{"_id":"62e03e24c7e1e96dbe7d3354","slug":"cwc-demanded-rely-to-cms-basti-news-gkp4450530117","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला अस्पताल -स्पष्टीकरण तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला अस्पताल -स्पष्टीकरण तलब
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति ने सीएमएस से मांगा जवाब
बस्ती। न्याय पीठ, बाल कल्याण समिति के आदेश पर सवाल खड़ा करना महिला अस्पताल के सीएमएस वीके पांडेय को भारी पड़ा। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब किया है। मामला बुलंदशहर से भटककर बस्ती पहुंची एक नाबालिग बालिका के मेडिकल से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि बुलंदशहर से बस्ती भटककर पहुंची एक नाबालिग बालिका के मेडिकल परीक्षा का आदेश सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने चाइल्ड लाइन को दिया था। चाइल्ड लाइन के जिला को-ऑर्डिनेटर चंदन शर्मा व प्रियंका चौधरी 24 जुलाई को महिला अस्पताल बालिका का मेडिकल परीक्षण कराने पहुंचे तो चिकित्सक ने बताया कि बिना एफआईआर मेडिकल परीक्षण नहीं किया जाएगा। चाइल्ड लाइन कर्मियों ने अस्पताल में सीएमएस को पूरे मामले से अवगत कराया।
सीएमएस ने सीडब्ल्यूसी के आदेश को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि एफआईआर या न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बगैर मेडिकल परीक्षण नहीं किया जा सकता है। चाइल्ड लाइन कर्मी चंदन शर्मा के सीएमएस को अवगत कराया कि सीडब्ल्यूसी ने मेडिकल परीक्षण का आदेश दिया है। उन्हें प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का दर्जा प्राप्त है। तब भी सीएमएस ने सीडब्ल्यूसी के आदेश को नहीं माना। मौके पर पहुंचे सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने सीएमएस से मेडिकल कराने को कहा तो वे मुकर गए। इससे खफा सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने महिला चिकित्सक सहित सीएमएस को न्यायालय में तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। न्याय पीठ, बाल कल्याण समिति के आदेश पर सवाल खड़ा करना महिला अस्पताल के सीएमएस वीके पांडेय को भारी पड़ा। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा ने सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब किया है। मामला बुलंदशहर से भटककर बस्ती पहुंची एक नाबालिग बालिका के मेडिकल से जुड़ा हुआ है।
गौरतलब है कि बुलंदशहर से बस्ती भटककर पहुंची एक नाबालिग बालिका के मेडिकल परीक्षा का आदेश सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने चाइल्ड लाइन को दिया था। चाइल्ड लाइन के जिला को-ऑर्डिनेटर चंदन शर्मा व प्रियंका चौधरी 24 जुलाई को महिला अस्पताल बालिका का मेडिकल परीक्षण कराने पहुंचे तो चिकित्सक ने बताया कि बिना एफआईआर मेडिकल परीक्षण नहीं किया जाएगा। चाइल्ड लाइन कर्मियों ने अस्पताल में सीएमएस को पूरे मामले से अवगत कराया।
विज्ञापन
सीएमएस ने सीडब्ल्यूसी के आदेश को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि एफआईआर या न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बगैर मेडिकल परीक्षण नहीं किया जा सकता है। चाइल्ड लाइन कर्मी चंदन शर्मा के सीएमएस को अवगत कराया कि सीडब्ल्यूसी ने मेडिकल परीक्षण का आदेश दिया है। उन्हें प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का दर्जा प्राप्त है। तब भी सीएमएस ने सीडब्ल्यूसी के आदेश को नहीं माना। मौके पर पहुंचे सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने सीएमएस से मेडिकल कराने को कहा तो वे मुकर गए। इससे खफा सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने महिला चिकित्सक सहित सीएमएस को न्यायालय में तलब किया है।
विज्ञापन