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बाल अधिनियम के उल्लंघन में एसओ दुबौलिया से तलब
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बाल अधिनियम के उल्लंघन में एसओ दुबौलिया से तलब
बस्ती। सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के चेयरपर्सन प्रेरक मिश्रा ने बाल अधिनियम का उल्लंघन करने पर दुबौलिया थानाध्यक्ष को तलब करने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
शुक्रवार को जारी पत्र में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा तथा सदस्य मंजू त्रिपाठी, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, गोवर्धन गुप्ता की टीम ने कहा है कि बाल अधिनियम का पालन हर हाल में किया जाना चाहिए। थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी नाबालिग बालिका को बरामदगी के बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर न्याय पीठ के समक्ष पेश नहीं किया। जबकि बालिका को 24 घंटे के भीतर सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए था। पीड़ित के अनुसार उसे कई दिनों तक थाना परिसर में रखा गया था। बालिका को न्याय पीठ के समक्ष पेश करने आए विवेचक मान सिंह यादव से न्याय पीठ के सदस्यों ने बाल अधिनियम का हवाला देते हुए बालिका को विलम्ब से पेश करने के सवाल पर उन्होंने महिला सिपाही को जिम्मेदार ठहराते हुए खुद मामले से पल्ला झाड़ लिया। न्याय पीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी दुबौलिया को 16 फरवरी तक न्यायपीठ के सामने उपस्थित हो कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। कहा है कि ऐसा न करने की दशा में संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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बस्ती। सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) के चेयरपर्सन प्रेरक मिश्रा ने बाल अधिनियम का उल्लंघन करने पर दुबौलिया थानाध्यक्ष को तलब करने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
शुक्रवार को जारी पत्र में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा तथा सदस्य मंजू त्रिपाठी, डॉ. संतोष श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, गोवर्धन गुप्ता की टीम ने कहा है कि बाल अधिनियम का पालन हर हाल में किया जाना चाहिए। थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी नाबालिग बालिका को बरामदगी के बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर न्याय पीठ के समक्ष पेश नहीं किया। जबकि बालिका को 24 घंटे के भीतर सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए था। पीड़ित के अनुसार उसे कई दिनों तक थाना परिसर में रखा गया था। बालिका को न्याय पीठ के समक्ष पेश करने आए विवेचक मान सिंह यादव से न्याय पीठ के सदस्यों ने बाल अधिनियम का हवाला देते हुए बालिका को विलम्ब से पेश करने के सवाल पर उन्होंने महिला सिपाही को जिम्मेदार ठहराते हुए खुद मामले से पल्ला झाड़ लिया। न्याय पीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी दुबौलिया को 16 फरवरी तक न्यायपीठ के सामने उपस्थित हो कर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। कहा है कि ऐसा न करने की दशा में संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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