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Basti News: महाकुंभ में भटके श्रद्धालु घर पहुंचे... बोले-मिल गई नई जिंदगी

Sat, 01 Feb 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 01 Feb 2025 12:48 AM IST
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Devotees who got lost in Mahakumbh reached home... said - got new life
कपतानगंज के रतास गांव की महिला महाकुंभ में गायब होने के बाद सकुशल घर पहुंची- 
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान करने गए जिले के आठ श्रद्धालु लापता थे। इनमें से तीन शुक्रवार को सकुशल घर लौट आए। उनके घर आने के बाद परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
वापस लौटीं महिलाओं ने बताया कि वे प्रयागराज कई बार गईं हूं। मगर, इस बार का अनुभव काफी कड़वा रहा। सकुशल घर पहुंच गईं तो मानो नई जिंदगी मिल गई...। कप्तानगंज संवाद के मुताबिक, प्रयागराज महाकुंभ से गायब रतास गांव की शीला देवी (55) पत्नी महावीर चौधरी गांव की कुछ महिलाओं के साथ निजी साधन से स्नान के लिए गई थीं। बुधवार की दोपहर बाद से ही अपने साथियों से भीड़ के चलते बिछड़ गईं और उनके साथ गए लोगों ने उन्हें खोजने का काफी प्रयास किया।
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मगर, वह मिल नहीं पाईं। प्रयागराज में हुई भगदड़ और दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग काफी परेशान थे। बेटा रवि सहित पति महावीर चौधरी एवं बहू सभी लोग किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए थे। शीला देवी ने बताया कि 29 जनवरी की सुबह नौ बजे भगदड़ में एक गिर गई थी।
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साथ गए संजय ने उठाया पर उसके बाद वह गायब हो गईं। पुलिस ने एक जगह बैठाया, जब कुछ चेतना वापस हुई तो 50 किमी पैदल चलती रही। तभी महराजगंज जिले के एक आदमी ने सहयोग किया। उसके बाद मायके के बगल गांव कलवारी के रहने वाले एक सेवानिवृत्त शिक्षक के सहयोग से प्रयागराज से बस में बैठी तो कनैला मायके वालों के जरिये घर के लोगों को उनके सकुशल होने की सूचना मिली। शुक्रवार की दोपहर एक बजे घर पहुंची।
राजस्थान पहुंच गया था परिवार ः महादेवा। मेले में भीड़ के दबाव के कारण क्षेत्र के रामजी अपने परिवार के साथ भटक गए थे। भ्रम में पड़कर राजस्थान की ट्रेन में बैठकर सवाई माधो सिंह रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। उन्हें अपने घर का पता भी नहीं याद आ रहा था। मोबाइल नंबर याद आया तो रेलवे पुलिस को बताया। राजस्थान की रेलवे पुलिस ने उनके घर फोन कर सूचना दी।
रेलवे पुलिस द्वारा इन्हें गोरखपुर की ट्रेन पर बैठाया गया। परिवार के लोग बताते हैं कि रात में आ जाने की उम्मीद है। उधर, लालगंज थाने के देवमी गांव के राम चरित्र चौधरी की पत्नी शांति देवी पिकअप से प्रयागराज स्नान करने गई थीं। परिवार के लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रास्ते में रहीमाबाद तिराहा झूसी के पास से ही अचानक गायब हो गईं। शुक्रवार को वह वापस लौट आईं। इसी क्षेत्र के हटवा गांव की विमला और राधिका भी किसी तरह से शुक्रवार को वापस आ गईं। अमरडोभा गांव की माया शुक्ला भी सकुशल घर पहुंच गईं।

राधिका देवी ने बताया कि परिवार से बिछड़ने के बाद खोया-पाया शिविर में दो दिन तक रहीं। बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा था। तभी महुली संतकबीरनगर का एक व्यक्ति अपनी मां को ढूंढते हुए वहां पहुंचा और अपना परिचय बताया। तब मैंने कहा कि बेटा मुझे भी ले चलो, मैं भी बगल की रहने वाले हूं। उसने मुझे अपनी पहचान का बताकर अपने साथ ले आया। महुली लाकर महादेवा जाने वाली ऑटो पर बैठा दिया।
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