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पूर्व विधायक पुत्र की गिरफ्तारी पर अड़े चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:36 AM IST
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बस्ती। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ दीपक शुक्ला के साथ नगर थाने के बेलाड़ी
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गांव के पूर्व विधायक के पुत्र और उनके साथियों की मारपीट और तोड़फोड़ के
मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज जिले भर के सरकारी
डॉक्टरों ने मंगलवार को सुबह आठ से दस बजे तक कार्य का बहिष्कार कर विरोध
जताया।
सोमवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों की बैठक में इसका निर्णय लिया गया था। डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी, वार्डों में भर्ती मरीज दर्द से तड़पते रहे। हालांकि कार्य बहिष्कार से इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवा को बाहर रखा गया था।
बता दें कि मामले में डॉक्टर की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने बेलाड़ी निवासी नागेश सिंह और उसके चार साथियों पर एक राय होकर डॉक्टर की कालर पकड़कर शर्ट फाड़ देने, गाली व जान माल की धमकी, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कुर्सी व अन्य सामान तोड़ देने का मुकदमा पंजीकृत किया है। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से डॉक्टरों में गुस्सा है।
जिला अस्पताल, ओपेक कैली, महिला अस्पताल के अलावा ग्रामीण इलाके में स्थित सीएचसी, पीएचसी पर तैनात सरकारी चिकित्सकों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर कार्य बहिष्कार किया। इससे अस्पतालों की ओपीडी और वार्डों में भर्ती मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। पंजीकरण काउंटर से पर्चा लेकर मरीज ओपीडी में डॉक्टरों के आने की राह देखते रहे।
महिला अस्पताल में इलाज कराने आईं लालगंज की सुनीता, बनकटी की जहीरुन्निशां, जिला अस्पताल में ओरवाड़ा से आए रामलखन, आठ साल की गुड़िया आदि ने कहा कि इलाज के लिए वे लोग अस्पताल में आए थे। लेकिन पर्चा कटने के बाद पता चला कि डॉक्टर लोग हड़ताल पर हैं। मजबूरन बैठकर उनके आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
पीएमएस के महामंत्री और जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ वीके यादव ने कहा कि पुलिस अपना काम कर आरोपियों की गिरफ्तारी का अपना वादा पूरा करे, हम तत्काल अपना विरोध बंद कर देंगे। डॉक्टर व अन्य स्टाफ की सुरक्षा भी तो पुलिस को करनी चाहिए।
वहीं प्रमुख अधीक्षक डॉ आरकेश ने कहा कि मजबूूरी में चिकित्सकों को कार्य बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की बात सार्वजनिक होने के बाद इसको समाप्त करा दिया जाएगा। विरोध जताने वाले डॉक्टरों में डॉ सुरेंद्र यादव, डॉ आलोक पांडेय, डॉ सीबीएन त्रिपाठी, डॉ मोहिबुल्लाह, डॉ अवधेश चौबे, डॉ अनिल कुमार, डॉ अरुण कुमार, डॉ रमेश चंद्रा, डॉ गौरव सचान, डॉ सरफराज, डॉ जीएम शुक्ला, डॉ अलका शुक्ला, डॉ ममता रानी, डॉ सीमा चौधरी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक शामिल रहे।
सोमवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों की बैठक में इसका निर्णय लिया गया था। डॉक्टरों की हड़ताल से ओपीडी, वार्डों में भर्ती मरीज दर्द से तड़पते रहे। हालांकि कार्य बहिष्कार से इमरजेंसी और पोस्टमार्टम सेवा को बाहर रखा गया था।
बता दें कि मामले में डॉक्टर की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने बेलाड़ी निवासी नागेश सिंह और उसके चार साथियों पर एक राय होकर डॉक्टर की कालर पकड़कर शर्ट फाड़ देने, गाली व जान माल की धमकी, सरकारी कार्य में बाधा डालने और कुर्सी व अन्य सामान तोड़ देने का मुकदमा पंजीकृत किया है। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से डॉक्टरों में गुस्सा है।
जिला अस्पताल, ओपेक कैली, महिला अस्पताल के अलावा ग्रामीण इलाके में स्थित सीएचसी, पीएचसी पर तैनात सरकारी चिकित्सकों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर कार्य बहिष्कार किया। इससे अस्पतालों की ओपीडी और वार्डों में भर्ती मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। पंजीकरण काउंटर से पर्चा लेकर मरीज ओपीडी में डॉक्टरों के आने की राह देखते रहे।
महिला अस्पताल में इलाज कराने आईं लालगंज की सुनीता, बनकटी की जहीरुन्निशां, जिला अस्पताल में ओरवाड़ा से आए रामलखन, आठ साल की गुड़िया आदि ने कहा कि इलाज के लिए वे लोग अस्पताल में आए थे। लेकिन पर्चा कटने के बाद पता चला कि डॉक्टर लोग हड़ताल पर हैं। मजबूरन बैठकर उनके आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
पीएमएस के महामंत्री और जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ वीके यादव ने कहा कि पुलिस अपना काम कर आरोपियों की गिरफ्तारी का अपना वादा पूरा करे, हम तत्काल अपना विरोध बंद कर देंगे। डॉक्टर व अन्य स्टाफ की सुरक्षा भी तो पुलिस को करनी चाहिए।
वहीं प्रमुख अधीक्षक डॉ आरकेश ने कहा कि मजबूूरी में चिकित्सकों को कार्य बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा है। पुलिस की ओर से कार्रवाई की बात सार्वजनिक होने के बाद इसको समाप्त करा दिया जाएगा। विरोध जताने वाले डॉक्टरों में डॉ सुरेंद्र यादव, डॉ आलोक पांडेय, डॉ सीबीएन त्रिपाठी, डॉ मोहिबुल्लाह, डॉ अवधेश चौबे, डॉ अनिल कुमार, डॉ अरुण कुमार, डॉ रमेश चंद्रा, डॉ गौरव सचान, डॉ सरफराज, डॉ जीएम शुक्ला, डॉ अलका शुक्ला, डॉ ममता रानी, डॉ सीमा चौधरी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सक शामिल रहे।