{"_id":"5755c47e4f1c1bc03e9c537f","slug":"district-of-low-voltage-shock","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले को लो वोल्टेज का झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले को लो वोल्टेज का झटका
अमर उजाला बस्ती
Updated Tue, 07 Jun 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
खराब पड़ा ट्रांसफार्मर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गर्मी में बढ़ी बिजली की मांग के सापेक्ष आपूर्ति नहीं मिल पाने से शहरियों की मुसीबत ज्यादा बढ़ गई है। लो वोल्टेज के चलते कूलर, पंख रेंग रहे हैं तो फ्रिज भी काम करना बंद कर दिया है। चीफ इंजीनियर का कहना है कि उपभोक्ता अपने निर्धारित भार से अधिक खर्च कर रहे हैं जो लो वोल्टेज का बड़ा कारण है।
शहर ही नहीं पूरा जिला पिछले चार दिनों से बिजली कटौती का दंश झेल रहा है। चीफ इंजीनियर पीसी गुप्ता के मुताबिक जिले के लिए इस समय मांग 28 मिलियन यूनिट प्रतिमाह की है जबकि उपलब्धता केवल 24 से 26 मिलियन यूनिट ही मिल पा रही है। दूसरे जिन्होंने दो किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है वे पांच किलोवाट के हिसाब से खर्च कर रहे हैं। इन्हीं कारणों से लो वोल्टेज की समस्या गंभीर हुई है। ओवर लोड के चलते ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं।
शहर के सिविल लाइंस, रोडवेज, गांधीनगर, रौता, कटरा और पुरानी बस्ती क्षेत्रों में लोग रात में छत पर टहलते नजर आते हैं। गर्मी की छुट्टियां होने से बच्चे घर में टीवी और कंप्यूटर पर काम करना चाहते हैं बाहर गर्मी और धूप के चलते निकलने नहीं पाते जिससे घर में उधम मचाते हैं। दूसरे सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को है इनके घर में कोई बीमार है।
विज्ञापन
पेय पदार्थों के दाम बढ़े
बिजली नहीं मिल पाने से ठंडा, कुल्फी, लस्सी, जूस, आइसक्रीम के दुकानदारों का खर्च बढ़ गया है। बर्फ से पेय पदार्थों को ठंडा रखने के कारण ग्राहकों से तीन से पांच रुपये अधिक मूल्य वसूले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बे की दुकानों में दाम को लेकर मारपीट तक की नौबत आ रही है।
रूधौली प्रतिनिधि के मुताबिक लो वोल्टेज और बिजली न रहने पर ठंडा बेचने वाले दुकानदार आइसबाक्स में बर्फ से ठंडा करने के बाद 12 रुपये वाली कोल्ड ड्रिंक को 15 रुपये, 35 रुपये वाली 40 रुपये में बेच रहे हैं।
इसी तरह सीएचसी रूधौली के प्रतिरक्षण अधिकारी अरुण प्रकाश ने बताया कि वैक्सीन को ठंडा रखने के लिए लगे उपकरणों का तापमान लो वोल्टेज या बिजली कट जाने पर जेनरेटर चला कर मेनटेन किया जाता है।
भानपुर क्षेत्र का बुराहाल
बिजली की समस्या को लेकर भानपुर तहसील क्षेत्र के दुकानदार भी परेशान हैं। कटौती के बाद लो वोल्टेज की वजह से शीतल पेय पदार्थों, मिठाइयों को सुरक्षित रखना बड़ी समस्या बन गई है। मशीनें ठीक ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं। कस्बे के राजेन्द्र प्रसाद मोदनवाल व राजेश गौड़ कहते हैं कि बिजली तो आती है लेकिन उसका पूरा लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। कहा कि इस समय गर्मी का मौसम है ऐसे में ठंडे की मांग ज्यादा है। ठंडा करने के लिए मशीन को आठ घटें की बिजली चाहिए जो लो वोल्टेज की वजह से पूरा नहीं हो पाती। जेनरेटर चलाना मजबूरी है।
भानपुर विद्युत उपकेंद्र से चार फीडरों को आपूर्ति दी जाती है। इसमें असनहरा, रामनगर विश्ववैंक, सोनहा और आमा है। सभी जगह लो वोल्टेज की समस्या बनी है। ओवर लोड के कारण छह ट्रांसफॉर्मर जलें हैं। जिनमें खेलकूद मंत्री रामकरन आर्य का गांव कलन्दर नगर के साथ असनहरी, पचासी एवं राजकीय नलकूप रामनगर और वाहिदचक का ट्रांसफॉर्मर शामिल है।
विज्ञापन
शहर ही नहीं पूरा जिला पिछले चार दिनों से बिजली कटौती का दंश झेल रहा है। चीफ इंजीनियर पीसी गुप्ता के मुताबिक जिले के लिए इस समय मांग 28 मिलियन यूनिट प्रतिमाह की है जबकि उपलब्धता केवल 24 से 26 मिलियन यूनिट ही मिल पा रही है। दूसरे जिन्होंने दो किलोवाट का कनेक्शन ले रखा है वे पांच किलोवाट के हिसाब से खर्च कर रहे हैं। इन्हीं कारणों से लो वोल्टेज की समस्या गंभीर हुई है। ओवर लोड के चलते ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं।
विज्ञापन
शहर के सिविल लाइंस, रोडवेज, गांधीनगर, रौता, कटरा और पुरानी बस्ती क्षेत्रों में लोग रात में छत पर टहलते नजर आते हैं। गर्मी की छुट्टियां होने से बच्चे घर में टीवी और कंप्यूटर पर काम करना चाहते हैं बाहर गर्मी और धूप के चलते निकलने नहीं पाते जिससे घर में उधम मचाते हैं। दूसरे सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को है इनके घर में कोई बीमार है।
विज्ञापन
पेय पदार्थों के दाम बढ़े
बिजली नहीं मिल पाने से ठंडा, कुल्फी, लस्सी, जूस, आइसक्रीम के दुकानदारों का खर्च बढ़ गया है। बर्फ से पेय पदार्थों को ठंडा रखने के कारण ग्राहकों से तीन से पांच रुपये अधिक मूल्य वसूले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बे की दुकानों में दाम को लेकर मारपीट तक की नौबत आ रही है।
रूधौली प्रतिनिधि के मुताबिक लो वोल्टेज और बिजली न रहने पर ठंडा बेचने वाले दुकानदार आइसबाक्स में बर्फ से ठंडा करने के बाद 12 रुपये वाली कोल्ड ड्रिंक को 15 रुपये, 35 रुपये वाली 40 रुपये में बेच रहे हैं।
इसी तरह सीएचसी रूधौली के प्रतिरक्षण अधिकारी अरुण प्रकाश ने बताया कि वैक्सीन को ठंडा रखने के लिए लगे उपकरणों का तापमान लो वोल्टेज या बिजली कट जाने पर जेनरेटर चला कर मेनटेन किया जाता है।
भानपुर क्षेत्र का बुराहाल
बिजली की समस्या को लेकर भानपुर तहसील क्षेत्र के दुकानदार भी परेशान हैं। कटौती के बाद लो वोल्टेज की वजह से शीतल पेय पदार्थों, मिठाइयों को सुरक्षित रखना बड़ी समस्या बन गई है। मशीनें ठीक ढंग से काम नहीं कर पा रही हैं। कस्बे के राजेन्द्र प्रसाद मोदनवाल व राजेश गौड़ कहते हैं कि बिजली तो आती है लेकिन उसका पूरा लाभ उन्हें नहीं मिल पा रहा है। कहा कि इस समय गर्मी का मौसम है ऐसे में ठंडे की मांग ज्यादा है। ठंडा करने के लिए मशीन को आठ घटें की बिजली चाहिए जो लो वोल्टेज की वजह से पूरा नहीं हो पाती। जेनरेटर चलाना मजबूरी है।
भानपुर विद्युत उपकेंद्र से चार फीडरों को आपूर्ति दी जाती है। इसमें असनहरा, रामनगर विश्ववैंक, सोनहा और आमा है। सभी जगह लो वोल्टेज की समस्या बनी है। ओवर लोड के कारण छह ट्रांसफॉर्मर जलें हैं। जिनमें खेलकूद मंत्री रामकरन आर्य का गांव कलन्दर नगर के साथ असनहरी, पचासी एवं राजकीय नलकूप रामनगर और वाहिदचक का ट्रांसफॉर्मर शामिल है।