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Basti News: सेना के पूर्व वायरलेस ऑपरेटर का फंदे से लटका मिला शव
Mon, 08 Apr 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 08 Apr 2024 12:12 AM IST
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सुबह टहलने के बाद नए घर में योगा करने गए थे राजेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया (बस्ती)। प्रात: भ्रमण करने निकले दुबौलिया क्षेत्र के सैनिया चौराहे के पास रहने वाले सेना के पूर्व वायरलेस ऑपरेटर का फंदे से लटका शव मिला। नाश्ता करने का इंतजार कर रहे बेटे ने आकर देखा तो नए घर के आंगन में रखे लोहे से नॉयलॉन की रस्सी के सहारे शव लटका रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए।
पारा गांव निवासी राजेंद्र उर्फ नरेंद्र सिंह का रामजानकी मार्ग स्थित सैनिया चौराहे पर भी मकान है। जहां वह मिठाई, खोया-पनीर की दुकान चलाते थे। पूरा परिवार भी रहता है। उस मकान से करीब 500 मीटर दूर सैनिया ऊंजी संपर्क मार्ग के पास एक नया मकान बनवाए हैं, जो खाली रहता है। रविवार सुबह वह प्रात: टहलने निकले और प्रतिदिन की तरह नए मकान पर योगा करने गए। परिवार के लोग उनका नाश्ता करने के लिए इंतजार कर रहे थे।
काफी देर बाद जब घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी उर्मिला सिंह फोन करने लगी। फोन न उठने पर वह नए मकान पर खोजने पहुंची। मकान का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने छोटे बेटे अजीत सिंह को बुलाया। अजीत सिंह ने सीढ़ी लगाकर लोहे के दरवाजे में ऊपर की तरफ खाली जगह से हाथ डालकर कुंडी खोला तो अंदर का दृष्य देखकर पैरों तले जमीन सरक गई।
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राजेंद्र सिंह का शव आंगन में लगे लोहे की पाइप से नॉयलॉन की रस्सी के सहारे लटका रहा था। बगल में रखी चारपाई पर मकान की चाबी व उनकी छड़ी पड़ी हुई थी। उनकी मौत पर गांव में मातम छाया है।
राजेंद्र सिंह थल सेना में वायरलेस ऑपरेटर के पद पर थे। सात वर्ष नौकरी करने के बाद इस्तीफा देकर कानपुर में मिठाई की दुकान खोल ली। वर्ष 2007 में वह दुकान बड़े बेटे को सौंपकर पारा गांव आ गए और सैनिया चौराहे पर मकान बनवाकर मिठाई की दुकान के साथ डेयरी खोल कर रहने लगे। सैनिया ऊंजी संपक मार्ग पर दुकान से 500 मीटर दूर एक दूसरा भी मकान बनवाया।
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चार-पांच दिन पहले खरीदकर लाए थे रस्सी
आर्थिक रूप से संपन्न राजेंद्र उर्फ नरेंद्र सिंह की रहस्यमय मौत के पीछे की वजह जानने को लेकर हर कोई उत्सुक दिखा। पुलिस भी कारण जानने के लिए परिवार व आसपास के लोगों से पूछताछ करती रही। मगर कोई पक्की वजह सामने नहीं आ सकी। बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिन से वह कुछ मानसिक रूप से परेशान थे। चार-पांच दिन पहले ही वह रस्सी खरीदकर लाए थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दुबौलिया (बस्ती)। प्रात: भ्रमण करने निकले दुबौलिया क्षेत्र के सैनिया चौराहे के पास रहने वाले सेना के पूर्व वायरलेस ऑपरेटर का फंदे से लटका शव मिला। नाश्ता करने का इंतजार कर रहे बेटे ने आकर देखा तो नए घर के आंगन में रखे लोहे से नॉयलॉन की रस्सी के सहारे शव लटका रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए।
पारा गांव निवासी राजेंद्र उर्फ नरेंद्र सिंह का रामजानकी मार्ग स्थित सैनिया चौराहे पर भी मकान है। जहां वह मिठाई, खोया-पनीर की दुकान चलाते थे। पूरा परिवार भी रहता है। उस मकान से करीब 500 मीटर दूर सैनिया ऊंजी संपर्क मार्ग के पास एक नया मकान बनवाए हैं, जो खाली रहता है। रविवार सुबह वह प्रात: टहलने निकले और प्रतिदिन की तरह नए मकान पर योगा करने गए। परिवार के लोग उनका नाश्ता करने के लिए इंतजार कर रहे थे।
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काफी देर बाद जब घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी उर्मिला सिंह फोन करने लगी। फोन न उठने पर वह नए मकान पर खोजने पहुंची। मकान का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज लगाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। उसके बाद उन्होंने छोटे बेटे अजीत सिंह को बुलाया। अजीत सिंह ने सीढ़ी लगाकर लोहे के दरवाजे में ऊपर की तरफ खाली जगह से हाथ डालकर कुंडी खोला तो अंदर का दृष्य देखकर पैरों तले जमीन सरक गई।
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राजेंद्र सिंह का शव आंगन में लगे लोहे की पाइप से नॉयलॉन की रस्सी के सहारे लटका रहा था। बगल में रखी चारपाई पर मकान की चाबी व उनकी छड़ी पड़ी हुई थी। उनकी मौत पर गांव में मातम छाया है।
राजेंद्र सिंह थल सेना में वायरलेस ऑपरेटर के पद पर थे। सात वर्ष नौकरी करने के बाद इस्तीफा देकर कानपुर में मिठाई की दुकान खोल ली। वर्ष 2007 में वह दुकान बड़े बेटे को सौंपकर पारा गांव आ गए और सैनिया चौराहे पर मकान बनवाकर मिठाई की दुकान के साथ डेयरी खोल कर रहने लगे। सैनिया ऊंजी संपक मार्ग पर दुकान से 500 मीटर दूर एक दूसरा भी मकान बनवाया।
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चार-पांच दिन पहले खरीदकर लाए थे रस्सी
आर्थिक रूप से संपन्न राजेंद्र उर्फ नरेंद्र सिंह की रहस्यमय मौत के पीछे की वजह जानने को लेकर हर कोई उत्सुक दिखा। पुलिस भी कारण जानने के लिए परिवार व आसपास के लोगों से पूछताछ करती रही। मगर कोई पक्की वजह सामने नहीं आ सकी। बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिन से वह कुछ मानसिक रूप से परेशान थे। चार-पांच दिन पहले ही वह रस्सी खरीदकर लाए थे।