ने किया। बैठक में सीएसओ डॉ. आरपी मिश्रा, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, सीएमएस डॉ. आलोक वर्मा, एसीएमओ डॉ. जय सिंह, डॉ. सीएल कन्नौजिया, डीआईओएस डीएस यादव, डीपीआरओ नमिता शरण आदि मौजूद रहीं।