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Basti News: संस्कृति बोध परियोजना व्यापीकरण जन जागरण अभियान शुरू
Wed, 02 Aug 2023 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 02 Aug 2023 11:50 PM IST
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विद्या मंदिर रामबाग में संस्कृत बोध परियोजना को संबोधित करते राजेश मिश्र।
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बस्ती। सरस्वती विद्या मंदिर रामबाग में बुधवार को संस्कृति बोध परियोजना व्यापीकरण जन जागरण अभियान का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्या मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अभय पाल एवं मुख्य अतिथि विद्यालय के अभिभावक राजेश मिश्र रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया।
प्रधानाचार्य ने मैकाले की शिक्षा नीति के प्रभाव का जिक्र करते हुए भारतीय संस्कृति के महत्व को बताया। संस्कृति बोध परियोजना, गोरक्ष प्रांत की सह संयोजिका एवं सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग की प्रधानाचार्य प्रियंका सिंह ने कार्यक्रम की प्रास्ताविकी प्रस्तुत की।
सरस्वती शिशु मंदिर रामबाग के छात्र हिमांशु शेखर मिश्र ने गीता पर आधारित काव्य पाठ कर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि राजेश मिश्र ने कहा कि विश्व में प्रत्येक देश अपनी संस्कृति, परंपराओं, जीवन मूल्यों, ज्ञान-विज्ञान एवं महापुरुषों के अनुभवों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भावी पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से सौंपने का प्रयास करता है।
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भारत की महान आध्यात्मिक संस्कृति, श्रेष्ठ परम्पराएं, जीवन मूल्य, महापुरुषों के आदर्श जीवन-चरित्र तथा यहां का ज्ञान-विज्ञान इस देश की ही नहीं, विश्व की अमूल्य-निधि माने जाते हैं, परंतु वर्तमान भारतीय शिक्षा पद्धति ने अपनी इस अप्रतिम राष्ट्रीय निधि को भावी पीढ़ी को सौंपना तो दूर रहा, उससे परिचित कराने का कार्य भी नहीं हो पा रहा है।
इसके चलते राष्ट्रीय स्वाभिमान-शून्यता एवं विदेशी संस्कृति के अंधानुकरण की प्रवृत्ति छात्रों में बढ़ रही है। विद्या मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अभय पाल ने कहा कि समाज को भारत, भारतीयता, अपने मान बिंदु, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों आदि का जन जागरण कराने के उद्देश्य से संस्कृति बोध परियोजना का महासंपर्क अभियान 01 अगस्त से 25 अगस्त तक चलेगा।
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग की बहनों ने शिव भजन पर नृत्य प्रस्तुत किया। आभार ज्ञापन सरस्वती शिशु मंदिर रामबाग के प्रधानाचार्य भानु प्रताप त्रिपाठी ने किया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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प्रधानाचार्य ने मैकाले की शिक्षा नीति के प्रभाव का जिक्र करते हुए भारतीय संस्कृति के महत्व को बताया। संस्कृति बोध परियोजना, गोरक्ष प्रांत की सह संयोजिका एवं सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग की प्रधानाचार्य प्रियंका सिंह ने कार्यक्रम की प्रास्ताविकी प्रस्तुत की।
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सरस्वती शिशु मंदिर रामबाग के छात्र हिमांशु शेखर मिश्र ने गीता पर आधारित काव्य पाठ कर सबका मन मोह लिया। मुख्य अतिथि राजेश मिश्र ने कहा कि विश्व में प्रत्येक देश अपनी संस्कृति, परंपराओं, जीवन मूल्यों, ज्ञान-विज्ञान एवं महापुरुषों के अनुभवों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भावी पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से सौंपने का प्रयास करता है।
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भारत की महान आध्यात्मिक संस्कृति, श्रेष्ठ परम्पराएं, जीवन मूल्य, महापुरुषों के आदर्श जीवन-चरित्र तथा यहां का ज्ञान-विज्ञान इस देश की ही नहीं, विश्व की अमूल्य-निधि माने जाते हैं, परंतु वर्तमान भारतीय शिक्षा पद्धति ने अपनी इस अप्रतिम राष्ट्रीय निधि को भावी पीढ़ी को सौंपना तो दूर रहा, उससे परिचित कराने का कार्य भी नहीं हो पा रहा है।
इसके चलते राष्ट्रीय स्वाभिमान-शून्यता एवं विदेशी संस्कृति के अंधानुकरण की प्रवृत्ति छात्रों में बढ़ रही है। विद्या मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष अभय पाल ने कहा कि समाज को भारत, भारतीयता, अपने मान बिंदु, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों आदि का जन जागरण कराने के उद्देश्य से संस्कृति बोध परियोजना का महासंपर्क अभियान 01 अगस्त से 25 अगस्त तक चलेगा।
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग की बहनों ने शिव भजन पर नृत्य प्रस्तुत किया। आभार ज्ञापन सरस्वती शिशु मंदिर रामबाग के प्रधानाचार्य भानु प्रताप त्रिपाठी ने किया। कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।