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डेेंगू से दंत चिकित्सक की मौत
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 05 Oct 2016 11:39 PM IST
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कस्बे में दंत चिकित्सक की डेेेेंगू से इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। जीवधरपुर गांव के रहने डॉक्टर मनोज कुमार कुछ दिन से तेज बुखार था। वह दवा खाकर काम चला रहे थे। अचानक मंगलवार को तबियत खराब हो गई। घर वालों के अनुसार मनोज को लखनऊ ले गए। जहां एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान रात में उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। बाद में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जिला अस्पताल व ओपेक चिकित्सालय कैली में डेंगू के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। मगर वहां कोई मरीज भर्ती नहीं होना चाहता है। प्रभारी एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. सीएन त्रिपाठी ने बताया कि डेेंगू का भय इतना ज्यादा है कि पॉजिटिव आने के बाद यहां कोई रुकना नहीं चाहता है। जबकि अलग से वार्ड की व्यवस्था है। अभी हाल कैली में दो डेंगू पीड़ित का इलाज बाद छुट्टी दे दी गई। सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था होने के बावजूद काफी मरीज प्राईवेट अस्पताल में सहारा ले रहे है।
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जिला अस्पताल व ओपेक चिकित्सालय कैली में डेंगू के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। मगर वहां कोई मरीज भर्ती नहीं होना चाहता है। प्रभारी एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. सीएन त्रिपाठी ने बताया कि डेेंगू का भय इतना ज्यादा है कि पॉजिटिव आने के बाद यहां कोई रुकना नहीं चाहता है। जबकि अलग से वार्ड की व्यवस्था है। अभी हाल कैली में दो डेंगू पीड़ित का इलाज बाद छुट्टी दे दी गई। सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था होने के बावजूद काफी मरीज प्राईवेट अस्पताल में सहारा ले रहे है।
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