{"_id":"66c0dddb9b9f7ad1530139cf","slug":"crore-fraudster-arrested-in-ghaziabad-basti-news-c-207-1-sgkp1006-122266-2024-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: फर्जीवाड़ा कर स्क्रैप कारोबारियों से करोड़ों ठगने वाला गाजियाबाद में गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: फर्जीवाड़ा कर स्क्रैप कारोबारियों से करोड़ों ठगने वाला गाजियाबाद में गिरफ्तार
Sat, 17 Aug 2024 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 17 Aug 2024 10:58 PM IST
विज्ञापन
वाल्टरगंज व पुरानी बस्ती थाने में दर्ज हैं कमरुद्दीन पर ठगी का केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फर्जी ओएमयू दिखाकर वाल्टरगंज चीनी मिल का स्क्रैप बेचने के नाम पर पौने तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोपी कमरुद्दीन गाजियाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पैकोलिया क्षेत्र के पेड़रिया के रहने वाले कमरुद्दीन पर आरोप है कि उसने बंद हो चुकी वाल्टरगंज चीनी मिल पर मालिकाना हक बताकर कई प्रांत के स्क्रैप कारोबारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया है। स्क्रैप खरीदने वाली राजस्थान के भीलवाड़ा की कंपनी के प्रोपराइटर अजय कुमार मालू ने वाल्टरगंज थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया था। उस पर पुरानी बस्ती थाने में भी एक एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अजय कुमार मालू ने तहरीर में बताया है कि उन्हें मुंबई के मध्यस्थ के जरिये पता चला था कि बस्ती के वाल्टरगंज की चीनी मिल बंद हो चुकी है और उसका स्क्रैप बिक रहा है। पता चला कि जी मल्टी ट्रेडिंग एंड सर्विसेज के प्रोपराइटर कमरुद्दीन के नाम ओएमयू साइन हुआ है। तहरीर के मुताबिक कमरुद्दीन ने लखनऊ के मुंशी पुलिया के पास रजिस्टर्ड कार्यालय खोला और उसका एक नया कार्यालय हजरतगंज में भी है। जहां पर आरोपी ने मिल की तरफ से किया गया ओएमयू दिखाया और भरोसा दिलाया कि चीनी मिल का स्क्रैप व मशीनरी वह बेचने के लिए अधिकृत है।
इसके बाद 27 फरवरी से लेकर विभिन्न तिथियों में अग्रिम भुगतान के रूप में जी मल्टी ट्रेडिंग कंपनी सर्विसेज के खाते में 1.26 करोड़ रुपये भुगतान कर दिया। इसी तरह एक और एग्रीमेंट हुआ, जिसमें कंपनी के खाते में 1.52 करोड़ रुपये एडवांस दिए गए। अजय कुमार मालू के मुताबिक कुल 2.78 करोड़ रुपये एडवांस देने के बाद स्क्रैप उठाने के लिए एनओसी मांगने पर आरोपी आनाकानी करने लगा। उल्टे आरोप लगाने लगा कि गलत तरीके से मिल खरीद लिया गया। आरोप है कि रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगा था। बाद में उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई केस दर्ज हुए। उसी कड़ी में गाजियाबाद में दर्ज धोखाधड़ी के केस में पुलिस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फर्जी ओएमयू दिखाकर वाल्टरगंज चीनी मिल का स्क्रैप बेचने के नाम पर पौने तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोपी कमरुद्दीन गाजियाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पैकोलिया क्षेत्र के पेड़रिया के रहने वाले कमरुद्दीन पर आरोप है कि उसने बंद हो चुकी वाल्टरगंज चीनी मिल पर मालिकाना हक बताकर कई प्रांत के स्क्रैप कारोबारियों को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया है। स्क्रैप खरीदने वाली राजस्थान के भीलवाड़ा की कंपनी के प्रोपराइटर अजय कुमार मालू ने वाल्टरगंज थाने में तहरीर देकर केस दर्ज कराया था। उस पर पुरानी बस्ती थाने में भी एक एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अजय कुमार मालू ने तहरीर में बताया है कि उन्हें मुंबई के मध्यस्थ के जरिये पता चला था कि बस्ती के वाल्टरगंज की चीनी मिल बंद हो चुकी है और उसका स्क्रैप बिक रहा है। पता चला कि जी मल्टी ट्रेडिंग एंड सर्विसेज के प्रोपराइटर कमरुद्दीन के नाम ओएमयू साइन हुआ है। तहरीर के मुताबिक कमरुद्दीन ने लखनऊ के मुंशी पुलिया के पास रजिस्टर्ड कार्यालय खोला और उसका एक नया कार्यालय हजरतगंज में भी है। जहां पर आरोपी ने मिल की तरफ से किया गया ओएमयू दिखाया और भरोसा दिलाया कि चीनी मिल का स्क्रैप व मशीनरी वह बेचने के लिए अधिकृत है।
विज्ञापन
इसके बाद 27 फरवरी से लेकर विभिन्न तिथियों में अग्रिम भुगतान के रूप में जी मल्टी ट्रेडिंग कंपनी सर्विसेज के खाते में 1.26 करोड़ रुपये भुगतान कर दिया। इसी तरह एक और एग्रीमेंट हुआ, जिसमें कंपनी के खाते में 1.52 करोड़ रुपये एडवांस दिए गए। अजय कुमार मालू के मुताबिक कुल 2.78 करोड़ रुपये एडवांस देने के बाद स्क्रैप उठाने के लिए एनओसी मांगने पर आरोपी आनाकानी करने लगा। उल्टे आरोप लगाने लगा कि गलत तरीके से मिल खरीद लिया गया। आरोप है कि रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगा था। बाद में उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई केस दर्ज हुए। उसी कड़ी में गाजियाबाद में दर्ज धोखाधड़ी के केस में पुलिस ने शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन