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चौक से कर्बला तक की गई सजावट
basti
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:51 PM IST
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जुलूस निकालते अकीदतमंद।
- फोटो : amar ujala
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भानपुर। मुहर्रम को देखते हुए ताजियेदारों ने ताजियों के सजावट को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सोनहा थाना क्षेत्र के भोलापुर गांव में बनने वाले ताजियों को बनाने में जुटे कलाकारों ने ताजियों के साथ ही साथ चौक से लेकर कर्बला तक के रास्ते को भी गेट और हरे रंग के झंडे से सजाया है। एकता की मिसाल पेश कर मुस्लिम समुदाय के साथ हिंदू इस पर्व में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
इसके पीछे सूफी संप्रदाय से जुड़े अनुयायी मिनजानिब खान काह आलिया वारसिया भोलापुर के सदरे आला हसनैन शाह वारसी और गुलजार हुसैन शाह वारसी की विशेष अगुवाई मानी जा रही है। उनका कहना हैं कि सूफी संप्रदाय का मत हैैै कि जो राम है वही रब है। ऐसे में हमें सभी समुदायों का सहयोग मिल रहा है। बताया कि गांव में कुल सात चौक हैं जहां करीब दो दर्जन से अधिक ताजिये रखे जाते हैं। नौवीं की रात में जुलूस निकलता है, जिसे पूरे गांव में घुमाया जाता है। दसवीं के दिन चंदोखा में स्थित कर्बला पर मेले का आयोजन होता है, जिसमें भोलापुर, शंकरपुर, चकवाहिद, चंदोखा, सेखापुर व मचनहिया तक के ताजिया आते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों के साथ सीमावर्ती जनपद गोंडा और सिद्धार्थनगर के लोग भी इसमें शामिल होते हैं। मेले में किसी प्रकार की अशांति अथवा दुर्व्यवस्था न हो इसका विशेष ख्याल रखा जाता और मेले का नेतृत्व सूफी संत हसनैन शाह वारसी स्वयं करते हैं।
सोनहा के 12 स्थानों पर मुहर्रम का मेला
भानपुर। सोनहा थाना क्षेत्र के रामनगर, चन्दोखा, नौवागांव, सिसवाबजुर्ग, पिरैला नरहरिया, अड़वाघाट, सल्टौवा, देईडीहा मझौआ, लपसी, हसनापुर, रामपुर मुडरी, गौहनिया में स्थित कर्बला पर मेले का आयोजन होगा। जहां ताजियों को विभिन्न चौकों से लाकर दफन किया जाएगा। इस बाबत जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि थाना क्षेत्र के मेले की शांति व्यवस्था के लिए एक उपनिरीक्षक दो सिपाही और दो होम गार्ड तीन गाड़ियों से पूरे क्षेत्र में भ्रमणशील रहेगें। जबकि हर मेला स्थल पर दो सिपाही, चार होमगार्ड गांव के चौकीदार के साथ निगरानी में मुस्तैद रहेंगे।
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इसके पीछे सूफी संप्रदाय से जुड़े अनुयायी मिनजानिब खान काह आलिया वारसिया भोलापुर के सदरे आला हसनैन शाह वारसी और गुलजार हुसैन शाह वारसी की विशेष अगुवाई मानी जा रही है। उनका कहना हैं कि सूफी संप्रदाय का मत हैैै कि जो राम है वही रब है। ऐसे में हमें सभी समुदायों का सहयोग मिल रहा है। बताया कि गांव में कुल सात चौक हैं जहां करीब दो दर्जन से अधिक ताजिये रखे जाते हैं। नौवीं की रात में जुलूस निकलता है, जिसे पूरे गांव में घुमाया जाता है। दसवीं के दिन चंदोखा में स्थित कर्बला पर मेले का आयोजन होता है, जिसमें भोलापुर, शंकरपुर, चकवाहिद, चंदोखा, सेखापुर व मचनहिया तक के ताजिया आते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों के साथ सीमावर्ती जनपद गोंडा और सिद्धार्थनगर के लोग भी इसमें शामिल होते हैं। मेले में किसी प्रकार की अशांति अथवा दुर्व्यवस्था न हो इसका विशेष ख्याल रखा जाता और मेले का नेतृत्व सूफी संत हसनैन शाह वारसी स्वयं करते हैं।
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सोनहा के 12 स्थानों पर मुहर्रम का मेला
भानपुर। सोनहा थाना क्षेत्र के रामनगर, चन्दोखा, नौवागांव, सिसवाबजुर्ग, पिरैला नरहरिया, अड़वाघाट, सल्टौवा, देईडीहा मझौआ, लपसी, हसनापुर, रामपुर मुडरी, गौहनिया में स्थित कर्बला पर मेले का आयोजन होगा। जहां ताजियों को विभिन्न चौकों से लाकर दफन किया जाएगा। इस बाबत जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक सोनहा शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि थाना क्षेत्र के मेले की शांति व्यवस्था के लिए एक उपनिरीक्षक दो सिपाही और दो होम गार्ड तीन गाड़ियों से पूरे क्षेत्र में भ्रमणशील रहेगें। जबकि हर मेला स्थल पर दो सिपाही, चार होमगार्ड गांव के चौकीदार के साथ निगरानी में मुस्तैद रहेंगे।
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